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मूंदी स्टेशन पर हो ट्रेन का ठहराव, ग्रामीण अब संघर्ष की राह पर
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नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से चलकर श्रीगंगानगर जाने वाली रेल, जो रात 9 बजे मूंदी रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है और यही ट्रेन श्रीगंगानगर से चलकर सुबह 5 बजे नांगल मूंदी स्टेशन पहुंचती है। लॉक डाउन के बाद इस ट्रेन का नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन पर बिना कोई कारण बताए ठहराव बंद करने के विरोध में मूंदी, नांगल, चौकी नं. 2, कुमरौदा, प्राणपुरा, आलियावास, चिमनावास, औलांत, बुड़ौली, भटेड़ा, रोलियावास, देहलावास, गुलाबपुरा इत्यादि गांवों से आए लोगों ने राव तुलाराम पार्क से रेलवे स्टेशन तक विरोध मार्च किया जिसे प्रबुद्ध नागरिकों ने भी अपना समर्थन दिया।
प्रदर्शन में कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, पूर्व सरपंच श्योताज मनेठी, कर्नल राजेंद्र सिंह, पवन कुमार किराड़, भारत मास्टर, रामकुमार निमोठ इत्यादि प्रमुख थे। राजेंद्र ने कहा कि जो ट्रेन पहले मूंदी स्टेशन पर रुकती थी, उसके ठहराव से रोजाना 500 से अधिक लोग लाभान्वित होते थे। नौकरीपेशा, दूधवाले और अन्य लोग गुड़गांव और दिल्ली आते जाते थे जिनके लिए अब आवागमन में परेशानी बढ़ी है। उधर एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह का कहना है कि एम्स संघर्ष समिति इस आंदोलन में भी अपनी सक्रिय भूमिका अदा करेगी। इस संबंध में एक ज्ञापन स्टेशन मास्टर रेवाड़ी के माध्यम से रेल मंत्री और चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है।
इससे पहले इस विषय पर सांसद राव इंद्रजीत सिंह, अरविंद शर्मा और भूपेंद्र यादव को भी अलग - अलग ज्ञापन भेजे जा चुके हैं मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई इसलिए मजबूरन ग्रामीणों को अब आंदोलन का राह अपनानी पड़ रही है। नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन रेल ठहराव कमेटी ने अब यह फैसला लिया कि अगर दो सप्ताह में इस छोटी सी मगर अधिक तकलीफदेह समस्या का हल नहीं निकला तो नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन पर बड़ी पंचायत बुलाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों को विजय कुमार, कंवल सिंह, ईश्वर सिंह सैन, सुनील कुमार, धर्मपाल, जसवंत, अनिल, सतीश, बिरेंद्र सिंह, शीशराम व अमर सिंह समेत अन्य लोगों के सामने अपनी बात रखी।
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प्रदर्शन में कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, पूर्व सरपंच श्योताज मनेठी, कर्नल राजेंद्र सिंह, पवन कुमार किराड़, भारत मास्टर, रामकुमार निमोठ इत्यादि प्रमुख थे। राजेंद्र ने कहा कि जो ट्रेन पहले मूंदी स्टेशन पर रुकती थी, उसके ठहराव से रोजाना 500 से अधिक लोग लाभान्वित होते थे। नौकरीपेशा, दूधवाले और अन्य लोग गुड़गांव और दिल्ली आते जाते थे जिनके लिए अब आवागमन में परेशानी बढ़ी है। उधर एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह का कहना है कि एम्स संघर्ष समिति इस आंदोलन में भी अपनी सक्रिय भूमिका अदा करेगी। इस संबंध में एक ज्ञापन स्टेशन मास्टर रेवाड़ी के माध्यम से रेल मंत्री और चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है।
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इससे पहले इस विषय पर सांसद राव इंद्रजीत सिंह, अरविंद शर्मा और भूपेंद्र यादव को भी अलग - अलग ज्ञापन भेजे जा चुके हैं मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई इसलिए मजबूरन ग्रामीणों को अब आंदोलन का राह अपनानी पड़ रही है। नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन रेल ठहराव कमेटी ने अब यह फैसला लिया कि अगर दो सप्ताह में इस छोटी सी मगर अधिक तकलीफदेह समस्या का हल नहीं निकला तो नांगल मूंदी रेलवे स्टेशन पर बड़ी पंचायत बुलाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों को विजय कुमार, कंवल सिंह, ईश्वर सिंह सैन, सुनील कुमार, धर्मपाल, जसवंत, अनिल, सतीश, बिरेंद्र सिंह, शीशराम व अमर सिंह समेत अन्य लोगों के सामने अपनी बात रखी।
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