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Rewari News: सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
Mon, 12 Oct 2026 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:32 PM IST
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पत्नी की मौत के बाद विलाप करता नरेंद्र यादव। स्रोत : वीडियो ग्रैब
रेवाड़ी। शहर के मोहल्ला संघी का बास निवासी पूनम की रविवार देर रात महाराजा अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद मौत हो गई। सुबह करीब नौ उसने बजे बेटी को जन्म दिया था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं, अस्पताल की डॉक्टर दीप्ति तनेजा ने लापरवाही से इंकार किया है। अस्पताल प्रबंधन ने मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया है।
पूनम की बहन काजल ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे डिलीवरी हुई थी। दोपहर करीब तीन बजे तक परिवार को उसकी हालत ठीक होने की जानकारी दी जाती रही। बाद में अस्पताल की ओर से बताया गया कि ब्लीडिंग नहीं रुक रही है और दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
काजल का आरोप है कि परिवार के सदस्य बार-बार स्थिति पूछते रहे लेकिन उन्हें गंभीर हालत के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। शाम करीब छह बजे पूनम को ऑक्सीजन लगाकर नीचे लाया गया और करीब आठ बजे परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।
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पूनम के पति नरेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि समय रहते गंभीर हालत की जानकारी मिलती तो वे उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने का प्रयास कर सकते थे। उन्होंने ऑपरेशन की प्रक्रिया और ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारणों की जांच कराने की मांग की।
डॉक्टर दीप्ति तनेजा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान मां और बच्ची दोनों स्वस्थ थीं। डिलीवरी के बाद पूनम की निगरानी की जा रही थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
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पूनम की बहन काजल ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे डिलीवरी हुई थी। दोपहर करीब तीन बजे तक परिवार को उसकी हालत ठीक होने की जानकारी दी जाती रही। बाद में अस्पताल की ओर से बताया गया कि ब्लीडिंग नहीं रुक रही है और दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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काजल का आरोप है कि परिवार के सदस्य बार-बार स्थिति पूछते रहे लेकिन उन्हें गंभीर हालत के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। शाम करीब छह बजे पूनम को ऑक्सीजन लगाकर नीचे लाया गया और करीब आठ बजे परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।
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पूनम के पति नरेंद्र यादव ने कहा कि उन्हें मुआवजा नहीं, बल्कि न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि समय रहते गंभीर हालत की जानकारी मिलती तो वे उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने का प्रयास कर सकते थे। उन्होंने ऑपरेशन की प्रक्रिया और ब्लीडिंग नहीं रुकने के कारणों की जांच कराने की मांग की।
डॉक्टर दीप्ति तनेजा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान मां और बच्ची दोनों स्वस्थ थीं। डिलीवरी के बाद पूनम की निगरानी की जा रही थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।