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Rewari News: नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग जर्जर घोषित, विभागों को शिफ्ट करने की तैयारी
Fri, 10 Oct 2025 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 10 Oct 2025 01:00 AM IST
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फोटो: 14रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग। संवाद
- फोटो : katra news
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को जर्जर घोषित कर दिया गया है। अब इसमें चल रही ओपीडी, दंत रोग, बाल रोग, ब्लड बैंक समेत अन्य विभागों को दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। अस्पताल की नई बिल्डिंग में जगह नहीं होने के कारण विकल्प के रूप में मॉडल टाउन स्थित समाज कल्याण विभाग कार्यालय और वृद्धाश्रम को देखा गया है। दोनों स्थानों पर खाली जगह है।
यहां विभागों को शिफ्ट करने के लिए जिला उपायुक्त के पास फाइल भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही पुरानी बिल्डिंग में चल रहे विभागों को समाज कल्याण विभाग कार्यालय और वृद्धाश्रम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग 45 वर्ष पहले बनी थी। यह भवन अब जर्जर हो चुका है।
जिला सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा था कि 200 बेड के अस्पताल की फाइल तैयार हो रही है जल्द ही खुलासा किया जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि 200 बेड का नया नागरिक अस्पताल भवन पुराने सिविल अस्पताल की जगह बनाया जा सकता है। हालांकि यह अभी फाइनल नहीं हो पाया है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर पुरानी बिल्डिंग को जर्जर घोषित कर दिया है।
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अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नया भवन बनाया जाना है। ऐसे में पुरानी बिल्डिंग में चल रही ओपीडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश की जा रही है। पुरानी बिल्डिंग में चल रही सीनियर सिटीजन ओपीडी को नए ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया है। अब नए ब्लाक में जगह नहीं है।
पुराने भवन में चल रहे गायनी, दंत, बाल समेत कई विभाग
नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में गायनी ओपीडी के साथ ही दंत, बाल रोग, डीईआईसी सेंटर, ब्लड बैंक, इंजेक्शन रूम, औषधि भंडार, गायनी वार्ड, पीएमओ कार्यालय, अल्ट्रासाउंड और होम्योपैथी ओपीडी संचालित है। नवजात शिशुओं की देखरेख के लिए एसएनसीयू भी इसी भवन में है। अब इस जर्जर भवन की जगह जबतक नया भवन नहीं बन जाता है, तबतक विभागों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके लिए जगह तलाशी जा रही है। ट्रॉमा सेंटर में डेंटल ओपीडी शुरू की जा सकती है।
नए ब्लॉक में जगह कम, 5 ओपीडी हो रही संचालित
अस्पताल के नए ब्लॉक में जगह की कमी है क्योंकि वहां नेत्र, मेडिसिन, कान-नाक-गला, मनोरोग, त्वचा, प्रयोगशाला, नेत्र व ईएनटी ऑपरेशन थियेटर संचालित हैं। नए ब्लॉक के भवन की भी एक साल से मरम्मत का काम चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। हालांकि नई बिल्डिंग में भी कुछ ओपीडी शुरू हो सकती है। इसके अलावा नए ब्लॉक में रिसेप्शन रूम बनाया गया है। अन्य काम भी चल रहा है जिसमें छत की सिलिंग भी जारी है।
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पीएमओ-सीएमओ कार्यालय भी होगा शिफ्ट
फिलहाल नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रही ओपीडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि 200 बेड का अस्पताल कहां पर बनेगा लेकिन संभावनाएं पुराने अस्पताल में ही बनने की है। इसके लिए बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय भी दूसरी जगह शिफ्ट होगा। बिल्डिंग टूटने पर पीएमओ कार्यालय भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
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वर्जन
पुरानी बिल्डिंग में लेबर रूम और कुछ वार्ड के मरीजों को शिफ्ट करना पड़ा है। नई बिल्डिंग में अभी स्पेस नहीं है लेकिन पुरानी बिल्डिंग को लेकर वैकल्पिक जगह देखी जा रही है। इसे लेकर सिविल सर्जन को अवगत कराया गया है। - डॉ. सुरेंद्र यादव, पीएमओ, रेवाड़ी।
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यहां विभागों को शिफ्ट करने के लिए जिला उपायुक्त के पास फाइल भेजी गई है। मंजूरी मिलते ही पुरानी बिल्डिंग में चल रहे विभागों को समाज कल्याण विभाग कार्यालय और वृद्धाश्रम में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग 45 वर्ष पहले बनी थी। यह भवन अब जर्जर हो चुका है।
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जिला सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा था कि 200 बेड के अस्पताल की फाइल तैयार हो रही है जल्द ही खुलासा किया जाएगा। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि 200 बेड का नया नागरिक अस्पताल भवन पुराने सिविल अस्पताल की जगह बनाया जा सकता है। हालांकि यह अभी फाइनल नहीं हो पाया है, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर पुरानी बिल्डिंग को जर्जर घोषित कर दिया है।
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अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नया भवन बनाया जाना है। ऐसे में पुरानी बिल्डिंग में चल रही ओपीडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए वैकल्पिक जगह की तलाश की जा रही है। पुरानी बिल्डिंग में चल रही सीनियर सिटीजन ओपीडी को नए ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया गया है। अब नए ब्लाक में जगह नहीं है।
पुराने भवन में चल रहे गायनी, दंत, बाल समेत कई विभाग
नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में गायनी ओपीडी के साथ ही दंत, बाल रोग, डीईआईसी सेंटर, ब्लड बैंक, इंजेक्शन रूम, औषधि भंडार, गायनी वार्ड, पीएमओ कार्यालय, अल्ट्रासाउंड और होम्योपैथी ओपीडी संचालित है। नवजात शिशुओं की देखरेख के लिए एसएनसीयू भी इसी भवन में है। अब इस जर्जर भवन की जगह जबतक नया भवन नहीं बन जाता है, तबतक विभागों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके लिए जगह तलाशी जा रही है। ट्रॉमा सेंटर में डेंटल ओपीडी शुरू की जा सकती है।
नए ब्लॉक में जगह कम, 5 ओपीडी हो रही संचालित
अस्पताल के नए ब्लॉक में जगह की कमी है क्योंकि वहां नेत्र, मेडिसिन, कान-नाक-गला, मनोरोग, त्वचा, प्रयोगशाला, नेत्र व ईएनटी ऑपरेशन थियेटर संचालित हैं। नए ब्लॉक के भवन की भी एक साल से मरम्मत का काम चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। हालांकि नई बिल्डिंग में भी कुछ ओपीडी शुरू हो सकती है। इसके अलावा नए ब्लॉक में रिसेप्शन रूम बनाया गया है। अन्य काम भी चल रहा है जिसमें छत की सिलिंग भी जारी है।
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पीएमओ-सीएमओ कार्यालय भी होगा शिफ्ट
फिलहाल नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में संचालित हो रही ओपीडी को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि 200 बेड का अस्पताल कहां पर बनेगा लेकिन संभावनाएं पुराने अस्पताल में ही बनने की है। इसके लिए बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। इसके अलावा सीएमओ कार्यालय भी दूसरी जगह शिफ्ट होगा। बिल्डिंग टूटने पर पीएमओ कार्यालय भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
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वर्जन
पुरानी बिल्डिंग में लेबर रूम और कुछ वार्ड के मरीजों को शिफ्ट करना पड़ा है। नई बिल्डिंग में अभी स्पेस नहीं है लेकिन पुरानी बिल्डिंग को लेकर वैकल्पिक जगह देखी जा रही है। इसे लेकर सिविल सर्जन को अवगत कराया गया है। - डॉ. सुरेंद्र यादव, पीएमओ, रेवाड़ी।