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Rewari News: मोटर वाहन अधिनियम पर कार्यशाला का आयोजन
Sun, 18 Feb 2024 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 18 Feb 2024 01:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वर्षा जैन की अध्यक्षता शनिवार को जिला वैकल्पिक समाधान केंद्र में मोटर वाहन अधिनियम के सेक्शन 161 में दिए गए हिट और रन मामलों में मुआवजे के प्रावधान पर कार्यशाला हुई।
इसमें मुख्य वक्ता संजीव गौतम एडवोकेट रहे। मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वर्षा जैन ने बताया कि मोटर व्हीकल अधिनियम के सेक्शन 161 के द्वारा हिट और रन मामलों में मृत व्यक्ति के परिवार को सरकार द्वारा 2 लाख की सहायता प्रदान की जाती है तथा ग्रीवेंस हर्ट में 50 हजार तक की मुआवजा राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे हमें त्वरित न्याय मिलता है और इससे दोनों पक्ष का फायदा होता है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया की मध्यस्थता प्रक्रिया से ज्यादा से ज्यादा निपटारे किए जाएं। इस कार्यशाला में मेडिएटर कोसली बवाल व रेवाड़ी व लीगल एड डिफेंस काउंसिल, और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ता मौजूद रहे।
र संजीव गौतम ने बताया कि हिट और रन मामलों में यह जल्द न्याय दिलाने में सहायक होगा तथा उन्होंने बताया कि पीड़ित को समय पर मुआवजा मिल जाए इसके लिए सभी को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित को होने वाले नुकसान की भरपाई करना तो मुश्किल है लेकिन उसको मुवावजे के तौर पर मिलने वाले पैसों से सहारा जरूर दिया जा सकता है।
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रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वर्षा जैन की अध्यक्षता शनिवार को जिला वैकल्पिक समाधान केंद्र में मोटर वाहन अधिनियम के सेक्शन 161 में दिए गए हिट और रन मामलों में मुआवजे के प्रावधान पर कार्यशाला हुई।
इसमें मुख्य वक्ता संजीव गौतम एडवोकेट रहे। मुख्य न्यायाधीश दंडाधिकारी सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वर्षा जैन ने बताया कि मोटर व्हीकल अधिनियम के सेक्शन 161 के द्वारा हिट और रन मामलों में मृत व्यक्ति के परिवार को सरकार द्वारा 2 लाख की सहायता प्रदान की जाती है तथा ग्रीवेंस हर्ट में 50 हजार तक की मुआवजा राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे हमें त्वरित न्याय मिलता है और इससे दोनों पक्ष का फायदा होता है। उन्होंने सभी को प्रेरित किया की मध्यस्थता प्रक्रिया से ज्यादा से ज्यादा निपटारे किए जाएं। इस कार्यशाला में मेडिएटर कोसली बवाल व रेवाड़ी व लीगल एड डिफेंस काउंसिल, और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ता मौजूद रहे।
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र संजीव गौतम ने बताया कि हिट और रन मामलों में यह जल्द न्याय दिलाने में सहायक होगा तथा उन्होंने बताया कि पीड़ित को समय पर मुआवजा मिल जाए इसके लिए सभी को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि पीड़ित को होने वाले नुकसान की भरपाई करना तो मुश्किल है लेकिन उसको मुवावजे के तौर पर मिलने वाले पैसों से सहारा जरूर दिया जा सकता है।
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