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Rewari News: तिरंगा लाइट से जगमगाएगा शहर
Mon, 04 Mar 2024 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:25 AM IST
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रेवाड़ी। शहर में स्ट्रीट पोल पर लाइट लगाने के लिए लंबे समय से मांग की जा रही है। वहीं, अब लोगों का इंतजार भी खत्म होने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर जो बजट बनाया गया था, वह पास हो चुका है। साथ ही टेंडर भी लगा दिया गया है। लाइट के लिए करीब 43.80 लाख रुपये की राशि नगर परिषद खर्च करेगा। विशेष बात यह है कि जो लाइट लगाई जाएंगी वह तिरंगा लाइट होंगी। एक लाइट करीब 100 वाट की होगी। लाइट की दो साल की वारंटी होगी। दो साल के अंदर अगर लाइट खराब होती है तो उसे बदला जा सकता है। यह लाइट उन जगहों पर लगाई जाएंगी जो नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। नगर परिषद की टीम की ओर से कुछ समय पहले सर्वे किया गया था। सर्वे में यह पता लगाया गया था कि शहर में कितने पोल हैं, ताकि उसी हिसाब से बजट बनाकर भेजा जा सकें। सर्वे में मालूम चला है कि शहर में नगर परिषद के 700 खंभे हैं। उसी के हिसाब से तिरंगा लाइट भी मंगवाई जाएंगी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिरंगा लाइट लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा। टेंडर भरने की अंतिम तिथि 26 मार्च निर्धारित की गई है।
2400 स्ट्रीट लाइट पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये
शहर के 31 वार्डों में बची हुई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू होगा। नगर परिषद ने करीब 2400 स्ट्रीट लाइट के लिए करीब एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है। दरअसल, इससे पहले जब स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी तो कई जगह पर एक साथ ही कई लाइट लगा दी गई, जिस वजह से लाइट कम पड़ गई। वहीं, अब जिन 2400 स्ट्रीट लाइट के लिए एस्टीमेट बनाया है, वह लाइट प्रत्येक वार्ड में जरूरत के हिसाब से लगेंगी यानी कि जहां पर लाइट नहीं हैं, वहां पर अब इन लाइट का प्रयोग किया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जहां पर लाइट काम नहीं कर रही हैं वहां पर मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। इसके लिए करीब 76 लाख रुपये सालाना खर्च किए जाते हैं।
शहर को पूर्ण रूप से रोशन नहीं कर पाई नगर परिषद
5.42 करोड़ रुपये की लागत से 31 वार्डों में लगाई गई 10428 लाइट भी शहर को रोशन नहीं कर सकीं। नियमानुसार 18 से 24 मीटर चौड़ी रोड पर 90 वाट और चौड़ी सड़कों पर 24 से 45 वाट की एलईडी लाइट लगाई जानी थी, लेकिन कर्मचारियों ने जहां एक की जरूरत थी, वहां चार लगा दी और कहीं पर एक भी नहीं लगाई। लाइट नहीं होने के कारण शहर के अनेक हिस्सों में रात के समय अंधेरा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभाग ने अपने करीबी और रसूखदार लोगों के घरों के आसपास नियमों को दरकिनार कर लाइट लगा दी है। शहर के सबसे बड़े हिस्से सेक्टर-4 में स्थिति ज्यादा खराब भी है, वहीं आकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, हुड्डा डिस्पेंसरी में पोसवाल चौक से लेकर सैनिक स्कूल तक इक्का दुक्का लाइट होने के चलते अंधेरा छाया रहता है। वहीं, रेवाड़ी शहर के वार्ड नंबर-19 में सबसे ज्यादा 567 लाइटें लगी है।
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सर्वे में मालूम चला है कि शहर में नगर परिषद के 700 खंभे हैं। उसी के हिसाब से तिरंगा लाइट भी मंगवाई जाएंगी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिरंगा लाइट लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा।-सुनील कुमार, जेई, नगर परिषद रेवाड़ी।
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2400 स्ट्रीट लाइट पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये
शहर के 31 वार्डों में बची हुई स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू होगा। नगर परिषद ने करीब 2400 स्ट्रीट लाइट के लिए करीब एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया है। दरअसल, इससे पहले जब स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी तो कई जगह पर एक साथ ही कई लाइट लगा दी गई, जिस वजह से लाइट कम पड़ गई। वहीं, अब जिन 2400 स्ट्रीट लाइट के लिए एस्टीमेट बनाया है, वह लाइट प्रत्येक वार्ड में जरूरत के हिसाब से लगेंगी यानी कि जहां पर लाइट नहीं हैं, वहां पर अब इन लाइट का प्रयोग किया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि जहां पर लाइट काम नहीं कर रही हैं वहां पर मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। इसके लिए करीब 76 लाख रुपये सालाना खर्च किए जाते हैं।
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शहर को पूर्ण रूप से रोशन नहीं कर पाई नगर परिषद
5.42 करोड़ रुपये की लागत से 31 वार्डों में लगाई गई 10428 लाइट भी शहर को रोशन नहीं कर सकीं। नियमानुसार 18 से 24 मीटर चौड़ी रोड पर 90 वाट और चौड़ी सड़कों पर 24 से 45 वाट की एलईडी लाइट लगाई जानी थी, लेकिन कर्मचारियों ने जहां एक की जरूरत थी, वहां चार लगा दी और कहीं पर एक भी नहीं लगाई। लाइट नहीं होने के कारण शहर के अनेक हिस्सों में रात के समय अंधेरा रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभाग ने अपने करीबी और रसूखदार लोगों के घरों के आसपास नियमों को दरकिनार कर लाइट लगा दी है। शहर के सबसे बड़े हिस्से सेक्टर-4 में स्थिति ज्यादा खराब भी है, वहीं आकर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, हुड्डा डिस्पेंसरी में पोसवाल चौक से लेकर सैनिक स्कूल तक इक्का दुक्का लाइट होने के चलते अंधेरा छाया रहता है। वहीं, रेवाड़ी शहर के वार्ड नंबर-19 में सबसे ज्यादा 567 लाइटें लगी है।
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सर्वे में मालूम चला है कि शहर में नगर परिषद के 700 खंभे हैं। उसी के हिसाब से तिरंगा लाइट भी मंगवाई जाएंगी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तिरंगा लाइट लगाने का काम भी शुरू हो जाएगा।-सुनील कुमार, जेई, नगर परिषद रेवाड़ी।