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Rewari News: गुरु साहिब के जीवन से जुड़े प्रसंग बताए
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ज्ञानी जयवीर सिंह मंच से संबोधित करते। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ज्ञानी जयवीर सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं व इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों को विस्तारपूर्वक विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि देश और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर का बलिदान युवाओं को देशभक्ति की गाथा गाते हुए हमेशा याद रहेगा।
वहीं सरदार कृपाल सिंह ने गुरु साहिब के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों व पूरे भारतीयों के धर्म की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने गुरु तेग बहादुर के सम्मान, उनके आदर्शों व धर्म की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में गुरु साहिब की शिक्षाओं को आज की पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया व सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
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उन्होंने वक्ताओं, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. जागीर नागर ने किया।
यह सेमिनार डॉ. जसविंदर सिंह के संयोजन व छात्र कल्याण विभाग के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर प्रोफेसर सविता श्योराण, डॉ. रीना हुड्डा, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. प्रिया, डॉ. दीप्ति, डॉ. संदीप ने भाग लिया।
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कार्यक्रम में ज्ञानी जयवीर सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं व इतिहास के महत्वपूर्ण प्रसंगों को विस्तारपूर्वक विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि देश और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर का बलिदान युवाओं को देशभक्ति की गाथा गाते हुए हमेशा याद रहेगा।
वहीं सरदार कृपाल सिंह ने गुरु साहिब के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों और प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों व पूरे भारतीयों के धर्म की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया।
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कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने गुरु तेग बहादुर के सम्मान, उनके आदर्शों व धर्म की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। अधिष्ठाता शैक्षणिक मामले प्रोफेसर सुनील कुमार ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में गुरु साहिब की शिक्षाओं को आज की पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया व सभी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
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उन्होंने वक्ताओं, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन डॉ. जागीर नागर ने किया।
यह सेमिनार डॉ. जसविंदर सिंह के संयोजन व छात्र कल्याण विभाग के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर प्रोफेसर सविता श्योराण, डॉ. रीना हुड्डा, डॉ. सुशांत यादव, डॉ. प्रिया, डॉ. दीप्ति, डॉ. संदीप ने भाग लिया।