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सरकारी चक्कर, सात दिन में मिलने वाली एनओसी में लग गए 68 दिन
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प्रदेश सरकार के तमाम दावों के बावजूद भी सरकारी कार्यालयों में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को कर्मचारियों द्वारा जानबूझ कर परेशान किया जाता है। इन कार्यालयों में कर्मचारी स्वयं को अधिकारियों से भी प्रभावशाली मानते हैं। ऐसा ही एक मामला क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (डीटीओ) कार्यालय से जुड़ा हुआ सामने आया है, जिसमें एक ऑटो की एनओसी 68 दिन बाद जारी गई जबकि इसकी अवधि सात दिन की तय की गई है। एनओसी लेने के लिए आवेदक ने कार्यालय के सैकड़ों चक्कर लगाने के बाद विभाग के अधिकारी के पास पहुंचे। उसके बाद अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद एनओसी मिल पाई है। शहर के आर्य नगर निवासी रमेश कुमार सचदेवा ने बताया कि उन्होंने अपना ऑटो बेचा था। इसके लिए आरटीओ कार्यालय की तरफ से एनओसी दी जानी थी। इसके लिए उन्होंने पिछले साल 20 नवंबर को विभाग के कार्यालय में आवेदन दिया था। सरकार की तरफ से सेवा शर्तों के अनुसार इसके लिए अधिकतम सात दिन तय किए हुए हैं ।
अधिकारी के दखल के बावजूद कई बार वापस भेजा
रमेश सचदेवा ने पूरे मामले से विभाग के सचिव गजेंद्र सिंह को अवगत कराया उनकी तरफ से जब इस मामले में दखल दिया। इसके बाद 28 जनवरी को इसकी एनओसी जारी की गई।
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अधिकारी के दखल के बावजूद कई बार वापस भेजा
रमेश सचदेवा ने पूरे मामले से विभाग के सचिव गजेंद्र सिंह को अवगत कराया उनकी तरफ से जब इस मामले में दखल दिया। इसके बाद 28 जनवरी को इसकी एनओसी जारी की गई।
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