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Rewari News: चीन से छीनी गई भूमि वापस लेने का संकल्प आज भी प्रासंगिक
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हरिओम अग्रसेन परिसर में विचार गोष्ठी में भाग लेते लोग। स्रोत : संस्था
रेवाड़ी। हिमालय परिवार की ओर से हरिओम अग्रसेन परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में हिमालय परिवार प्रदेश के मुख्य प्रांत लीगल प्रमुख अजय शर्मा ने कहा कि 14 नवंबर 1962 को संसद के दोनों सदनों द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव आज भी भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सम्मान का आधार है।
उन्होंने कहा कि इस संकल्प में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भारत चीन के अवैध कब्जे वाली अपनी एक-एक इंच जमीन वापस लेगा। प्रदेश संयोजक तेजभान कुकरेजा ने युवाओं का आह्वान किया कि वे न केवल इतिहास से सीख लें बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार और सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का संकल्प लें।
उन्होंने कहा कि यह संकल्प केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि हर भारतीय की राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री पुनीत वशिष्ठ ने भी सभा को अपना सारगर्भित संबोधन दिया गोष्ठी में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवियों और श्रोताओं ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने का दृढ़ संकल्प लिया। गोष्ठी का समापन देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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उन्होंने कहा कि इस संकल्प में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि भारत चीन के अवैध कब्जे वाली अपनी एक-एक इंच जमीन वापस लेगा। प्रदेश संयोजक तेजभान कुकरेजा ने युवाओं का आह्वान किया कि वे न केवल इतिहास से सीख लें बल्कि देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार और सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का संकल्प लें।
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उन्होंने कहा कि यह संकल्प केवल एक प्रस्ताव नहीं, बल्कि हर भारतीय की राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री पुनीत वशिष्ठ ने भी सभा को अपना सारगर्भित संबोधन दिया गोष्ठी में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, बुद्धिजीवियों और श्रोताओं ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने का दृढ़ संकल्प लिया। गोष्ठी का समापन देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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