{"_id":"698cc3a686263bae6608cfb2","slug":"small-and-cottage-industries-are-the-backbone-of-self-reliant-india-dr-rajesh-rewari-news-c-198-1-rew1001-233437-2026-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"लघु एवं कुटीर उद्योग आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ : डॉ. राजेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लघु एवं कुटीर उद्योग आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ : डॉ. राजेश
विज्ञापन
विशेष शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
कोसली। राजकीय महाविद्यालय कोसली में प्लेसमेंट सेल एवं महिला सेल के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि विकसित भारत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक समावेशन से जुड़ा व्यापक लक्ष्य है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को निखारने का आह्वान किया। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि लघु एवं कुटीर उद्योग आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं और स्वरोजगार के माध्यम से युवा रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
डॉ. प्रियंका ने नारी शिक्षा पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शिक्षित महिला समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. लाज कौशल ने अतिथियों का स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों को अपनाने और अपने कौशल को निखारने का आह्वान किया। डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि लघु एवं कुटीर उद्योग आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ हैं और स्वरोजगार के माध्यम से युवा रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।
विज्ञापन
डॉ. प्रियंका ने नारी शिक्षा पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शिक्षित महिला समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. लाज कौशल ने अतिथियों का स्वागत किया।
विज्ञापन