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Rewari News: पांच माह में हुईं 31743 जांचों में अल्ट्रासाउंड सिर्फ 8.69 फीसदी
Thu, 25 Jun 2026 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:43 PM IST
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सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। जिला नागरिक अस्पताल में जनवरी से मई के बीच कुल 31,743 जांचें हुईं जिनमें 2,757 अल्ट्रासाउंड, 1,463 सीटी स्कैन और 27,523 एक्स-रे शामिल हैं। कुल 31,743 रेडियोलॉजिकल जांचों में 86.7% एक्स-रे हुए हैं। अल्ट्रासाउंड जांच सिर्फ 8.69% हुई जबकि सबसे अधिक मांग अल्ट्रासाउंड जांच ही है। सीटी स्कैन 4.61% हुए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में जांच होने के बाद भी अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत हैं। इसके कारण सामान्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी में 552 अल्ट्रासाउंड, 245 सीटी स्कैन और 4,573 एक्स-रे किए गए। फरवरी में अल्ट्रासाउंड की संख्या बढ़कर 572 हो गई, जबकि 270 सीटी स्कैन और 5,383 एक्स-रे किए गए। मार्च में अल्ट्रासाउंड की संख्या घटकर 385 रही, लेकिन एक्स-रे की संख्या 5,591 तक पहुंच गई।
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अप्रैल और मई में जांचों का दबाव और बढ़ गया। अप्रैल में 615 अल्ट्रासाउंड, 340 सीटी स्कैन और 5,783 एक्स-रे किए गए, जबकि मई में सर्वाधिक 633 अल्ट्रासाउंड, 341 सीटी स्कैन और 6,193 एक्स-रे दर्ज किए गए। पांच माह में हर महीने औसतन 551 अल्ट्रासाउंड, 293 सीटी स्कैन और 5,504 एक्स-रे किए गए।
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रेडियोलॉजी विभाग की ये है स्थिति
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें और एक सीटी स्कैन मशीन है। रेडियोलॉजी विभाग का कार्यभार एक रेडियोलॉजिस्ट संभाल रहे हैं। उनको अल्ट्रासाउंड करने के सीटी स्कैन और हजारों एक्स-रे की रिपोर्टिंग भी करनी पड़ती है। दूसरे रेडियोलॉजिस्ट प्रतिनियुक्ति पर हैं। जिन्हें तत्काल अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, उन्हें तुरंत लाभ दिया जाता है। जिन्हें तुरंत अल्ट्रासाउंड की जरूरत नहीं होती है, उन्हें तारीख दी जाती है।
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इन मरीजों की तय की जाती है प्राथमिकता
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि यदि इनमें से केवल 10 प्रतिशत मरीजों को भी अल्ट्रासाउंड की जरूरत हो तो प्रतिदिन करीब 200 अल्ट्रासाउंड जांचों की मांग बनती है। जबकि उपलब्ध मानव संसाधनों के साथ इतनी बड़ी संख्या में जांचें उसी दिन करना संभव नहीं है। यही कारण है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों की प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं, भर्ती मरीजों और आपातकालीन मामलों को पहले जांच सुविधा दी जाती है। सामान्य ओपीडी मरीजों को जांच के लिए निर्धारित तिथि दी जाती है, जिसके चलते कई बार उन्हें महीनों तक इंतजार करना पड़ता है।
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पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बढ़ते मरीज भार को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जरूरी हो गई है। साथ ही अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सकेगी और लंबी प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी।
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नागरिक अस्पताल में जनवरी से मई तक हुई जांच:
माह अल्ट्रासाउंड-- सीटी स्कैन-- एक्स-रे--
जनवरी 552-- 245-- 4,573--
फरवरी 572-- 270-- 5,383
मार्च 385-- 267-- 5,591
अप्रैल 615-- 340-- 5,783
मई 633-- 341-- 6,193
कुल 2,757 1,463 27,523
वर्जन
अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवा को पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सकेगी और लंबी प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी।-डॉ. सुरेंद्र यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल रेवाड़ी।
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इतनी बड़ी संख्या में जांच होने के बाद भी अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट कार्यरत हैं। इसके कारण सामान्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक जनवरी में 552 अल्ट्रासाउंड, 245 सीटी स्कैन और 4,573 एक्स-रे किए गए। फरवरी में अल्ट्रासाउंड की संख्या बढ़कर 572 हो गई, जबकि 270 सीटी स्कैन और 5,383 एक्स-रे किए गए। मार्च में अल्ट्रासाउंड की संख्या घटकर 385 रही, लेकिन एक्स-रे की संख्या 5,591 तक पहुंच गई।
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अप्रैल और मई में जांचों का दबाव और बढ़ गया। अप्रैल में 615 अल्ट्रासाउंड, 340 सीटी स्कैन और 5,783 एक्स-रे किए गए, जबकि मई में सर्वाधिक 633 अल्ट्रासाउंड, 341 सीटी स्कैन और 6,193 एक्स-रे दर्ज किए गए। पांच माह में हर महीने औसतन 551 अल्ट्रासाउंड, 293 सीटी स्कैन और 5,504 एक्स-रे किए गए।
रेडियोलॉजी विभाग की ये है स्थिति
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अस्पताल में दो अल्ट्रासाउंड मशीनें और एक सीटी स्कैन मशीन है। रेडियोलॉजी विभाग का कार्यभार एक रेडियोलॉजिस्ट संभाल रहे हैं। उनको अल्ट्रासाउंड करने के सीटी स्कैन और हजारों एक्स-रे की रिपोर्टिंग भी करनी पड़ती है। दूसरे रेडियोलॉजिस्ट प्रतिनियुक्ति पर हैं। जिन्हें तत्काल अल्ट्रासाउंड की जरूरत होती है, उन्हें तुरंत लाभ दिया जाता है। जिन्हें तुरंत अल्ट्रासाउंड की जरूरत नहीं होती है, उन्हें तारीख दी जाती है।
इन मरीजों की तय की जाती है प्राथमिकता
जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों का अनुमान है कि यदि इनमें से केवल 10 प्रतिशत मरीजों को भी अल्ट्रासाउंड की जरूरत हो तो प्रतिदिन करीब 200 अल्ट्रासाउंड जांचों की मांग बनती है। जबकि उपलब्ध मानव संसाधनों के साथ इतनी बड़ी संख्या में जांचें उसी दिन करना संभव नहीं है। यही कारण है कि अस्पताल प्रशासन को मरीजों की प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं, भर्ती मरीजों और आपातकालीन मामलों को पहले जांच सुविधा दी जाती है। सामान्य ओपीडी मरीजों को जांच के लिए निर्धारित तिथि दी जाती है, जिसके चलते कई बार उन्हें महीनों तक इंतजार करना पड़ता है।
पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि बढ़ते मरीज भार को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जरूरी हो गई है। साथ ही अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवाओं को पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सकेगी और लंबी प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी।
नागरिक अस्पताल में जनवरी से मई तक हुई जांच:
माह अल्ट्रासाउंड
जनवरी 552
फरवरी 572
मार्च 385
अप्रैल 615
मई 633
कुल 2,757 1,463 27,523
वर्जन
अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सेवा को पीपीपी मॉडल पर शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो मरीजों को समय पर जांच सुविधा मिल सकेगी और लंबी प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी।-डॉ. सुरेंद्र यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल रेवाड़ी।