{"_id":"6a9476ba839e8d29eb0fadd9","slug":"38-posts-of-inspectors-and-sub-inspectors-vacant-in-rewari-roadways-rewari-news-c-198-1-rew1001-244569-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: रेवाड़ी रोडवेज में निरीक्षक-उप निरीक्षकों के 38 पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: रेवाड़ी रोडवेज में निरीक्षक-उप निरीक्षकों के 38 पद खाली
Mon, 31 Aug 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
रेवाड़ी बस स्टैंड पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
रेवाड़ी। रोडवेज की बसों में यात्रियों के टिकट की जांच और संचालन व्यवस्था पर निगरानी रखने वाले निरीक्षक व उप निरीक्षकों की कमी है। रेवाड़ी डिपो में निरीक्षक और उप निरीक्षक के कुल 50 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से महज 12 पदों पर ही कर्मचारी तैनात हैं। 38 पद लंबे समय से खाली हैं। इससे बसों में नियमित टिकट की जांच नहीं हो पा रही है। इसका सबसे अधिक असर लोकल रूटों पर दिखाई दे रहा है।
लंबी दूरी के प्रमुख रूटों पर तो जांच के लिए टीमें कभी-कभार पहुंच जाती हैं, लेकिन लोकल रूटों पर नियमित निगरानी करना चुनौती बना हुआ है। रेवाड़ी से कोसली, महेंद्रगढ़, धारूहेड़ा, बावल, कनीना, नारनौल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली बसों में कई जगहों पर टिकट जांच नहीं हो पाने से बिना टिकट यात्रियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
लोकल रूटों पर बसें कम दूरी के अंतराल में कई स्टॉपेज पर रुकती हैं। ऐसे में प्रत्येक बस और स्टॉपेज पर निगरानी रखना सीमित स्टाफ के लिए मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
टिकट को लेकर चालक-परिचालकों और यात्रियों के बीच आए दिन कहासुनी और लड़ाई-झगड़े की स्थिति भी बनती है। कुछ यात्री टिकट लेने से इन्कार करते हैं या जांच के दौरान विवाद खड़ा कर देते हैं।
पर्याप्त निरीक्षक व उप निरीक्षक मौजूद हों तो ऐसे मामलों में मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली जा सकती है। स्टाफ की कमी के कारण चालक-परिचालकों को कई बार खुद ही यात्रियों से निपटना पड़ता है।
एक कर्मचारी के जिम्मे कई रूटों की निगरानी
डिपो में निरीक्षक और उप निरीक्षक के स्वीकृत 50 पदों में से 38 पद खाली होने से वर्तमान में तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है। एक ही निरीक्षक या उप निरीक्षक को कई रूटों और बसों की निगरानी करनी पड़ती है। ऐसे में हर बस की नियमित जांच संभव नहीं हो पाती। पर्याप्त संख्या में निरीक्षक व उप निरीक्षक उपलब्ध होने पर लोकल रूटों पर चेकिंग अभियान नियमित चलाया जा सकता है और बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाकर रोडवेज की आय बढ़ाई जा सकती है।
वर्जन:
राज्य परिवहन विभाग की नई ट्रांसफर नीति के तहत रेवाड़ी डिपो को पर्याप्त स्टाफ मिलने की उम्मीद है। उपलब्ध स्टाफ के हिसाब से रूटों पर नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। फ्री में यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने के लिए समय-समय पर विशेष जांच अभियान चलाया जाता है। -निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो
विज्ञापन
लंबी दूरी के प्रमुख रूटों पर तो जांच के लिए टीमें कभी-कभार पहुंच जाती हैं, लेकिन लोकल रूटों पर नियमित निगरानी करना चुनौती बना हुआ है। रेवाड़ी से कोसली, महेंद्रगढ़, धारूहेड़ा, बावल, कनीना, नारनौल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली बसों में कई जगहों पर टिकट जांच नहीं हो पाने से बिना टिकट यात्रियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
लोकल रूटों पर बसें कम दूरी के अंतराल में कई स्टॉपेज पर रुकती हैं। ऐसे में प्रत्येक बस और स्टॉपेज पर निगरानी रखना सीमित स्टाफ के लिए मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
टिकट को लेकर चालक-परिचालकों और यात्रियों के बीच आए दिन कहासुनी और लड़ाई-झगड़े की स्थिति भी बनती है। कुछ यात्री टिकट लेने से इन्कार करते हैं या जांच के दौरान विवाद खड़ा कर देते हैं।
पर्याप्त निरीक्षक व उप निरीक्षक मौजूद हों तो ऐसे मामलों में मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली जा सकती है। स्टाफ की कमी के कारण चालक-परिचालकों को कई बार खुद ही यात्रियों से निपटना पड़ता है।
एक कर्मचारी के जिम्मे कई रूटों की निगरानी
डिपो में निरीक्षक और उप निरीक्षक के स्वीकृत 50 पदों में से 38 पद खाली होने से वर्तमान में तैनात कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है। एक ही निरीक्षक या उप निरीक्षक को कई रूटों और बसों की निगरानी करनी पड़ती है। ऐसे में हर बस की नियमित जांच संभव नहीं हो पाती। पर्याप्त संख्या में निरीक्षक व उप निरीक्षक उपलब्ध होने पर लोकल रूटों पर चेकिंग अभियान नियमित चलाया जा सकता है और बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाकर रोडवेज की आय बढ़ाई जा सकती है।
वर्जन:
राज्य परिवहन विभाग की नई ट्रांसफर नीति के तहत रेवाड़ी डिपो को पर्याप्त स्टाफ मिलने की उम्मीद है। उपलब्ध स्टाफ के हिसाब से रूटों पर नियमित रूप से निगरानी की जा रही है। फ्री में यात्रा करने वालों पर लगाम लगाने के लिए समय-समय पर विशेष जांच अभियान चलाया जाता है। -निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो