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Rewari News: फ्लाईओवर के निर्माण को सात साल बीते, पोल तो लगे लाइट नहीं
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धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर बसा औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा में बने फ्लाईओवर के निर्माण को सात साल बीतने के बाद भी स्थिति बदहाल बनी हुई है। लगभग 7 वर्ष पूरे होने के बावजूद अभी तक केवल पोल ही खड़े दिखाई देते हैं। उन पर वर्षों से लाइट नहीं लगाई गई है, जिसको देखते हुए स्थानीय लोगों की ओर से एनएचएआई को कई बार पत्र भेज फ्लाईओवर पर लाइट लगवाने का अनुरोध किया गया है, लेकिन आज तक फ्लाइओवर पर बगैर लाइट के लगे पोल अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहे हैं। फ्लाईओवर से गुजरने वाले वाहनों को रात के समय परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, अंधेरे की वजह से हादसों का डर भी बना रहता है। इसके बावजूद अधिकारियों को कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।
फ्लाईओवर की दीवारों के साथ, सर्विस लेन व डिवाइडरों पर पेड़ पौधों की झाड़ियां सड़क किनारे आ चुकी हैं जो फ्लाईओवर की दुर्दशा को बयां कर रही है। इनको हाइवे की सर्विस लेन व फ्लाईओवर से हटाने को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। कोहरा में भी हादसे का खतरा है।
धारूहेड़ा उन्नत व विकसित कस्बे के रूप में बना चुका है पहचान
धारूहेड़ा एक उन्नत व विकसित कस्बे के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यहां पर औद्योगिक इकाइयों के साथ ही रियल एस्टेट व शिक्षा को लेकर काफी संभावना बनी हुई है, लेकिन धारूहेड़ा में आने जाने वाले लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्टविटी को लेकर कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धारूहेड़ा क्षेत्र चारों ओर से औद्योगिक इकाईयों से घिरा हुआ है। भविष्य में क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयों की बढ़ोतरी होनी है, लेकिन धारूहेड़ा में प्रवेश व निकास के लिए जो भी रास्ते छोड़े हुए हैं उनकी चौड़ाई काफी कम है, जिस कारण भारी वाहन जब भी शहर में प्रवेश करते हैं या शहर से बाहर निकलते हैं तो जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। कई बार तो एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
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राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र से सटा हुआ है धारूहेड़ा
धारूहेड़ा क्षेत्र राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। भिवाडी व खुशखेडा औद्योगिक क्षेत्र साथ लगते हैं, जिसमें हजारों की संख्या में औद्योगिक इकाईयां स्थापित हैं। इन औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर वाहन धारूहेड़ा शहरी क्षेत्र से होकर निकलते हैं, जिस कारण आमतौर पर प्रतिदिन शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है।
समाधान के लिए भेजा पत्र
दूसरी तरफ गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव सहित सम्बन्धित अधिकारियों को पत्र भेज धारूहेड़ा फ्लाईओवर की बदहाल स्थिति से अवगत करा समाधान की अपील की गई है।
व्यवस्था को जल्द दुरूस्त करवाने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- योगेश पाठक, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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फ्लाईओवर की दीवारों के साथ, सर्विस लेन व डिवाइडरों पर पेड़ पौधों की झाड़ियां सड़क किनारे आ चुकी हैं जो फ्लाईओवर की दुर्दशा को बयां कर रही है। इनको हाइवे की सर्विस लेन व फ्लाईओवर से हटाने को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। कोहरा में भी हादसे का खतरा है।
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धारूहेड़ा उन्नत व विकसित कस्बे के रूप में बना चुका है पहचान
धारूहेड़ा एक उन्नत व विकसित कस्बे के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यहां पर औद्योगिक इकाइयों के साथ ही रियल एस्टेट व शिक्षा को लेकर काफी संभावना बनी हुई है, लेकिन धारूहेड़ा में आने जाने वाले लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्टविटी को लेकर कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धारूहेड़ा क्षेत्र चारों ओर से औद्योगिक इकाईयों से घिरा हुआ है। भविष्य में क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयों की बढ़ोतरी होनी है, लेकिन धारूहेड़ा में प्रवेश व निकास के लिए जो भी रास्ते छोड़े हुए हैं उनकी चौड़ाई काफी कम है, जिस कारण भारी वाहन जब भी शहर में प्रवेश करते हैं या शहर से बाहर निकलते हैं तो जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। कई बार तो एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहन भी जाम में फंस जाते हैं।
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राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र से सटा हुआ है धारूहेड़ा
धारूहेड़ा क्षेत्र राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। भिवाडी व खुशखेडा औद्योगिक क्षेत्र साथ लगते हैं, जिसमें हजारों की संख्या में औद्योगिक इकाईयां स्थापित हैं। इन औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर वाहन धारूहेड़ा शहरी क्षेत्र से होकर निकलते हैं, जिस कारण आमतौर पर प्रतिदिन शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है।
समाधान के लिए भेजा पत्र
दूसरी तरफ गांव खरखड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश ने मंगलवार को प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गड़करी, एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव सहित सम्बन्धित अधिकारियों को पत्र भेज धारूहेड़ा फ्लाईओवर की बदहाल स्थिति से अवगत करा समाधान की अपील की गई है।
व्यवस्था को जल्द दुरूस्त करवाने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- योगेश पाठक, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई