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अभी जारी रहेगा गंगायचा टोल पर धरना, सिंघु बॉर्डर से फैसला आना बाकी

Sat, 20 Nov 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 11:54 PM IST
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The sit-in on Gangayacha toll will continue now, decision is yet to come from Singhu border
गंगायचा टोल फ्री होने के कारण निकलते वाहन। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से गंगायचा टोल पर प्रदर्शनकारियों का प्रदर्शन जारी है। मोर्चा के अध्यक्ष कामरेड राजेंद्र सिंह ने बताया कि सिंघु बॉर्डर से फैसला आने के बाद ही वह गंगायचा टोल को खोलने के बारे में निर्णय लेंगे। अभी किसान अपनी बाकी मांगों को लेकर धरने पर बैठे रहेंगे।
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किसानों का कहना है कि संसद में जब तक कृषि कानून वापस लेने का बिल पारित नहीं हो जाता धरना जारी रहेगा। रेवाड़ी में जयसिंहपुर खेडा बार्डर पर 9 दिसंबर 2020 से किसान धरने पर बैठे हुए हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 27 सितंबर 2020 को गंगायचा टोल बंद किया गया था। धरने पर बैठे किसानों ने प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानून को वापस लेने के फैसले की सराहना करते हुए लड्डू बांटकर खुशी जाहिर की। किसानों ने इसे आंशिक जीत बताया है, उनका कहना है कि जब दिल्ली में प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जाता धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि कि हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा।
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एमएसपी के साथ दूसरे मुद्दों पर भी हो विचार
किसानों ने बताया कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें। अभी तक सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई बात नहीं की है, जो हमारी प्रमुख मांगों में एक है। इसी तरह आंदोलन के दौरान हरियाणा में 48 हजार से ज्यादा किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे को लेकर भी कोई बात नहीं कही गई और न ही बिजली बिल को लेकर कोई बयान आया। इसको लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। कानून रद्द करने संबंधी बिल संसद में पास होने तक इंतजार भी करना पड़ सकता है। बैठक में ही आंदोलन को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
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जब तक संसद में कानून पूरी तरह निरस्त नहीं हो जाता तब तक इसे पूरी तरह जीत नहीं माना जाएगा। संसद के शीत सत्र के लिए किसानों को अभी इंतजार करना होगा। इसके बाद रविवार को गंगायचा टोल पर बैठक की जाएगी। आगे की रणनीति बनाई जाएगी। -ओमप्रकाश, किसान
किसानों को जीत जरूर मिली है। प्रधानमंत्री ने 3 कृषि कानून बिल को वापस लेने की घोषणा की है। इससे किसानों में खुशी की लहर है। रविवार को दोपहर में गंगायचा टोल पर बैठक का आयोजन किया जाएगा। -महावीर, किसान
एमएसपी सहित अन्य मुद्दों पर सरकार चर्चा करें। न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर भी सरकार कोई बात नही कर रही है। इसके अलावा किसानों की एकता का परिणाम है कि सरकार ने कृषि कानून को वापस लेने की घोषणा की है। -रमेश, किसान
कई महीनों के संघर्ष के बाद किसानों को जीत हासिल हुई। इसके अलावा बिजली बिल संशोधन पर भी विचार विमर्श होना चाहिए। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार को जल्द पूरा करना चाहिए। - जीतराम, किसान

बावल में किसानों ने की बैठक
बावल। बावल लोक विश्राम ग्रह में शनिवार को किसानों ने बैठक की। इसमें किसानों ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर पहले सरकार के नेताओं का विरोध किया जा रहा था। किसानों ने कहा कि अभी ये अधूरी जीत है 24 नवंबर की संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं की मीटिंग के बाद आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। रामकिशन महलावत ने कहा कि किसानों ने संवैधानिक ओर लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर लड़ाई जीती। कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि अभी संसद में बिल निरस्त होने है। एमएसपी पर कोई घोषणा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान अनेक किसानों की जान चली गई सरकार ने उनके लिए कोई घोषणा नहीं की। इस दौरान ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन राजपुरा इकाई ने भूत पूर्व सैनिक अमर सिंह, खोल ब्लॉक के प्रधान के नेतृत्व में गांव में तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने की खुशी में विजय जुलूस निकाला।

 गंगायचा टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसान।

गंगायचा टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे किसान।- फोटो : Rewari

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