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जिले की तीनों मंडियों में गेहूं खरीद बंद, चार हजार किसान रह गए वंचित
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जिले की तीनों मंडियों में शुक्रवार से गेहूं की खरीद बंद कर दी गई है। ऐसे में गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले 16 हजार में से चार हजार किसान गेहूं बेचने से वंचित रह गए हैं।
बता दें कि रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में सरकारी खरीद चल रही थी। इस दौरान सरकार की ओर से तीनों मंडियों से करीब साल लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। रेवाड़ी में 2.33, बावल में 70 हजार व कोसली की मंडी में करीब 4.10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। वीरवार को तीनों मंडियों में 85 किसानों से 4920 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसके साथ ही मंडियों में गेहूं की फसल का उठान कार्य भी जारी है।
बता दें कि जिले में इस बार सरसों का भाव खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ज्यादा है। इसलिए किसान मंडी की बजाय सरसों को खुले बाजार में ही बेच रहे हैं। जिले में रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जा रही है। सभी मंडियों में किसानों के साथ-साथ उनके द्वारा पैदावार भरकर लाए गए वाहनों तक को सैनिटाइज किया जा रहा है।
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वीरवार को खरीदा 4920 क्विंटल गेहूं
वीरवार को तीनों मंडियों में 85 किसानों से 4920 क्विंटल गेेहूं की खरीद की गई, जिनमें रेवाड़ी में 53 किसानों से 2700 क्विंटल, बावल में 18 किसानों से 1350 क्विंटल व कोसली में 14 किसानों से 870 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
वर्जन
मंडियों में खरीद प्रक्रिया बेहद सामान्य गति से चल रही है। किसानों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जा रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए न केवल मास्क व सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, बल्कि जिन किसानों के पास मास्क नहीं होते, उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे थे। अधिकतर किसान अपनी उपज बेच चुके हैं, 16 हजार पंजीकृत किसानों में से करीब 12 हजार किसानों ने अपनी उपज बेची है। कुछ किसान खेत में ही अपना गेहूं बेच देते हैं। अब संख्या भी काफी कम रह गई थी। सरकार के आदेशों के अनुसार अब शुक्रवार से खरीद बंद कर दी गई है।
-सत्यप्रकाश, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।
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बता दें कि रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में सरकारी खरीद चल रही थी। इस दौरान सरकार की ओर से तीनों मंडियों से करीब साल लाख 10 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। रेवाड़ी में 2.33, बावल में 70 हजार व कोसली की मंडी में करीब 4.10 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। वीरवार को तीनों मंडियों में 85 किसानों से 4920 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इसके साथ ही मंडियों में गेहूं की फसल का उठान कार्य भी जारी है।
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बता दें कि जिले में इस बार सरसों का भाव खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ज्यादा है। इसलिए किसान मंडी की बजाय सरसों को खुले बाजार में ही बेच रहे हैं। जिले में रेवाड़ी, बावल व कोसली की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद की जा रही है। सभी मंडियों में किसानों के साथ-साथ उनके द्वारा पैदावार भरकर लाए गए वाहनों तक को सैनिटाइज किया जा रहा है।
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वीरवार को खरीदा 4920 क्विंटल गेहूं
वीरवार को तीनों मंडियों में 85 किसानों से 4920 क्विंटल गेेहूं की खरीद की गई, जिनमें रेवाड़ी में 53 किसानों से 2700 क्विंटल, बावल में 18 किसानों से 1350 क्विंटल व कोसली में 14 किसानों से 870 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई।
वर्जन
मंडियों में खरीद प्रक्रिया बेहद सामान्य गति से चल रही है। किसानों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जा रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए न केवल मास्क व सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, बल्कि जिन किसानों के पास मास्क नहीं होते, उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे थे। अधिकतर किसान अपनी उपज बेच चुके हैं, 16 हजार पंजीकृत किसानों में से करीब 12 हजार किसानों ने अपनी उपज बेची है। कुछ किसान खेत में ही अपना गेहूं बेच देते हैं। अब संख्या भी काफी कम रह गई थी। सरकार के आदेशों के अनुसार अब शुक्रवार से खरीद बंद कर दी गई है।
-सत्यप्रकाश, सचिव मार्केट कमेटी रेवाड़ी।