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Rewari News: बालक समेत तीन मिले डेंगू से पीड़ित, संख्या पहुंची 11
Sat, 31 Aug 2024 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 31 Aug 2024 11:46 PM IST
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फोटो: 12रेवाड़ी। एक गांव में बनी पानी की होद में मच्छर के लार्वा चैक करते स्वास्थ्य विभाग क
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बारिश से चलते हुए जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं जिससे लोग डेंगू से पीड़ित होने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में एक 12 वर्षीय बच्चे के साथ तीन लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। अब डेंगू पीड़ितों की संख्या 11 हो गई है।
इस वर्ष मई में डेंगू का पहला केस मिला था। इसके बाद मामला थम गया था। बारिश के बाद हुए जलभराव से फिर डेंगू के मामले बढ़ने का खतरा सता रहा है। शहर और गांवों में जगह-जगह जलभराव है। वर्ष 2023 में सितंबर में ही डेंगू के सर्वाधिक 184 मामले मिले थे। ऐसे में इस बार भी सितंबर में ही केस बढ़ने का डर बन रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। जिले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सिर्फ नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में ही डेंगू की एलाइजा जांच होती है। सिविल की लैब में हर रोज 15 से 20 जांच हो रही है।
सीएचसी-पीएचसी या कोसली सामान्य अस्पताल में जांच की सुविधा न होने के कारण पीड़ितों को सिविल अस्पताल रेवाड़ी ही आना पड़ता है। वहां से सैंपल सिविल में भेजे जाते हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर व गांवों में अभियान चलाकर लोगों को मच्छरों से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में छत व बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लार्वा मिलने पर चेतावनी भी दी जा रही है। अब तक जिलेभर में 1500 से ज्यादा लोगों को नोटिस थमाया जा चुका है। पिछले वर्ष टीम ने शहर के सेक्टरों में लार्वा पाए गए थे, जिससे 6 लोगों के चालान काटे गए थे। इस बार भी विभाग ने तैयारी की है।
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कोसली में हो शुरू हो एलाइजा जांच
अभी तक सिविल अस्पताल में ही एलाइजा की जांच होती है। यहां प्रतिदिन 15 से 20 टेस्ट लग रहे हैं। लगभग एक माह की राहत के बाद अब केस मिलने शुरू हो गए। सितंबर में डेंगू के फैलने का खतरा है। जिले में सिर्फ रेवाड़ी सिविल अस्पताल में ही टेस्ट होने से पीड़ितों को बड़ी परेशानी होती है। लोगों ने कोसली सब डिवीजनल सामान्य अस्पताल में भी डेंगू की एलाइजा जांच शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोसली में शुरू हो जाए तो उधर के लोगों को रेवाड़ी शहर में नहीं आना पड़ेगा।
पिछले वर्ष 50 प्रतिशत मामले शहर में मिले थे
विभाग की तरफ से इस बार भी शहर के सेक्टरों पर खास फोकस किया जा रहा है। इसका कारण ये है कि पिछले वर्ष 406 मामलों में से आधे से ज्यादा शहर में ही मिले थे। शहर में भी सेक्टर जैसे पॉश इलाके हॉट स्पॉट बन गए थे। सेक्टरों में गमलों तक में मच्छरों के लार्वा पाए गए थे। इसलिए इस बार सोर्स रिडक्शन का कार्य सेक्टरों में लगातार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में ब्रीडिंग चेकर भी लगाए हुए हैं। ये एक टीम के रूप में शहर व गांवों में डोर टू डोर जाकर कूलर व गमलों, घर के बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा ढूंढ रहे हैं।
वर्जन:
स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर व गांवों में डोर-टू-डोर जाकर कूलर व गमलों, घर के बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा ढूंढ रही है। अगर कहीं पर लार्वा मिलता है तो उसे हिदायत देने के साथ ही नोटिस भी थमाया जा रहा है।- वीरेंद्र सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर, नागरिक अस्पताल
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रेवाड़ी। बारिश से चलते हुए जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं जिससे लोग डेंगू से पीड़ित होने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में जिले में एक 12 वर्षीय बच्चे के साथ तीन लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। अब डेंगू पीड़ितों की संख्या 11 हो गई है।
इस वर्ष मई में डेंगू का पहला केस मिला था। इसके बाद मामला थम गया था। बारिश के बाद हुए जलभराव से फिर डेंगू के मामले बढ़ने का खतरा सता रहा है। शहर और गांवों में जगह-जगह जलभराव है। वर्ष 2023 में सितंबर में ही डेंगू के सर्वाधिक 184 मामले मिले थे। ऐसे में इस बार भी सितंबर में ही केस बढ़ने का डर बन रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। जिले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सिर्फ नागरिक अस्पताल रेवाड़ी में ही डेंगू की एलाइजा जांच होती है। सिविल की लैब में हर रोज 15 से 20 जांच हो रही है।
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सीएचसी-पीएचसी या कोसली सामान्य अस्पताल में जांच की सुविधा न होने के कारण पीड़ितों को सिविल अस्पताल रेवाड़ी ही आना पड़ता है। वहां से सैंपल सिविल में भेजे जाते हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर व गांवों में अभियान चलाकर लोगों को मच्छरों से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों में छत व बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लार्वा मिलने पर चेतावनी भी दी जा रही है। अब तक जिलेभर में 1500 से ज्यादा लोगों को नोटिस थमाया जा चुका है। पिछले वर्ष टीम ने शहर के सेक्टरों में लार्वा पाए गए थे, जिससे 6 लोगों के चालान काटे गए थे। इस बार भी विभाग ने तैयारी की है।
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कोसली में हो शुरू हो एलाइजा जांच
अभी तक सिविल अस्पताल में ही एलाइजा की जांच होती है। यहां प्रतिदिन 15 से 20 टेस्ट लग रहे हैं। लगभग एक माह की राहत के बाद अब केस मिलने शुरू हो गए। सितंबर में डेंगू के फैलने का खतरा है। जिले में सिर्फ रेवाड़ी सिविल अस्पताल में ही टेस्ट होने से पीड़ितों को बड़ी परेशानी होती है। लोगों ने कोसली सब डिवीजनल सामान्य अस्पताल में भी डेंगू की एलाइजा जांच शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कोसली में शुरू हो जाए तो उधर के लोगों को रेवाड़ी शहर में नहीं आना पड़ेगा।
पिछले वर्ष 50 प्रतिशत मामले शहर में मिले थे
विभाग की तरफ से इस बार भी शहर के सेक्टरों पर खास फोकस किया जा रहा है। इसका कारण ये है कि पिछले वर्ष 406 मामलों में से आधे से ज्यादा शहर में ही मिले थे। शहर में भी सेक्टर जैसे पॉश इलाके हॉट स्पॉट बन गए थे। सेक्टरों में गमलों तक में मच्छरों के लार्वा पाए गए थे। इसलिए इस बार सोर्स रिडक्शन का कार्य सेक्टरों में लगातार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में ब्रीडिंग चेकर भी लगाए हुए हैं। ये एक टीम के रूप में शहर व गांवों में डोर टू डोर जाकर कूलर व गमलों, घर के बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा ढूंढ रहे हैं।
वर्जन:
स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर व गांवों में डोर-टू-डोर जाकर कूलर व गमलों, घर के बाहर हौद में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा ढूंढ रही है। अगर कहीं पर लार्वा मिलता है तो उसे हिदायत देने के साथ ही नोटिस भी थमाया जा रहा है।- वीरेंद्र सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर, नागरिक अस्पताल