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Rewari News: मिलावटी पनीर का चल रहा कारोबार, आधे नमूने फेल, 940 किलो नष्ट
Sat, 31 Oct 2026 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:16 AM IST
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रेवाड़ी। जिले के बाजार में 400 रुपये किलो तक बिकने वाला पनीर बाहर से 150 से 250 रुपये प्रति किलो की दर से पहुंच रहा है। मेवात और राजस्थान के अलवर से रेवाड़ी में बड़ी मात्रा में पनीर की सप्लाई हो रही है। इसकी गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में गंभीर सवाल उठे हैं। पिछले दो माह में विभाग ने पनीर के 14 नमूने लिए, जिनमें से 7 जांच में फेल मिले हैं। पांच नमूनों की रिपोर्ट अभी लंबित है, यानी आधे नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
बाहर से आने वाले पनीर की कीमत और बाजार में बिक्री के दाम में बड़ा अंतर है। थोक में 150 से 250 रुपये किलो तक पहुंचने वाला पनीर खुदरा बाजार में 350 से 400 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
कम कीमत पर उपलब्ध होने के कारण इसकी सप्लाई होटल, ढाबों और मिठाई की दुकानों तक होने की आशंका है। हालांकि, केवल कम कीमत के आधार पर किसी पनीर को मिलावटी नहीं कहा जा सकता। उसकी वास्तविक गुणवत्ता प्रयोगशाला की जांच से ही तय होती है।
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मिलावटखोर पनीर तैयार करने के लिए दूध की जगह सस्ते गैर-डेयरी पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। कुछ मामलों में स्टार्च, वनस्पति वसा और अन्य खाद्य सामग्री मिलाकर पनीर जैसी बनावट तैयार की जाती है।
घटिया गुणवत्ता वाले दूध या कच्चे माल से भी मानकों के विपरीत उत्पाद बनाया जा सकता है। ऐसे उत्पाद देखने में असली पनीर जैसे लग सकते हैं। लेकिन उनकी पोषण गुणवत्ता और संरचना अलग होती है। केवल रंग, स्वाद या छूकर मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए प्रयोगशाला में जांच जरूरी है।
विभाग की कार्रवाई और निगरानी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम लगातार बाजार में जांच अभियान चला रही है। संदेह होने पर पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। पिछले डेढ़ माह में विभाग की टीम 940 किलोग्राम पनीर नष्ट करवा चुकी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि विभाग की टीम लगातार खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है। मेवात और अलवर सहित दूसरे क्षेत्रों से आने वाले पनीर की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
ग्राहकों के लिए सावधानी
पनीर खरीदते समय ग्राहकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि, निर्माता का नाम और एफएसएसएआई लाइसेंस की जानकारी जरूर देखें। खुले पनीर की खरीद पर विक्रेता से उसके स्रोत और गुणवत्ता के बारे में जानकारी लें।
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बाहर से आने वाले पनीर की कीमत और बाजार में बिक्री के दाम में बड़ा अंतर है। थोक में 150 से 250 रुपये किलो तक पहुंचने वाला पनीर खुदरा बाजार में 350 से 400 रुपये किलो तक बेचा जा रहा है।
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कम कीमत पर उपलब्ध होने के कारण इसकी सप्लाई होटल, ढाबों और मिठाई की दुकानों तक होने की आशंका है। हालांकि, केवल कम कीमत के आधार पर किसी पनीर को मिलावटी नहीं कहा जा सकता। उसकी वास्तविक गुणवत्ता प्रयोगशाला की जांच से ही तय होती है।
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मिलावटखोर पनीर तैयार करने के लिए दूध की जगह सस्ते गैर-डेयरी पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। कुछ मामलों में स्टार्च, वनस्पति वसा और अन्य खाद्य सामग्री मिलाकर पनीर जैसी बनावट तैयार की जाती है।
घटिया गुणवत्ता वाले दूध या कच्चे माल से भी मानकों के विपरीत उत्पाद बनाया जा सकता है। ऐसे उत्पाद देखने में असली पनीर जैसे लग सकते हैं। लेकिन उनकी पोषण गुणवत्ता और संरचना अलग होती है। केवल रंग, स्वाद या छूकर मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए प्रयोगशाला में जांच जरूरी है।
विभाग की कार्रवाई और निगरानी
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम लगातार बाजार में जांच अभियान चला रही है। संदेह होने पर पनीर के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच में गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। पिछले डेढ़ माह में विभाग की टीम 940 किलोग्राम पनीर नष्ट करवा चुकी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि विभाग की टीम लगातार खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है। मेवात और अलवर सहित दूसरे क्षेत्रों से आने वाले पनीर की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
ग्राहकों के लिए सावधानी
पनीर खरीदते समय ग्राहकों को सावधानी बरतनी चाहिए। उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि, निर्माता का नाम और एफएसएसएआई लाइसेंस की जानकारी जरूर देखें। खुले पनीर की खरीद पर विक्रेता से उसके स्रोत और गुणवत्ता के बारे में जानकारी लें।