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आईजीयू में रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा हॉस्टल, विवि से 65 किमी की दूरी जरूरी

Thu, 05 Aug 2021 11:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 11:09 PM IST
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Students of Rewari-Mahendragarh district will not get hostel in IGU
मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर में रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के विद्यार्थियों को हॉस्टल नहीं मिल सकेगा। इसमें सबसे बड़ी बाधा विवि की ओर से बनाया गया 65 किमी की दूरी कार नियम है। इसके चले विवि के छात्र संगठनों में रोष है।
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छात्र संगठनों का कहना है कि विवि में 98 प्रतिशत विद्यार्थी रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ के ही पढ़ते हैं। विवि से महेंद्रगढ़ की दूरी भी महज 55 किमी है। ऐसे में हॉस्टल देने का नियम कैसे और क्या सोचकर बनाया गया, समझ से परे है। विवि में 3500 से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत छात्राएं है। छात्रावास नहीं मिलने के चलते इन छात्राओं को विवि से 15 किमी दूर रेवाड़ी शहर में आकर पीजी में रहना पड़ता है। विवि जाने के लिए उन्हें प्रत्येक दिन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर हॉस्टल की कमी के चलते एक-एक कमरे में तीन विद्यार्थियों को रखा गया है। इसके चलते जिनको हॉस्टल मिला उन छात्रों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पा रही है।
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पेयजल की समस्या का भी आरोप
छात्र संगठनों के अनुसार आईजीयू दक्षिण हरियाणा का एक एकमात्र विचित्र विश्वविद्यालय है, जिसके रूल और रेगुलेशन हरियाणा की सभी विश्वविद्यालयों से अलग हैं। हॉस्टल लेने के लिए विद्यार्थियों को 65 किलोमीटर दूर का होना आवश्यक है। हॉस्टल में पीने योग्य पानी नहीं है। पानी की इतनी बुरी हालत है कि पानी के अंदर कीड़े रहते हैं और वाटर कूलर की हालत भी बिल्कुल खराब है। हॉस्टल में कोई भी कॉमन स्टडी रूम नहीं है। हॉस्टल की हालत सुधारने की बजाए हमारे यहां ऐसी बातों पर ध्यान दिया जाता है, जो बिल्कुल निरर्थक है। यदि हॉस्टल लेने के लिए विद्यार्थियों को 65 किलोमीटर दूर का होना अनिवार्य है तो इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की जरूरत ही क्या है। इलाके के विद्यार्थी गुरुग्राम विश्वविद्यालय में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ही एडमिशन ले सकते हैं।
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छात्राओं के लिए नए हॉस्टल की नहीं रखी जा सकी ईंट
वर्ष 2019 से आईजीयू में छात्राओं के लिए छात्रावास की किल्लत दूर करने के लिए बहुमंजिला छात्रावास बनाने को दावे किए जा रहे हैं। डिजाइन भी तैयार हुए और समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुए। लेकिन धरातल पर आज तक एक ईंट तक नहीं लग पाई है। निर्माण के लिए कई एजेंसियों से अनुबंध करने के दावे किए गए, लेकिन अभी भी प्रोजेक्ट अधर में अटका हुआ है। जबकि प्रत्येक वर्ष नए सत्र से पहले हॉस्टल निर्माण का दावा किया जाता है। ऐसे में सवाल है कि विवि का बजट दोगुना होने के बाद भी छात्रों को सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं।

प्रांत संयोजक एबीवीपी व आईजीयू के विधि छात्र सौरभ यादव ने कहा कि आईजीयू की ओर से हॉस्टल के लिए 65 किमी दूर के होने का नियम बेतुका है। इस विवि से रेवाड़ी व महेंद्रगढ़ के कॉलेज जुड़े हुए हैं। ऐसे में अधिकतर विद्यार्थी भी यहीं से आते हैं। पेयजल की समस्या भी गंभीर है, कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। हॉस्टल में कॉमन स्टडी रूम तक नहीं है। ऐसे में किस तरह से पढ़ाई हो पाएगी।
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