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Rewari News: दो साल में विद्यार्थियों का स्कूल छोड़ने का कारण तलाशेंगे शिक्षक
Mon, 05 Jun 2023 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 05 Jun 2023 11:20 PM IST
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2021-2022 और 2022-2023 में कितने विद्यार्थियों ने स्कूल ड्रॉप आउट किया और क्यों किया? इसकी वजह जानी जाएगी। जिला शिक्षा विभाग की ओर से खंडवार आंकड़ा जुटाया जाएगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को इसकी रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को देनी होगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल मुखियाओं को रिपोर्ट में यह दर्ज करना होगा कि उनके यहां के स्कूलों में कितने विद्यार्थी दो साल में स्कूल छोड़ चुके हैं। शिक्षक इसके कारण पोर्टल पर अपलोड करेंगे। राजकीय स्कूलों के साथ निजी स्कूलों में कोरोना काल के बाद की स्थिति का आकलन किया जाएगा। दो वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी या कम हुई , सरकारी या निजी स्कूलों से मुंह मोड़ा यानी दाखिला नहीं लिया, इस बात का पता लगाया जाएगा। दो साल के दौरान पहली से 11वीं कक्षा तक स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा जुटाया जाएगा। यह जिम्मेदारी डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से प्रदेश के सभी डीईओ को दी गई है।
क्या शिक्षकों की कमी के चलते छोड़ा स्कूल
शिक्षकों के माध्यम से जाना जाएगा कि स्कूल किस कारण से विद्यार्थी छोड़ गए। कारण जानने के बाद स्कूलों में सुविधाओं के साथ स्टाफ की तरफ गौर किया जाएगा। इन दो साल में सरकारी स्कूलों से बच्चे काफी छोड़ गए हैं, क्योंकि स्टाफ की कमी हैं। स्टाफ की कमी से पढ़ाई बच्चों की प्रभावित हो रही है। उसके बाद भी स्कूलों में स्टाफ नहीं आया। बच्चों के राजकीय स्कूलों को छोड़ने की बड़ी वजह यही हो सकती है।
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दो सालों के अंदर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की रिपोर्ट निदेशालय ने मांगी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी, जिसे निदेशालय भेज दिया जाएगा।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी
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जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को इसकी रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को देनी होगी। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। स्कूल मुखियाओं को रिपोर्ट में यह दर्ज करना होगा कि उनके यहां के स्कूलों में कितने विद्यार्थी दो साल में स्कूल छोड़ चुके हैं। शिक्षक इसके कारण पोर्टल पर अपलोड करेंगे। राजकीय स्कूलों के साथ निजी स्कूलों में कोरोना काल के बाद की स्थिति का आकलन किया जाएगा। दो वर्षों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी या कम हुई , सरकारी या निजी स्कूलों से मुंह मोड़ा यानी दाखिला नहीं लिया, इस बात का पता लगाया जाएगा। दो साल के दौरान पहली से 11वीं कक्षा तक स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों का आंकड़ा जुटाया जाएगा। यह जिम्मेदारी डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन की ओर से प्रदेश के सभी डीईओ को दी गई है।
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क्या शिक्षकों की कमी के चलते छोड़ा स्कूल
शिक्षकों के माध्यम से जाना जाएगा कि स्कूल किस कारण से विद्यार्थी छोड़ गए। कारण जानने के बाद स्कूलों में सुविधाओं के साथ स्टाफ की तरफ गौर किया जाएगा। इन दो साल में सरकारी स्कूलों से बच्चे काफी छोड़ गए हैं, क्योंकि स्टाफ की कमी हैं। स्टाफ की कमी से पढ़ाई बच्चों की प्रभावित हो रही है। उसके बाद भी स्कूलों में स्टाफ नहीं आया। बच्चों के राजकीय स्कूलों को छोड़ने की बड़ी वजह यही हो सकती है।
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दो सालों के अंदर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों की रिपोर्ट निदेशालय ने मांगी है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आ जाएगी, जिसे निदेशालय भेज दिया जाएगा।
- नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी