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Rewari News: बारिश ने बढ़ाई परेशानी, 20 हजार एकड़ में सरसों के अंकुरण पर संकट
Fri, 30 Oct 2026 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:52 PM IST
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बारिश के बाद निकली धूप व खेतों में की गई सरसों की बिजाई। संवाद
रेवाड़ी। जिले में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश जहां गेहूं की बिजाई के लिए लाभदायक है, वहीं सरसों की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस बार जिले में 1.20 लाख एकड़ भूमि में सरसों की बिजाई हो चुकी है। पिछले चार दिनों में 20 हजार एकड़ में किसानों ने सरसों की बिजाई की है। बारिश के बाद धूप होने से खेतों की ऊपरी सतह पर पपड़ी बनने का खतरा बढ़ गया है। इससे अंकुरित हो रहे सरसों के बीज मिट्टी की सतह को तोड़कर बाहर नहीं निकल पाएंगे और फसल की जमवार प्रभावित हो सकती है।
सरसों की अच्छी पैदावार के लिए बिजाई के बाद खेत में पर्याप्त नमी होना जरूरी है, लेकिन जमवार के बाद अधिक बारिश होने से खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी भी नुकसान पहुंचा सकती है।
विशेषकर जिन किसानों ने हाल ही में बिजाई की है, उनके खेतों में बारिश के बाद धूप निकलने से मिट्टी की ऊपरी परत सख्त होने की आशंका है। बारिश के बाद धूप निकलने से सूखने के बाद यदि मिट्टी में पपड़ी बनती है तो अंकुरण के दौरान पौधों को जमीन से बाहर निकलने में परेशानी होगी। इसका सीधा असर पौधों की संख्या और आगे चलकर उत्पादन पर पड़ सकता है।
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जिन खेतों में सरसों के बीज अंकुरित होने की प्रक्रिया में हैं, वहां किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खेत की ऊपरी सतह पर पपड़ी बनने से अंकुरित पौधे दब सकते हैं। ऐसे में खेतों का निरीक्षण करते रहें। जहां मिट्टी की परत सख्त हो रही है, वहां कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर उचित उपाय करें। बिना जरूरत खेत में ट्रैक्टर या भारी कृषि यंत्र चलाने से बचें, ताकि मिट्टी की संरचना और अंकुरित पौधों को नुकसान न पहुंचे।
गेहूं की बिजाई के लिए बारिश बनी वरदान:
दूसरी ओर बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल गई हैं। इससे जमीन तैयार करने और बिजाई के दौरान सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। किसान खेत की नमी और मौसम की स्थिति को देखते हुए गेहूं की अगेती किस्मों की बिजाई की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि बिजाई से पहले खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए।
वर्जन:
किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम में बदलाव को देखते हुए जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। सरसों की हाल ही में बिजाई किए गए खेतों में जमवार की स्थिति पर नजर रखें और गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करते समय मिट्टी में नमी का उचित स्तर सुनिश्चित करें। इससे बारिश के बाद पैदा हुई परिस्थितियों का लाभ उठाया जा सकेगा। विशेषकर हाल ही में बिजाई की गई सरसों की जमवार पर विशेष निगरानी रखें।- डॉ. मनोज कुमार, कृषि विकास एवं तकनीकी अधिकारी, किसान एवं कृषि कल्याण विभाग रेवाड़ी।
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सरसों की अच्छी पैदावार के लिए बिजाई के बाद खेत में पर्याप्त नमी होना जरूरी है, लेकिन जमवार के बाद अधिक बारिश होने से खेतों में जरूरत से ज्यादा नमी भी नुकसान पहुंचा सकती है।
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विशेषकर जिन किसानों ने हाल ही में बिजाई की है, उनके खेतों में बारिश के बाद धूप निकलने से मिट्टी की ऊपरी परत सख्त होने की आशंका है। बारिश के बाद धूप निकलने से सूखने के बाद यदि मिट्टी में पपड़ी बनती है तो अंकुरण के दौरान पौधों को जमीन से बाहर निकलने में परेशानी होगी। इसका सीधा असर पौधों की संख्या और आगे चलकर उत्पादन पर पड़ सकता है।
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जिन खेतों में सरसों के बीज अंकुरित होने की प्रक्रिया में हैं, वहां किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। खेत की ऊपरी सतह पर पपड़ी बनने से अंकुरित पौधे दब सकते हैं। ऐसे में खेतों का निरीक्षण करते रहें। जहां मिट्टी की परत सख्त हो रही है, वहां कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर उचित उपाय करें। बिना जरूरत खेत में ट्रैक्टर या भारी कृषि यंत्र चलाने से बचें, ताकि मिट्टी की संरचना और अंकुरित पौधों को नुकसान न पहुंचे।
गेहूं की बिजाई के लिए बारिश बनी वरदान:
दूसरी ओर बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल गई हैं। इससे जमीन तैयार करने और बिजाई के दौरान सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। किसान खेत की नमी और मौसम की स्थिति को देखते हुए गेहूं की अगेती किस्मों की बिजाई की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि बिजाई से पहले खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए।
वर्जन:
किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम में बदलाव को देखते हुए जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। सरसों की हाल ही में बिजाई किए गए खेतों में जमवार की स्थिति पर नजर रखें और गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करते समय मिट्टी में नमी का उचित स्तर सुनिश्चित करें। इससे बारिश के बाद पैदा हुई परिस्थितियों का लाभ उठाया जा सकेगा। विशेषकर हाल ही में बिजाई की गई सरसों की जमवार पर विशेष निगरानी रखें।- डॉ. मनोज कुमार, कृषि विकास एवं तकनीकी अधिकारी, किसान एवं कृषि कल्याण विभाग रेवाड़ी।