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Rewari News: मां कालरात्रि की पूजा कर की सुख-समृद्धि की कामना
Sat, 05 Apr 2025 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सप्तमी के दिन शुक्रवार को जिले के देवी मंदिरों में मां कालरात्रि की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया और नारियल, चुनरी चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन किया। मंदिरों में सुबह से देर शाम तक भजन, कीर्तन और आरती के कारण माहौल भक्तिमय बना हुआ है। कुछ श्रद्धालुओं ने कंजकों का पूजन कर उन्हें प्रसाद दिया। अन्य दिनों की अपेक्षा सप्तमी पर मंदिरों में अधिक भीड़ थी। शाम को मां मनसा देवी मंदिर, बाबड़ौली स्थित मंदिर, बड़ा तालाब स्थित देवी मां मंदिर, बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर आदि में भजन, कीर्तन व जागरण में देर शाम तक श्रद्धालु झूमे।
अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने का विधान है। मां दुर्गा के अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। माना जाता है कि मां अत्यंत शांत और सौम्य है। मां ने कठिन तपस्या करके गौर वर्ण प्राप्त किया था। इन्हें उज्वला स्वरूप महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया। नवरात्र के आठवें दिन को महाष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन कन्या पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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रेवाड़ी। सप्तमी के दिन शुक्रवार को जिले के देवी मंदिरों में मां कालरात्रि की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया और नारियल, चुनरी चढ़ाकर सुख समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को विभिन्न मंदिरों में दर्शन पूजन किया। मंदिरों में सुबह से देर शाम तक भजन, कीर्तन और आरती के कारण माहौल भक्तिमय बना हुआ है। कुछ श्रद्धालुओं ने कंजकों का पूजन कर उन्हें प्रसाद दिया। अन्य दिनों की अपेक्षा सप्तमी पर मंदिरों में अधिक भीड़ थी। शाम को मां मनसा देवी मंदिर, बाबड़ौली स्थित मंदिर, बड़ा तालाब स्थित देवी मां मंदिर, बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर आदि में भजन, कीर्तन व जागरण में देर शाम तक श्रद्धालु झूमे।
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अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा करने का विधान है। मां दुर्गा के अष्टम रूप श्री महागौरी हैं। माना जाता है कि मां अत्यंत शांत और सौम्य है। मां ने कठिन तपस्या करके गौर वर्ण प्राप्त किया था। इन्हें उज्वला स्वरूप महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया। नवरात्र के आठवें दिन को महाष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन कन्या पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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