फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Three people convicted of assault and intimidation were sentenced to three years' imprisonment.

Rewari News: मारपीट कर धमकी देने के तीन दोषियों को तीन-तीन साल की कैद

Sat, 24 Jan 2026 11:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 24 Jan 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
Three people convicted of assault and intimidation were sentenced to three years' imprisonment.
रेवाड़ी। गांव गोलियाकी निवासी शराब ठेके के सेल्समैन जगबीर को बेरहमी पीटने और धमकी देने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने आरोपी ओमबीर उर्फ ढिल्लू, महेश और संदीप को दोषी करार देते हुए तीनों को 3-3 वर्ष की कैद सजा सुनाई है। साथ ही 5500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन

मामले में 2 अप्रैल 2022 को शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित गांव गोलियाकी निवासी जगबीर गांव में ही शराब ठेके पर सेल्समैन था। उसने आरोप लगाया कि 1 अप्रैल 2022 की रात 9:30 बजे गांव भाड़ावास के सरकारी स्कूल के पास आरोपियों ने रास्ते में रोककर बेरहमी से उसे पीटा।
विज्ञापन

आरोप है कि आरोपी ओमबीर उर्फ ढिल्लू ने लोहे की रॉड से पीड़ित के सिर, पीठ व हाथ पर वार किया। आरोपी संदीप ने कुल्हाड़ी के पिछले हिस्से से टांगों चोटें पहुंचाईं। तीसरे आरोपी महेश ने मुक्के व लात से हमला किया। पीड़ित के शोर मचाने पर खेतों में काम कर रहे लोग पहुंचे। तबतक हमलावर धमकी देते हुए भाग चुके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में अदालत में तीनों आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने तीनों को दोष सिद्ध करार दिया। सुनवाई के दौरान दोषी ओमबीर उर्फ ढिल्लू ने कहा कि वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसकी विधवा मां उस पर निर्भर है। उसने प्रोबेशन एक्ट का लाभ देने की मांग की।
दोषी महेश ने भी खुद को विधवा मां का सहारा बताया। कहा कि व एक माह तक इस मामले में जेल में रह चुका है। वहीं दोषी संदीप ने बताया कि उसके पिता बीमार हैं। एक छोटा बच्चा है और मां का निधन हो चुका है। वह 14 माह तक न्यायिक हिरासत में रह चुका है। ऐसे में प्रोबेशन का लाभ दिया जाए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में नरमी बरतना न्याय के हित में नहीं होगा। पीड़ित के अधिवक्ता ने दोषियों को अधिकतम सजा देने की मांग की। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में नरमी बरतने से गलत संदेश जाएगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि सजा अपराध की प्रकृति, अपराध करने के तरीके, उद्देश्य, दोषियों के आचरण और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखकर दी जानी चाहिए। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। पहले से जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। तीनों दोषियों ने जुर्माने की राशि जमा कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed