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सीएम की घोषणाओं पर पंचायत व शिक्षा विभाग नहीं गंभीर: डीसी
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:46 AM IST
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विकास में खामियों और लेटलतीफी पर डीसी की लताड़
चरखी दादरी।
डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सीएम घोषणाओं, सीएम विंडो व सोशल मीडिया ग्रीवांस मदों और अन्य विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों के काम की समीक्षा की। इस दौरान डीसी ने मुख्यत: तीन मुद्दों पर अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। इस दौरान डीसी पंचायत विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से खफा नजर आए। उन्होेंने बैठक में शामिल होने से बचने वाले सिंचाई विभाग के एसई, एक्सईएन बौंद सहित दो अन्य अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिए हैं। इनके अलावा डीडीपीओ के लगातार कई बैठकों से नदारद रहने पर डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है। डीसी ने बैठक में जिले की कुछ प्रमुख समस्याओं के बारे में भी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। इन समस्याओं को प्रशासन सीएम के सामने उठाकर बड़े प्रोजेक्टों के सौगात की डिमांड कर सकता है। सीएम विंडो की शिकायतों के मामले में भी पंचायत विभाग टॉप पर है। सबसे अधिक शिकायतें पंचायत विभाग से संबंधित आ रही हैं और इनका निपटान भी समय पर नहीं हो रहा।
सबसे पहले डीसी ने नगर परिषद सचिव संजय यादव से सीएम घोषणाओं पर की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया। संजय यादव ने बताया कि सूबे के मुखिया ने विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ का बजट नगर परिषद को देने की घोषणा की थी। इसकी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, बस तकनीकी स्वीकृति मिलनी बाकी है। इस पर डीसी ने नगर परिषद सचिव को तुरंत प्रभाव से हेड ऑफिस तालमेल कर तकनीकी स्वीकृति तुरंत लेकर काम शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं, श्यामसर तालाब की घोषणा पर सचिव संजय यादव ने नक्शा आते ही टेंडर आगामी प्रक्रिया शुरू करने का तर्क दिया है। इस घोषणा को भी डीसी ने जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों से सीएम घोषणाओं बारे सवाल-जवाब किए। वो संतोषजनक तर्क डीसी के सामने नहीं दे पाए तो डीसी ने उनको लापरवाही पर लताड़ लगा दी। इस दौरान जब डीडीपीओ के बैठक में न आने की बात डीसी को पता चली तो उन्होंने कार्रवाई के लिए स्वयं प्रदेश सरकार को पत्र लिखने को कहा। उन्होंने पंचायती राज व खेल विभाग के अधिकारियों को गांव बलाली में एक करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले वातानुकूलित कुश्ती हॉल का कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए। वहीं अभियंता कुलवीर सिंह को गांव पालड़ी, चांगरोड़, रूदड़ौल, हंसावास खुर्द आदि दस गांवों मे खेल स्टेडियम और गांव छपार, फतेहगढ़ , रानीला, नरसिंहवास, खेड़ी बूरा, साहूवास व अटेला नया में व्यायाम शालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, मार्केटिंग बोर्ड, खाद्य एवं आपूर्ति, खनन, बिजली वितरण निगम से संबंधित विकास घोषणाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में नगराधीश अमरदीप सिंह, सुशासन सहयोगी प्रमोद रतूड़ी, बिजल निगम के अधीक्षक अभियंता एसएस सांगवान, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक डॉ. अनीता खरब, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी के एल शर्मा, कार्यकारी अभियंता उदयवीर, बौंद के नायब तहसीलदार महावीर सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
दोनों एसडीएम रखेंगे सीएम घोषणाओं पर लगातार नजर
डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने बाढड़ा एसडीएम सत्यवान मान को उपमंडल में महिला महाविद्यालय और स्नातक महाविद्यालय बनवाने के कार्य पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दादरी एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को निर्देश दिए कि वे शहर में 11 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनों का कार्य अपनी देखरेख में करवाएं। नगर पार्षदों की बैठक लेकर प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता अनुसार पाइप लाइन बिछवाने के निर्देश भी उन्होंने एसडीएम को जारी किए।
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शिक्षा विभाग की लापरवाही भी लगातार आ रही सामने
शिक्षा विभाग भी अपने कर्तव्यों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। पहले बाल संरक्षण आयोग टीम के औचक निरीक्षण में स्कूलों में भारी अनियमितताएं मिलने की बात सामने आई थी तो वहीं वीरवार को उपायुक्त की बैठक में भी इसकी एक और बानगी देखने को मिली। डीसी विजय कुमार सिदप्पा जिला शिक्षा अधिकारी व बीईओ के सीएम घोषणाओं में देरी पर दिए गए तर्क से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने तुरंत प्रभाव से इस पर काम शुरू कर पूरा करवाने के निर्देश दोनों अधिकारियों को दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने डीसी को जद से जल्द घोषणाओं पर काम शुरू करने का आश्वासन दिया।
सीएम खुद करेंगे अपनी घोषणाओं की समीक्षा
डीसी विजय कुमार सिदप्पा का कहना है कि दो सप्ताह के अंदर सीएम मनोहर लाल खट्टर जिले का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वो सीएम विंडो की शिकायतों, गत रैली में की की गई घोषणाओं की खुद समीक्षा करेंगे। डीसी का कहना है कि कुछ विभाग सीएम घोषणाओं पर गंभीर नहीं है। वहीं, कुछ अधिकारी भी बैठक में से लगातार नदारद रह रहे हैं। डीडीपीओ तो पिछली चार-पांच बैठकों में आए ही नहीं। उन्हें इनसे अवगत भी करवाया गया लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आया। इसलिए प्रदेश सरकार को उन पर कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने बताया कि सीएम मनोहर लाल के साथ टीसी गुप्ता भी आ सकते हैं।
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चरखी दादरी।
डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सीएम घोषणाओं, सीएम विंडो व सोशल मीडिया ग्रीवांस मदों और अन्य विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों के काम की समीक्षा की। इस दौरान डीसी ने मुख्यत: तीन मुद्दों पर अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। इस दौरान डीसी पंचायत विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से खफा नजर आए। उन्होेंने बैठक में शामिल होने से बचने वाले सिंचाई विभाग के एसई, एक्सईएन बौंद सहित दो अन्य अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिए हैं। इनके अलावा डीडीपीओ के लगातार कई बैठकों से नदारद रहने पर डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने प्रदेश सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है। डीसी ने बैठक में जिले की कुछ प्रमुख समस्याओं के बारे में भी अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। इन समस्याओं को प्रशासन सीएम के सामने उठाकर बड़े प्रोजेक्टों के सौगात की डिमांड कर सकता है। सीएम विंडो की शिकायतों के मामले में भी पंचायत विभाग टॉप पर है। सबसे अधिक शिकायतें पंचायत विभाग से संबंधित आ रही हैं और इनका निपटान भी समय पर नहीं हो रहा।
सबसे पहले डीसी ने नगर परिषद सचिव संजय यादव से सीएम घोषणाओं पर की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया। संजय यादव ने बताया कि सूबे के मुखिया ने विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ का बजट नगर परिषद को देने की घोषणा की थी। इसकी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है, बस तकनीकी स्वीकृति मिलनी बाकी है। इस पर डीसी ने नगर परिषद सचिव को तुरंत प्रभाव से हेड ऑफिस तालमेल कर तकनीकी स्वीकृति तुरंत लेकर काम शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं, श्यामसर तालाब की घोषणा पर सचिव संजय यादव ने नक्शा आते ही टेंडर आगामी प्रक्रिया शुरू करने का तर्क दिया है। इस घोषणा को भी डीसी ने जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों से सीएम घोषणाओं बारे सवाल-जवाब किए। वो संतोषजनक तर्क डीसी के सामने नहीं दे पाए तो डीसी ने उनको लापरवाही पर लताड़ लगा दी। इस दौरान जब डीडीपीओ के बैठक में न आने की बात डीसी को पता चली तो उन्होंने कार्रवाई के लिए स्वयं प्रदेश सरकार को पत्र लिखने को कहा। उन्होंने पंचायती राज व खेल विभाग के अधिकारियों को गांव बलाली में एक करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले वातानुकूलित कुश्ती हॉल का कार्य जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए। वहीं अभियंता कुलवीर सिंह को गांव पालड़ी, चांगरोड़, रूदड़ौल, हंसावास खुर्द आदि दस गांवों मे खेल स्टेडियम और गांव छपार, फतेहगढ़ , रानीला, नरसिंहवास, खेड़ी बूरा, साहूवास व अटेला नया में व्यायाम शालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, मार्केटिंग बोर्ड, खाद्य एवं आपूर्ति, खनन, बिजली वितरण निगम से संबंधित विकास घोषणाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में नगराधीश अमरदीप सिंह, सुशासन सहयोगी प्रमोद रतूड़ी, बिजल निगम के अधीक्षक अभियंता एसएस सांगवान, जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक डॉ. अनीता खरब, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी के एल शर्मा, कार्यकारी अभियंता उदयवीर, बौंद के नायब तहसीलदार महावीर सिंह, नायब तहसीलदार मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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दोनों एसडीएम रखेंगे सीएम घोषणाओं पर लगातार नजर
डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने बाढड़ा एसडीएम सत्यवान मान को उपमंडल में महिला महाविद्यालय और स्नातक महाविद्यालय बनवाने के कार्य पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दादरी एसडीएम ओमप्रकाश देवराला को निर्देश दिए कि वे शहर में 11 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई जा रही पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनों का कार्य अपनी देखरेख में करवाएं। नगर पार्षदों की बैठक लेकर प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता अनुसार पाइप लाइन बिछवाने के निर्देश भी उन्होंने एसडीएम को जारी किए।
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शिक्षा विभाग भी अपने कर्तव्यों को लेकर कतई गंभीर नहीं है। पहले बाल संरक्षण आयोग टीम के औचक निरीक्षण में स्कूलों में भारी अनियमितताएं मिलने की बात सामने आई थी तो वहीं वीरवार को उपायुक्त की बैठक में भी इसकी एक और बानगी देखने को मिली। डीसी विजय कुमार सिदप्पा जिला शिक्षा अधिकारी व बीईओ के सीएम घोषणाओं में देरी पर दिए गए तर्क से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने तुरंत प्रभाव से इस पर काम शुरू कर पूरा करवाने के निर्देश दोनों अधिकारियों को दिए। इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने डीसी को जद से जल्द घोषणाओं पर काम शुरू करने का आश्वासन दिया।
सीएम खुद करेंगे अपनी घोषणाओं की समीक्षा
डीसी विजय कुमार सिदप्पा का कहना है कि दो सप्ताह के अंदर सीएम मनोहर लाल खट्टर जिले का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वो सीएम विंडो की शिकायतों, गत रैली में की की गई घोषणाओं की खुद समीक्षा करेंगे। डीसी का कहना है कि कुछ विभाग सीएम घोषणाओं पर गंभीर नहीं है। वहीं, कुछ अधिकारी भी बैठक में से लगातार नदारद रह रहे हैं। डीडीपीओ तो पिछली चार-पांच बैठकों में आए ही नहीं। उन्हें इनसे अवगत भी करवाया गया लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आया। इसलिए प्रदेश सरकार को उन पर कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। डीसी विजय कुमार सिदप्पा ने बताया कि सीएम मनोहर लाल के साथ टीसी गुप्ता भी आ सकते हैं।