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जाति प्रमाण पत्र में मेघवाल शब्द का होगा इस्तेमाल : नायब सैनी
Mon, 24 Aug 2026 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:08 AM IST
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संबोधित करते। संवाद
बावल (रेवाड़ी)। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि भविष्य में जाति प्रमाण पत्र में मेघवाल शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए वह अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेजेंगे। मुख्यमंत्री ने रविवार को अनाज मंडी बावल में मेघवाल उत्थान समिति की ओर से आयोजित समस्त अनुसूचित जाति का समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में यह घोषणा की ।
इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। मेघवाल समिति की ओर से मुख्यमंत्री के सामने 10 मांगें रखी गईं थीं। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के साथ राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी प्रकार के भेदभाव, भय और अन्याय के लिए कोई स्थान न हो। महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के द्वार सभी के लिए खोले और विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उस विश्वास का उत्सव है कि प्रतिभा किसी जाति की मोहताज नहीं होती। अवसर किसी भेदभाव का मोहताज नहीं। शिक्षा, प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक समरसता का संगम आज हरियाणा में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी समाज की सच्ची प्रगति तभी है, जब गरीब का बच्चा भी बड़े सपने देखे। बेटी की पहचान उसकी प्रतिभा से और युवा की पहचान योग्यता व मेहनत से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है। नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों को 3,500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वालों को 7 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
9,090 विद्यार्थियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें और कक्षा पहली से आठवीं तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
उन्होंने कहा कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई, जिनमें 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे संस्थानों और 61 बच्चों का नीट में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं।
मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद वर्गों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जाती है और पिछले 11 वर्षों में इसके तहत 1,200 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। पिछले 18 माह में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख बहनों के खातों में 2,042 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं। योजना के विस्तार के लिए सितंबर माह में पंजीकरण पोर्टल खोला जाएगा, जिसमें 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की बहनें आवेदन कर सकेंगी। गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को 500 रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की योजना के तहत भी अब तक 300 करोड़ रुपये की राशि खातों में भेजी जा चुकी है।
11 वर्षों में बिना खर्ची-पर्ची के दो लाख युवाओं को मिलीं नौकरियां : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में बिना खर्ची-बिना पर्ची के दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है। आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना के माध्यम से 37 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 2042 करोड़ रुपये माताओं-बहनों के खातों में पहुंचाए गए हैं। अनुसूचित जाति के लोगों के लिए कानूनी सहायता योजना की राशि बढ़ाकर 22 हजार रुपये की गई है।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 411 युवा प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया। मेघवाल समिति की ओर से मुख्यमंत्री के सामने 10 मांगें रखी गईं थीं। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के साथ राव नरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी प्रकार के भेदभाव, भय और अन्याय के लिए कोई स्थान न हो। महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के द्वार सभी के लिए खोले और विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उस विश्वास का उत्सव है कि प्रतिभा किसी जाति की मोहताज नहीं होती। अवसर किसी भेदभाव का मोहताज नहीं। शिक्षा, प्रतिभा, परिश्रम और सामाजिक समरसता का संगम आज हरियाणा में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी समाज की सच्ची प्रगति तभी है, जब गरीब का बच्चा भी बड़े सपने देखे। बेटी की पहचान उसकी प्रतिभा से और युवा की पहचान योग्यता व मेहनत से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी बच्चे के सपनों में बाधा न बने। इसी उद्देश्य से 2.50 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग, डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8 से 12 हजार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को 2,500 से 13,500 रुपये तक शैक्षणिक भत्ता और अनिवार्य फीस की सुविधा दी जा रही है। नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों को 3,500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वालों को 7 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
9,090 विद्यार्थियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मुफ्त साइकिलें और कक्षा पहली से आठवीं तक के 4.02 लाख विद्यार्थियों को 44.18 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
उन्होंने कहा कि मिशन बुनियाद के तहत करीब 400 बच्चों को डिजिटल कोचिंग दी गई, जिनमें 272 बच्चों का चयन आईआईटी जैसे संस्थानों और 61 बच्चों का नीट में हुआ। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को मंच मिलता है तो वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाती हैं।
मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद वर्गों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। प्रदेश में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति परिवारों की बेटियों के विवाह पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जाती है और पिछले 11 वर्षों में इसके तहत 1,200 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। पिछले 18 माह में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 10 लाख बहनों के खातों में 2,042 करोड़ रुपये पहुंचाए गए हैं। योजना के विस्तार के लिए सितंबर माह में पंजीकरण पोर्टल खोला जाएगा, जिसमें 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों की बहनें आवेदन कर सकेंगी। गरीब परिवारों की माताओं-बहनों को 500 रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की योजना के तहत भी अब तक 300 करोड़ रुपये की राशि खातों में भेजी जा चुकी है।
11 वर्षों में बिना खर्ची-पर्ची के दो लाख युवाओं को मिलीं नौकरियां : सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में बिना खर्ची-बिना पर्ची के दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है। आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना के माध्यम से 37 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया है। लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 2042 करोड़ रुपये माताओं-बहनों के खातों में पहुंचाए गए हैं। अनुसूचित जाति के लोगों के लिए कानूनी सहायता योजना की राशि बढ़ाकर 22 हजार रुपये की गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संबोधित करते। संवाद

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संबोधित करते। संवाद