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शराब ठेके का विरोध, नारेबाजी कर बंद करवाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:11 AM IST
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खंड खोल के गांव बास-बटोड़ी में ठेका हटाने की मांग को लेकर महिलाओं और पुरुषों ने रविवार को धरना देकर विरोध जताया। धरना स्थल पर बास- बटोड़ी के लोगों ने फैसला लिया है कि सोमवार को इस मामले में उपायुक्त से मिलेंगे। अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 10 लोग प्रतिदिन क्रमिक अनशन पर रहेंगे। धरना स्थल पर मौजूद भारी संख्या में लोगों ने कहा कि इस बार शराब का ठेका यहां नहीं खुलने दिया जाएगा।
सरपंच बटोड़ी रवीना यादव, सरपंच बास गुलशन कुमार, रूड़ाराम पंच, सूबेदार अनिरुद्ध यादव, सूबेदार हंसराज, सुल्हान सिंह पंच, रामकुमार, सूबेदार हंसराज, निहाल सिंह, राजेंद्र पंच, समाजसेवी रणजीत सिंह नंबरदार, महेश कुमार, शिवपाल, राजू, सतपाल, महेंद्र सिंह ने बताया कि शराब ठेके को हटाने की उनकी मांग बहुत पुरानी है। हर बार जिला प्रशासन के गलत रवैये के चलते यहां शराब का ठेका खोल दिया जाता है। महिलाओं ने कहा कि गांव में ठेका का शराब पीने से पहले ही 15-20 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार भी दोनों ग्राम पंचायतों ने शराब का ठेका नहीं खोलने का प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन को भेजा था, लेकिन फिर भी ग्रामीणों की अनदेखी हुई। शनिवार को जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि शराब ठेके का लाइसेंस इस बार भी बास-बटोड़ी को मिला है, तो सुबह ही ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ठेका बंद करवा दिया। अब शराब ठेकेदार भी जगह की तलाश कर रहा है, लेकिन जमीन देने वाला मालिक भी गांव से बुराई नहीं लेना चाहता है। धरना स्थल पर मौजिज सभी लोगों ने कहा कि सोमवार को जिला उपायुक्त से मिलेंगे। पांच दिन तक अनशन और धरना चलता रहेगा। अगर फिर भी प्रशासन ने उनकी अनदेखी की तो कठोर कदम उठाया जाएगा। इस बार किसी भी कीमत पर गांव के आसपास शराब ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा।
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सरपंच बटोड़ी रवीना यादव, सरपंच बास गुलशन कुमार, रूड़ाराम पंच, सूबेदार अनिरुद्ध यादव, सूबेदार हंसराज, सुल्हान सिंह पंच, रामकुमार, सूबेदार हंसराज, निहाल सिंह, राजेंद्र पंच, समाजसेवी रणजीत सिंह नंबरदार, महेश कुमार, शिवपाल, राजू, सतपाल, महेंद्र सिंह ने बताया कि शराब ठेके को हटाने की उनकी मांग बहुत पुरानी है। हर बार जिला प्रशासन के गलत रवैये के चलते यहां शराब का ठेका खोल दिया जाता है। महिलाओं ने कहा कि गांव में ठेका का शराब पीने से पहले ही 15-20 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार भी दोनों ग्राम पंचायतों ने शराब का ठेका नहीं खोलने का प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन को भेजा था, लेकिन फिर भी ग्रामीणों की अनदेखी हुई। शनिवार को जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि शराब ठेके का लाइसेंस इस बार भी बास-बटोड़ी को मिला है, तो सुबह ही ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ठेका बंद करवा दिया। अब शराब ठेकेदार भी जगह की तलाश कर रहा है, लेकिन जमीन देने वाला मालिक भी गांव से बुराई नहीं लेना चाहता है। धरना स्थल पर मौजिज सभी लोगों ने कहा कि सोमवार को जिला उपायुक्त से मिलेंगे। पांच दिन तक अनशन और धरना चलता रहेगा। अगर फिर भी प्रशासन ने उनकी अनदेखी की तो कठोर कदम उठाया जाएगा। इस बार किसी भी कीमत पर गांव के आसपास शराब ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा।
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