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Rewari News: बाल विवाह न करने की विद्यार्थियों को दिलाई शपथ
Thu, 17 Apr 2025 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:25 AM IST
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फोटो : 06संरक्षण एवं बाल निषेध अधिकारी सरिता शर्मा राजकीय विद्यालय जड़थल में बच्चों को बाल वि
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के जड़थल, संगवाड़ी और साल्हावास गांव में स्थित विद्यालयों में बाल विवाह निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा ही नहीं बल्कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार कानूनी अपराध है। विवाह के लिए लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष व लड़के की शादी की उम्र 21 वर्ष होनी आवश्यक है। इससे पूर्व विवाह करना कानूनी अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान हैै।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह के आयोजन बारे यदि किसी को सूचना मिलती है तो वह नजदीक के पुलिस थाना, चौकी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, बाल संरक्षण अधिकारी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास, एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार, सीटीएम, पुलिस अधीक्षक व बाल विवाह निषेध अधिकारी व पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर दें। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें।
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रेवाड़ी। जिले के जड़थल, संगवाड़ी और साल्हावास गांव में स्थित विद्यालयों में बाल विवाह निषेध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा ही नहीं बल्कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार कानूनी अपराध है। विवाह के लिए लड़की की शादी की उम्र 18 वर्ष व लड़के की शादी की उम्र 21 वर्ष होनी आवश्यक है। इससे पूर्व विवाह करना कानूनी अपराध है। नियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में भागीदार सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसके तहत 2 साल की जेल व एक लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान हैै।
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उन्होंने कहा कि बाल विवाह के आयोजन बारे यदि किसी को सूचना मिलती है तो वह नजदीक के पुलिस थाना, चौकी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, बाल संरक्षण अधिकारी, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास, एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार, सीटीएम, पुलिस अधीक्षक व बाल विवाह निषेध अधिकारी व पुलिस कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 112, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, तथा महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर दें। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में बाल विवाह का आयोजन न होने दें। ऐसा पाए जाने पर इसकी सूचना प्रशासन को दें और बाल विवाह रोकना सुनिश्चित करें।
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