{"_id":"66e34388abc1dcba4b0b8da4","slug":"years-old-drinking-water-problem-not-solved-rewari-news-c-198-1-rew1001-209255-2024-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का नहीं हुआ समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का नहीं हुआ समाधान
Fri, 13 Sep 2024 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 13 Sep 2024 01:09 AM IST
विज्ञापन
फोटो: 1रेवाड़ी। पानी नहीं आने के कारण सूखी पड़ी जवाहर लाल नेहरू नहर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में पेयजल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। स्थिति यह है कि पांच वर्ष से पेयजल की राशनिंग हो रही है। दो दिन से लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। नहर में पानी आना बंद हो गया है। इसलिए पेयजल आपूर्ति बरकरार रखने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने राशनिंग शुरू कर दी है। भंडारित पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। अब विधानसभा में शहरवासी इस मुद्दे को उठाने लगे हैं।
पहले नहरी पानी का शेड्यूल 16-16 दिन का था। 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। पांच वर्ष से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन नहर बंद रहती है। 8 सितंबर को नहरी पानी आना बंद हुआ है। नहर में पानी कब आएगा, इसको लेकर अभी शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहरवासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके। इसलिए ही हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है।
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में घरों तक छोड़ा जाता है। कालाका में एक वाटर टैंक बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई जमीन देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर आ रही समस्या संज्ञान में है। इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाया गया है। इसके बाद भी भाजपा सरकार ने ध्यान नहीं दिया। 10 वर्ष में शहर की आबादी बढ़ी है। इसके हिसाब से एक अतिरिक्त वाटर स्टोरेज बनवाना चाहिए था लेकिन वाटर स्टोरेज के लिए जगह चिह्नित नहीं की जा सकी है। हमारी सरकार बनने पर अतिरिक्त वाटर स्टोरेज बनवाया जाएगा जिससे पेयजल संकट दूर होगा।- चिरंजीव राव, विधायक एवं प्रत्याशी, रेवाड़ी विधानसभा
-
शहर में पानी की किल्लत हमारी सरकार बनने के बाद दूर करवाई जाएगी। लोगों की अक्सर शिकायत रही है कि पानी समय पर नहीं मिल पाता है। सरकार बनने के बाद लोगों की यह शिकायत दूर करवाई जाएगी।- लक्ष्मण सिंह यादव, बीजेपी प्रत्याशी, रेवाड़ी विधानसभा।
विज्ञापन
रेवाड़ी। शहर में पेयजल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। स्थिति यह है कि पांच वर्ष से पेयजल की राशनिंग हो रही है। दो दिन से लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। नहर में पानी आना बंद हो गया है। इसलिए पेयजल आपूर्ति बरकरार रखने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने राशनिंग शुरू कर दी है। भंडारित पानी की आपूर्ति की जा रही है। यह सिलसिला नहर में पानी आने तक जारी रहेगा। अब विधानसभा में शहरवासी इस मुद्दे को उठाने लगे हैं।
पहले नहरी पानी का शेड्यूल 16-16 दिन का था। 16 दिन नहर में पानी आता था और 16 दिन नहर बंद रहती थी। पांच वर्ष से शेड्यूल 16-24 का हो गया है। अब 16 दिन नहर में पानी आता है और 24 दिन नहर बंद रहती है। 8 सितंबर को नहरी पानी आना बंद हुआ है। नहर में पानी कब आएगा, इसको लेकर अभी शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास इतनी स्टोरेज क्षमता नहीं है कि शहरवासियों को हर दिन पेयजल सप्लाई दी जा सके। इसलिए ही हर माह पेयजल राशनिंग की जाती है।
विज्ञापन
शहर में पेयजल की आपूर्ति के लिए कालाका में 5 और लिसाना में तीन वाटर टैंक बनाए गए हैं। इन टैंकों में नहरी पानी को स्टोर किया जाता है। यहां पर पानी को एकत्रित कर उसे बूस्टिंग स्टेशनों के माध्यम से कॉलोनियों में घरों तक छोड़ा जाता है। कालाका में एक वाटर टैंक बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। जमीन नहीं मिलने के कारण वाटर टैंक का निर्माण नहीं हो पा रहा है। टैंक के लिए कम से 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। विभाग के लगातार प्रयास के बाद भी कोई जमीन देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
आबादी के हिसाब से स्टोरेज क्षमता कम
शहर में प्रतिदिन करीब 27.82 मिलियन लीटर पानी की खपत होती है। लिसाना वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 5.32 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। कालाका वाटर वर्क्स से प्रतिदिन 22.5 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। विभाग के शहर में 35 हजार के करीब रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं। इसके अलावा कई नई कॉलोनियों में काफी कनेक्शन किए जा चुके हैं, जो बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। विभाग की ओर से इन कनेक्शनों को भी नियमित किया जा रहा है। शहर की आबादी बढ़ने के साथ टैंकों की स्टोरेज क्षमता कम पड़ने लगी है।
शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर आ रही समस्या संज्ञान में है। इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाया गया है। इसके बाद भी भाजपा सरकार ने ध्यान नहीं दिया। 10 वर्ष में शहर की आबादी बढ़ी है। इसके हिसाब से एक अतिरिक्त वाटर स्टोरेज बनवाना चाहिए था लेकिन वाटर स्टोरेज के लिए जगह चिह्नित नहीं की जा सकी है। हमारी सरकार बनने पर अतिरिक्त वाटर स्टोरेज बनवाया जाएगा जिससे पेयजल संकट दूर होगा।- चिरंजीव राव, विधायक एवं प्रत्याशी, रेवाड़ी विधानसभा
-
शहर में पानी की किल्लत हमारी सरकार बनने के बाद दूर करवाई जाएगी। लोगों की अक्सर शिकायत रही है कि पानी समय पर नहीं मिल पाता है। सरकार बनने के बाद लोगों की यह शिकायत दूर करवाई जाएगी।- लक्ष्मण सिंह यादव, बीजेपी प्रत्याशी, रेवाड़ी विधानसभा।