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Rewari News: सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाएं होंगी बेहतर, 98 लाख रुपये मंजूर
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रेवाड़ी। जिले के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सरकार ने 98 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को खेल उपकरणों की खरीद और खेल मैदानों के विकास के लिए एक-एक लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी। लंबे समय से खेल उपकरणों की कमी और खेल मैदानों की बदहाली से जूझ रहे विद्यार्थियों को अब इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
विद्यालयों को यह राशि स्वीकृत बजट के दायरे में ही खर्च करनी होगी। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। स्कूल निर्धारित नियमों के अनुसार ही खेल उपकरणों की खरीद और मैदानों के विकास पर राशि खर्च कर सकेंगे। यह योजना वार्षिक योजना में शामिल है। ऐसे में विद्यालय स्वीकृत बजट से अधिक राशि खर्च नहीं कर सकेंगे।सभी विद्यालयों को मिली राशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक करना होगा। विभाग की ओर से बजट के उपयोग को लेकर अलग से एसओपी जारी की जाएगी। इसमें खेल सामग्री की खरीद और राशि खर्च करने की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। विद्यालयों को एसओपी के अनुसार ही ग्रांट का इस्तेमाल करना होगा, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। बता दें कि जिले के कई सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खेल उपकरणों की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई विद्यालयों में पर्याप्त खेल सामग्री नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों से ही अभ्यास करना पड़ता था। वहीं कुछ स्कूलों के खेल मैदान भी बेहतर स्थिति में नहीं हैं। अब ग्रांट मिलने से विद्यालयों में आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराने के साथ मैदानों के विकास पर भी काम किया जा सकेगा।
जरूरत के अनुसार खर्च कर सकेंगे विद्यालय :
अब प्रत्येक विद्यालय को एक-एक लाख रुपये की राशि मिलने से स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार फुटबाल, वालीबाल, क्रिकेट किट, बैडमिंटन, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों के उपकरण खरीद सकेंगे। इसके साथ ही खेल मैदानों को समतल करने और उन्हें विकसित करने पर भी राशि खर्च की जा सकेगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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वर्जन :
मुख्यालय की ओर से जिस मद के लिए बजट जारी किया जाएगा, उसी के अनुरूप राशि खर्च की जाएगी। इस संबंध में बीईओ के माध्यम से सभी विद्यालय मुखियाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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विद्यालयों को यह राशि स्वीकृत बजट के दायरे में ही खर्च करनी होगी। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। स्कूल निर्धारित नियमों के अनुसार ही खेल उपकरणों की खरीद और मैदानों के विकास पर राशि खर्च कर सकेंगे। यह योजना वार्षिक योजना में शामिल है। ऐसे में विद्यालय स्वीकृत बजट से अधिक राशि खर्च नहीं कर सकेंगे।सभी विद्यालयों को मिली राशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक करना होगा। विभाग की ओर से बजट के उपयोग को लेकर अलग से एसओपी जारी की जाएगी। इसमें खेल सामग्री की खरीद और राशि खर्च करने की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। विद्यालयों को एसओपी के अनुसार ही ग्रांट का इस्तेमाल करना होगा, ताकि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। बता दें कि जिले के कई सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खेल उपकरणों की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई विद्यालयों में पर्याप्त खेल सामग्री नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों से ही अभ्यास करना पड़ता था। वहीं कुछ स्कूलों के खेल मैदान भी बेहतर स्थिति में नहीं हैं। अब ग्रांट मिलने से विद्यालयों में आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराने के साथ मैदानों के विकास पर भी काम किया जा सकेगा।
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जरूरत के अनुसार खर्च कर सकेंगे विद्यालय :
अब प्रत्येक विद्यालय को एक-एक लाख रुपये की राशि मिलने से स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार फुटबाल, वालीबाल, क्रिकेट किट, बैडमिंटन, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों के उपकरण खरीद सकेंगे। इसके साथ ही खेल मैदानों को समतल करने और उन्हें विकसित करने पर भी राशि खर्च की जा सकेगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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वर्जन :
मुख्यालय की ओर से जिस मद के लिए बजट जारी किया जाएगा, उसी के अनुरूप राशि खर्च की जाएगी। इस संबंध में बीईओ के माध्यम से सभी विद्यालय मुखियाओं को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।