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नप पहुंची विजिलेंस टीम, सीसीटीवी फुटेज ले गई अपने साथ

Wed, 06 Apr 2022 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 06 Apr 2022 11:48 PM IST
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Vigilance team reached NAP, took CCTV footage with them
रेवाड़ी। नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनडीसी) की फाइल को पास करने के एवज में लाखों रुपये मांगने की शिकायत के बाद विजिलेंस गुरुग्राम की ओर से तीन अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में सुबूत जुटाने के लिए बुधवार को विजिलेंस की टीम नगर परिषद (नप) पहुंची। इस दौरान टीम ने यहां से सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुबूतों अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही कार्रवाई पूरी करके लौट गई।
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पहली अप्रैल को विजिलेंस गुरुग्राम ने नप ईओ अभय सिंह, एमई सोहन और जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ नंदलाल के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले में राज्य सतर्कता ब्यूरो को शहर के कालका रोड स्थित विकास नगर निवासी जगदीश ने शिकायत भेजी थी, जिसमें उनके चाचा रविंद्र ने अपने बेटे के नाम लिए प्लाट की मलकियत परिवर्तन अनुमति यानी टीपी के लिए दिसंबर 2021 में आवेदन किया। इसके लिए उन्हें नगर परिषद से एनडीसी की जरूरत थी। उन्होंने नगर परिषद के बाहर एक सीएससी से ऑनलाइन आवेदन किया, मगर कोई जवाब नहीं आया। आरोप है कि एनडीसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले व्यक्ति ने यह काम कराने के लिए 20 हजार की मांग की, तब उसको शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये दे दिए थे, जो काम नहीं होने पर वापस मिल गए। शिकायतकर्ता के अनुसार वे नगर परिषद के पटवारी से मिले तो उसने 5 हजार मांगे, तब उसे इन्होंने 1 हजार रुपये दे दिए। कुछ दिन बाद इन्होंने जब रजिस्टर देखा तो उनकी फाइल जेई के बाद एमई, सचिव और ईओ के पास जा चुकी थी, मगर काम फिर भी नहीं हुआ। इस पर वे वह ईओ अभे सिंह से मिले। उक्त अधिकारी ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए फाइल अस्वीकार कर दी।
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नप के एमई के खिलाफ दो लाख मांगने की शिकायत
शिकायतकर्ता जगदीश ने अपनी संपत्ति पहचान दस्तावेज की जांच की तो उसमें 1 हजार वर्ग गज प्लॉट का रकबा दर्ज मिला, जबकि उनके दो प्लाटों का कुल रकबा 1044 वर्ग गज था। 24 जनवरी 2022 को उसने संपत्ति पहचान दस्तावेज का रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए फाइल लगाई। जगदीश के बयान के अनुसार एमई सोहन ने 2 लाख रुपये में काम हो जाने की बात कहकर घर बुलाया था। घर पर अधिकारी के पिता नंदलाल मिले। आरोप है कि उन्होंने नंदलाल को 2 लाख रुपये में डील हो जाने की बात बताई। नंदलाल ने एमई सोहन से फोन पर बात की और जगदीश का काम करने को कहा। इसकी रिकॉर्डिंग विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी गई है। मामले में केस दर्ज किया गया है।
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अब पुरानी की जगह नई हार्डडिस्क
नप की जानकारी यानि सीसीटीवी फुटेज अब नई हार्डडिस्क में रिकार्ड होगी। क्योंकि, पुरानी हार्डडिस्क विजिलेंस टीम अपने साथ ले गयी है। लिहाजा, उसकी जगह अब नई हार्डडिस्क लगा दी गयी है।
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