फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Waste lying in Ramsinghpura dumping yard will be disposed of at a cost of Rs 24.23 crore.

Rewari News: रामसिंहपुरा डंपिंग यार्ड में पड़े कचरे का 24.23 करोड़ से होगा निस्तारण

Sat, 07 Sep 2024 03:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 07 Sep 2024 03:39 AM IST
विज्ञापन
Waste lying in Ramsinghpura dumping yard will be disposed of at a cost of Rs 24.23 crore.
फोटो: 27रेवाड़ी। बावल में हाईवे ​स्थित रामसिंहपुरा गांव में कूड़ा निस्तारण प्लांट। स्रोत: ग्र
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे-48 स्थित रामसिंहपुरा डंपिंग यार्ड में पड़े कई टन कचरे का निस्तारण 24.23 करोड़ रुपये से होगा। नगर परिषद ने मार्च में एस्टीमेट बनाकर फाइल स्वीकृति के लिए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को भेजी थी। प्रदेश सरकार से मंजूरी के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रामसिंहपुरा डंपिंग यार्ड में रेवाड़ी शहर का ही नहीं बल्कि मानेसर से कचरा लाकर डाला गया है। यहां नारनौल, अटेली, धारूहेड़ा, बावल, महेंद्रगढ़ से कूड़ा आता है जिससे यहां कूड़े का पहाड़ बन गया है। रामसिंहपुरा में नगर परिषद की जमीन है। यहां अगस्त 2023 में नई फर्म को टेंडर दिया गया था। इसके अनुसार कूड़ा कलेक्शन और इसकी प्रोसेसिंग का कार्य इसी फर्म का है। इसके लिए फर्म ने ट्रॉमेल मशीन लगाई है जिससे कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। पहले शहर का कूड़ा नप के एमआरएफ सेंटर आदि डंपिंग यार्ड पर एकत्र कर रामसिंहपुरा भेजा जा रहा है। यहां ट्रॉमेल से प्रोसेस के बाद सीएनडी वेस्ट यानी पत्थर, मिट्टी, रिसाइकल वेस्ट यानी प्लास्टिक बॉटल व शूज, पन्नी और कपड़ा आदि अलग किया जा रहा है। शहर से रोज निकल रहे कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी मौजूदा ठेकेदार की है जबकि पुराने ढेर को निस्तारण करने के लिए नया टेंडर किया गया है।
विज्ञापन

सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से कराई गई गणना में यहां 2 लाख 85 हजार टन से अधिक का कचरा मिला था।
विज्ञापन
विज्ञापन




समय पर नहीं हुआ निस्तारण

रामसिंहपुरा में पहले बावल व धारूहेड़ा नगर निकाय क्षेत्रों का कूड़ा डालने के लिए यार्ड बनाया गया था। बाद में धारूहेड़ा व बावल के लिए अलग टेंडर किए गए, ताकि सभी रामसिंहपुरा पर निर्भर न रहें। यहां रेवाड़ी के शहरी क्षेत्र के साथ ही मानेसर व एचएसआईआईडीसी तक का कूड़ा डाला गया है। यहां निस्तारण का काम साथ-साथ होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बिना निस्तारण की व्यवस्था के कचरा डालने से यहां कचरे का पहाड़ सा बना गया है। इससे डंपिंग यार्ड फुल हो गया। हालात ये थे कि अगस्त 2023 में डोर-टू डोर के नए टेंडर किए गए तो उन्हें निस्तारण प्लांट लगाने के लिए 4 एकड़ जगह बनाने में कई दिन लग गए।


कूड़े को लेकर पिछले वर्ष हुई थी महापंचायत

अगस्त 2023 को गांव रामसिंहपुरा के समीप बनाए गए डंपिंग यार्ड को लेकर लोग 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने रामसिंहपुरा स्थित मंदिर में महापंचायत की थी। कूड़े से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों का जीना दूभर हो रहा है। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध के बाद बीते सात अगस्त को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंच जनसुनवाई की थी। एडवोकेट चौधरी चरण सिंह ने कहा कि रेवाड़ी से लेकर गुरुग्राम-मानेसर तक का कचरा लाकर रामसिंहपुरा में डाला जाता रहा है, कई बार अधिकारियों को इसको यहां से स्थानांतरित करने को लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं।




-
वर्जन :

रामसिंहपुरा डंपिंग साइट पर कचरे के निस्तारण को लेकर 24.23 करोड़ के एस्टीमेट के साथ केस बनाकर मुख्यालय भेजा गया था। कचरे के निस्तारण के लिए टेंडर लगाया गया है।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed