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Rewari News: 38 गांवों के 156 प्रतिनिधियों को पर्यावरण प्रहरी सम्मान
Mon, 31 Aug 2026 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:07 AM IST
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पर्यावरण प्रहरी सम्मान समारोह में सम्मानित करते संस्था के पदाधिकारी। स्रोत : संस्था
कोसली। सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट नाहड़ खंड की ओर से रविवार को कोसली में पर्यावरण प्रहरी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें 45 गांवों में से 38 गांवों के 156 प्रतिनिधियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदेमातरम् गीत और सरस्वती वंदना के साथ हुई। अध्यक्षता कैप्टन धर्मवीर सिंह यादव झाड़ौदा ने की। सांस्कृतिक अहीरवाल के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री मुख्य अतिथि और सूबेदार मेजर अमर सिंह नाहड़ विशिष्ट अतिथि रहे।
खंड संयोजक वेदप्रकाश आर्य ने बताया कि समारोह में खंड के 45 गांवों में से 38 गांवों के 156 प्रतिनिधियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में सम्मानित किया गया। अपने गांवों में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली दो महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
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मुख्य अतिथि सत्यव्रत शास्त्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रकृति मानवता के लिए अनुपम भेंट है और वर्तमान में यह संकट में है। इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध भूमि पर सघन पौधरोपण कर पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रकृति ने जिन पेड़-पौधों को विकसित किया है, उनका संरक्षण भी वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।
उन्होंने कहा कि अहीरवाल केवल जाति आधारित पहचान नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत है। हमें अपने पूर्वजों के कार्यों और सांस्कृतिक मूल्यों को याद कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन धर्मवीर यादव ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। वेदप्रकाश आर्य ने अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जबकि जिला संयोजक जिला पार्षद सुरेंद्र माडिया ने धन्यवाद किया। मंच संचालन जिला प्रभारी यशपाल आर्य ने किया।
इस अवसर पर सतीश खेड़ा, कैप्टन रामफल यादव, रंजन यादव, प्रेमप्रकाश नाहड़, ब्रह्मप्रकाश थानेदार, अजय लूखी, कर्ण सिंह झाल, मास्टर सुरेश, धर्मवीर शर्मा, राजपाल यादव सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरुआत वंदेमातरम् गीत और सरस्वती वंदना के साथ हुई। अध्यक्षता कैप्टन धर्मवीर सिंह यादव झाड़ौदा ने की। सांस्कृतिक अहीरवाल के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री मुख्य अतिथि और सूबेदार मेजर अमर सिंह नाहड़ विशिष्ट अतिथि रहे।
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खंड संयोजक वेदप्रकाश आर्य ने बताया कि समारोह में खंड के 45 गांवों में से 38 गांवों के 156 प्रतिनिधियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में सम्मानित किया गया। अपने गांवों में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली दो महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
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मुख्य अतिथि सत्यव्रत शास्त्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रकृति मानवता के लिए अनुपम भेंट है और वर्तमान में यह संकट में है। इस चुनौती का सामना करने के लिए समाज को आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध भूमि पर सघन पौधरोपण कर पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रकृति ने जिन पेड़-पौधों को विकसित किया है, उनका संरक्षण भी वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है।
उन्होंने कहा कि अहीरवाल केवल जाति आधारित पहचान नहीं, बल्कि हजारों वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत है। हमें अपने पूर्वजों के कार्यों और सांस्कृतिक मूल्यों को याद कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन धर्मवीर यादव ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। वेदप्रकाश आर्य ने अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जबकि जिला संयोजक जिला पार्षद सुरेंद्र माडिया ने धन्यवाद किया। मंच संचालन जिला प्रभारी यशपाल आर्य ने किया।
इस अवसर पर सतीश खेड़ा, कैप्टन रामफल यादव, रंजन यादव, प्रेमप्रकाश नाहड़, ब्रह्मप्रकाश थानेदार, अजय लूखी, कर्ण सिंह झाल, मास्टर सुरेश, धर्मवीर शर्मा, राजपाल यादव सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।