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आज सेक्टर-4 की डिस्पेंसरी पर ही लगेगी वैक्सीन की पहली डोज, 24 केंद्र रहेंगे बंद
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रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बावजूद टीकाकरण प्रक्रिया पटरी पर नहीं आ पा रही है। वैक्सीन की डोज खत्म होने के चलते शनिवार को 24 केंद्रों पर पहली डोज नहीं लग पाएगी। टीकों की कमी के चलते इन केंद्रों को बंद करना पड़ा है। शनिवार को केवल शहर के सेक्टर- 4 स्थित डिस्पेंसरी में पहली व दूसरी डोज लग सकेगी। इसके अलावा नागरिक अस्पताल रेवाड़ी, पीएचसी बासदुधा व गुडियानी में भी महज दूसरी डोज ही लग पाएगी। पहली डोज 100 लोगों को लेगेेगी, इसमें 50 ऑनलाइन व इतने ऑफलाइन रहेंगे।
बता दें कि वीरवार को रेवाड़ी को पांच हजार डोज मिली थी। इसमें से शुक्रवार को 3772 लोगों को डोज लगा दी गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पास महज 1400-1500 डोज ही बची हुई हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को एक हजार डोज मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि एक ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण में तेजी का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बता दें कि जिले में अभी तक पहली व दूसरी कुल 359798 डोज लग पाई है। इनमें 18 प्लस श्रेणी के करीब पांच लाख लोगों में से करीब एक लाख बीस हजार लोगों को ही पहली डोज मिल पाई है। ऐसे में तीन माह के अंदर इस श्रेणी के सभी लोगों का टीकाकरण करना मुश्किल लग रहा है।
जिले में एक और मिला ब्लैक फंगस का केस
कोरोना को मात देने के बाद भी लोगों को ब्लैक जैसी गंभीर मरीजों का सामना करना पड़ रहा है। उपचार से लेकर तमाम परेशानी अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को भी जिले में ब्लैक फंगस का एक मरीज मिला है। अब तक जिले में इस बीमारी के कुल 35 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। वहीं शहर निवासी एक पूर्व पार्षद भी एक माह से ज्यादा लंबे समय तक ब्लैक फंगस से जंग लड़ने के बाद जान गंवा चुके हैं। वहीं जिले में उपचार नहीं होने के चलते लोगों को पीजीआईएमएस रोहतक या फिर निजी अस्पतालों में महंगा उपचार करवाना पड़ रहा है।
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1791 सैंपल में से मिले दो पॉजिटिव
कोविड टीकाकरण जहां पटरी से उतर गया है, वहीं संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिनों पहले तक जहां एक-एक केस मिल रहा था, वहीं बीते पांच दिन में 25 से अधिक पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। शुक्रवार को भी 1791 सैंपल में से दो पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। जिले की रिकवरी दर 98.57 व पॉजिटिव की दर 6.20 है।
टीकाकरण के अभाव में सतर्कता बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग व तमाम विशेषज्ञों की ओर से तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। लेकिन जिस तरह से बाजार व दफ्तरों में लोगों के चेहरों से मास्क गायब हुए हैं, उससे लग रहा है कि लोग भी लापरवाह हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर तीन माह के अंदर 18 प्लस के सभी पांच लोगों को वैक्सीन लगाने का दावा भी कमजोर पड़ता दिख रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मास्क लगाने के साथ ही सामाजिक दूरी व कोविड सम्मत व्यवहार का पालन करें, तभी कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है।
कोविड प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार को महज सेक्टर- 4 डिस्पेंसरी में वैक्सीन की पहली डोज लगाई जाएगी। बाकी चार सेंटर पर दूसरी डोज लगाई जाएगी। अन्य सभी केंद्रों पर टीकाकरण बंद रहेगा। शनिवार को एक हजार डोज मिलने की उम्मीद है। लोगों से अपील है कि तीसरी लहर से बचने के लिए मास्क व सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। जिस तरह से लोग बगैर मास्क घूम रहे हैं, यह गंभीर है।
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बता दें कि वीरवार को रेवाड़ी को पांच हजार डोज मिली थी। इसमें से शुक्रवार को 3772 लोगों को डोज लगा दी गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पास महज 1400-1500 डोज ही बची हुई हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को एक हजार डोज मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि एक ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण में तेजी का दावा किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत यह है कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बता दें कि जिले में अभी तक पहली व दूसरी कुल 359798 डोज लग पाई है। इनमें 18 प्लस श्रेणी के करीब पांच लाख लोगों में से करीब एक लाख बीस हजार लोगों को ही पहली डोज मिल पाई है। ऐसे में तीन माह के अंदर इस श्रेणी के सभी लोगों का टीकाकरण करना मुश्किल लग रहा है।
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जिले में एक और मिला ब्लैक फंगस का केस
कोरोना को मात देने के बाद भी लोगों को ब्लैक जैसी गंभीर मरीजों का सामना करना पड़ रहा है। उपचार से लेकर तमाम परेशानी अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को भी जिले में ब्लैक फंगस का एक मरीज मिला है। अब तक जिले में इस बीमारी के कुल 35 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। वहीं शहर निवासी एक पूर्व पार्षद भी एक माह से ज्यादा लंबे समय तक ब्लैक फंगस से जंग लड़ने के बाद जान गंवा चुके हैं। वहीं जिले में उपचार नहीं होने के चलते लोगों को पीजीआईएमएस रोहतक या फिर निजी अस्पतालों में महंगा उपचार करवाना पड़ रहा है।
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1791 सैंपल में से मिले दो पॉजिटिव
कोविड टीकाकरण जहां पटरी से उतर गया है, वहीं संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ दिनों पहले तक जहां एक-एक केस मिल रहा था, वहीं बीते पांच दिन में 25 से अधिक पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। शुक्रवार को भी 1791 सैंपल में से दो पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। जिले की रिकवरी दर 98.57 व पॉजिटिव की दर 6.20 है।
टीकाकरण के अभाव में सतर्कता बेहद जरूरी
स्वास्थ्य विभाग व तमाम विशेषज्ञों की ओर से तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। लेकिन जिस तरह से बाजार व दफ्तरों में लोगों के चेहरों से मास्क गायब हुए हैं, उससे लग रहा है कि लोग भी लापरवाह हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर तीन माह के अंदर 18 प्लस के सभी पांच लोगों को वैक्सीन लगाने का दावा भी कमजोर पड़ता दिख रहा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मास्क लगाने के साथ ही सामाजिक दूरी व कोविड सम्मत व्यवहार का पालन करें, तभी कोरोना की तीसरी लहर से बचा जा सकता है।
कोविड प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार को महज सेक्टर- 4 डिस्पेंसरी में वैक्सीन की पहली डोज लगाई जाएगी। बाकी चार सेंटर पर दूसरी डोज लगाई जाएगी। अन्य सभी केंद्रों पर टीकाकरण बंद रहेगा। शनिवार को एक हजार डोज मिलने की उम्मीद है। लोगों से अपील है कि तीसरी लहर से बचने के लिए मास्क व सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। जिस तरह से लोग बगैर मास्क घूम रहे हैं, यह गंभीर है।