{"_id":"6823914f251e41783608062c","slug":"so-far-100-people-have-been-given-notices-after-mosquito-larvae-were-found-in-their-homes-rewari-news-c-198-1-rew1001-219419-2025-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: घरों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर अबतक 100 लोगों को दिए नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: घरों में मच्छरों का लार्वा मिलने पर अबतक 100 लोगों को दिए नोटिस
Wed, 14 May 2025 12:07 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 14 May 2025 12:07 AM IST
विज्ञापन
फोटो : 20पानी की टंकी में लार्वा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को घर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव नहीं होने देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। घरों में मच्छर के लार्वे मिलने पर अबतक 100 लोगों को नोटिस दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जिले के 141 तालाबों में गंबूजिया मच्छली डाली है। 15 तालाबों गंबूजिया मछली डाली जानी है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में विशेष वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव के नेतृत्व में गठित टीमें ग्रामीण इलाकों में कूलर, गमलों, छोटे तालाब में लार्वा की जांच कर रही हैं। टीम में हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र यादव और मलेरिया विभाग के सभी बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को घरों के बाहर नालियों में कीटनाशक का छिड़काव करने का सुझाव दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य निरीक्षक विरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण में घरों में पानी की टंकियों, गमले, टायर और घरों के बाहर नालियों में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लोगों को सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लार्वा सात दिन में पनपते हैं।
सप्ताह में एक दिन दो से तीन घंटे बर्तन, कूलर व गमले सूखा छोड़ने पर मच्छरों के लार्वा नहीं पनप पाएंगे।
मलेरिया के लक्षण मच्छरों के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते हैं। इसमें ठंड के साथ बुखार होना, बुखार के ठीक होने पर पसीना आना, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां होना, बेहोशी आना, एनीमिया आदि मलेरिया के लक्षण हैं।
सात वर्ष में डेंगू व मलेरिया के मिले इतने मामले
जिले में डेंगू के वर्ष 2018 में 82, 2019 में 27, 2020 में 39 व वर्ष 2021 में 306, 2022 में 324, 2023 में 406, 2024 में 421 व इस वर्ष अभी तक पांच मरीज मिले हैं। इसी तरह मलेरिया के वर्ष 2018 में 13, वर्ष 2019 में 8, वर्ष 2020 में 2 और वर्ष 2021 में 1, 2022 में 3 और 2023 में 9, 2024 में 8 मिले। इस वर्ष मलेरिया का एक भी मामला नहीं मिला है।
-
पिछले साल मिले थे डेंगू के 416 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 416 केस सामने आए थे। यह अब तक का सबसे बड़ा आकड़ा है। इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है। जिले में फागिंग कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया और डेंगू की जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। वहीं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
वर्जन
बारिश का मौसम शुरू हो गया है। मच्छरों से बचाव के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों जागरूक कर रही हैं। घरों में और आसपास पानी एकत्रित न होने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। - डॉ. अमित यादव, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया रेवाड़ी
विज्ञापन
रेवाड़ी। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को घर और आसपास के क्षेत्र में जलभराव नहीं होने देने के लिए प्रेरित कर रही हैं। घरों में मच्छर के लार्वे मिलने पर अबतक 100 लोगों को नोटिस दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जिले के 141 तालाबों में गंबूजिया मच्छली डाली है। 15 तालाबों गंबूजिया मछली डाली जानी है। डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए नागरिक अस्पताल में विशेष वार्ड बनाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव के नेतृत्व में गठित टीमें ग्रामीण इलाकों में कूलर, गमलों, छोटे तालाब में लार्वा की जांच कर रही हैं। टीम में हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र यादव और मलेरिया विभाग के सभी बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों और तीमारदारों को घरों के बाहर नालियों में कीटनाशक का छिड़काव करने का सुझाव दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य निरीक्षक विरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले चरण में घरों में पानी की टंकियों, गमले, टायर और घरों के बाहर नालियों में मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लोगों को सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। लार्वा सात दिन में पनपते हैं।
सप्ताह में एक दिन दो से तीन घंटे बर्तन, कूलर व गमले सूखा छोड़ने पर मच्छरों के लार्वा नहीं पनप पाएंगे।
मलेरिया के लक्षण मच्छरों के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते हैं। इसमें ठंड के साथ बुखार होना, बुखार के ठीक होने पर पसीना आना, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां होना, बेहोशी आना, एनीमिया आदि मलेरिया के लक्षण हैं।
सात वर्ष में डेंगू व मलेरिया के मिले इतने मामले
जिले में डेंगू के वर्ष 2018 में 82, 2019 में 27, 2020 में 39 व वर्ष 2021 में 306, 2022 में 324, 2023 में 406, 2024 में 421 व इस वर्ष अभी तक पांच मरीज मिले हैं। इसी तरह मलेरिया के वर्ष 2018 में 13, वर्ष 2019 में 8, वर्ष 2020 में 2 और वर्ष 2021 में 1, 2022 में 3 और 2023 में 9, 2024 में 8 मिले। इस वर्ष मलेरिया का एक भी मामला नहीं मिला है।
-
पिछले साल मिले थे डेंगू के 416 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 416 केस सामने आए थे। यह अब तक का सबसे बड़ा आकड़ा है। इस बार विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है। जिले में फागिंग कराने को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया और डेंगू की जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। वहीं घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
वर्जन
बारिश का मौसम शुरू हो गया है। मच्छरों से बचाव के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों जागरूक कर रही हैं। घरों में और आसपास पानी एकत्रित न होने देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। - डॉ. अमित यादव, नोडल अधिकारी, डेंगू एवं मलेरिया रेवाड़ी