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राजकीय स्कूलों के बच्चों की गणित और विज्ञान की उलझन सुलझाएंगे प्रोफेसर
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मुकेश यादव, परियोजना अधिकारी
- फोटो : Rewari
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अब कॉलेजों के प्रोफेसर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की गणित व विज्ञान की पढ़ाई में आने वाली समस्याओं का निराकरण करेंगे। इसके लिए जनपद के दस उच्च स्कूलों का चयन किया जाएगा। पिछले साल चयनित स्कूलों में भी कॉलेजों के प्रोफेसर जाकर वहां के बच्चों को पढ़ाएंगे और उनकी समस्याओं को दूर करेंगे।
इसमें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता शक्ति को बढ़ाने के साथ ही रट्टा मारने की आदत की बजाय विद्यार्थियों को समझकर किसी विषय को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं विज्ञान और गणित विशेषज्ञ अपने विषयों पर नौवीं तथा दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से चर्चा करके उन्हें 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल और मेडिकल संकाय लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
इस बाबत जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा मुकेश यादव का कहना है कि स्कूलों में चलने वाली इस प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके पहले चरण में जहां विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित विषय में रट्टा मारने की बजाय प्रयोगशाला में प्रयोग कर समझकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं दूसरे चरण में विद्यार्थियों के जटिल विषयों को लेकर लेक्चर दिए जाएंगे। ताकि विद्यार्थियों को प्रयोग विधि के बारे में जानकारी मिल सके। तीसरे चरण में विज्ञान और गणित विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा माडल बनवाए जाएंगे। जिले में ब्लाक अनुसार दो-दो स्कूल चयनित करने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो जाएगी। उसके पश्चात स्कूलों में रिसोर्स पर्सन भेजने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इससे निश्चित तौर पर ही विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
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इसमें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता शक्ति को बढ़ाने के साथ ही रट्टा मारने की आदत की बजाय विद्यार्थियों को समझकर किसी विषय को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं विज्ञान और गणित विशेषज्ञ अपने विषयों पर नौवीं तथा दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से चर्चा करके उन्हें 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल और मेडिकल संकाय लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
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इस बाबत जिला परियोजना संयोजक समग्र शिक्षा मुकेश यादव का कहना है कि स्कूलों में चलने वाली इस प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके पहले चरण में जहां विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित विषय में रट्टा मारने की बजाय प्रयोगशाला में प्रयोग कर समझकर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं दूसरे चरण में विद्यार्थियों के जटिल विषयों को लेकर लेक्चर दिए जाएंगे। ताकि विद्यार्थियों को प्रयोग विधि के बारे में जानकारी मिल सके। तीसरे चरण में विज्ञान और गणित विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा माडल बनवाए जाएंगे। जिले में ब्लाक अनुसार दो-दो स्कूल चयनित करने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो जाएगी। उसके पश्चात स्कूलों में रिसोर्स पर्सन भेजने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इससे निश्चित तौर पर ही विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
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