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पीओएस ने रोकी लोगों की दाल रोटी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:40 AM IST
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गरीब लोगों की दाल-रोटी रोकी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्वाइंट ऑफ सेल्स मशीन (पीओएस) में आई तकनीकी खराबी ने जिले के गरीब लोगों की दाल-रोटी रोक दी है। दो माह से राशन नहीं मिलने के कारण इनका धैर्य जवाब देने लग गया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही राशन नहीं दिया गया तो उनको हड़ताल पर जाना पड़ा सकता है। जिले में प्रत्येक महीने करीब 300 राशन डिपो के माध्यम से औसतन 348 मीट्रिक टन गेहूं वितरित किया जाता है।
एक नवंबर से प्रदेश में शुरू हुई ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली के प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी आने से रेवाड़ी के साथ अधिकतर जिलों के लोगों को नवंबर और दिसंबर माह का राशन नहीं मिल पाया है। राशन नहीं मिलने के कारण लोग उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को अपनी व्यथा सुना चुके हैं।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर को तकनीकी खराबी दूर होने तक लोगों को मैन्युअल राशन वितरण करने का फरमान सुनाया था। बावजूद इसके राशन नहीं मिलने से नाराज शहर के बीपीएल उपभोक्ताओं अंजना, सुनीता, प्रकाश देवी, रामउचित, सुनीता, बबीता देवी, अमरनाथ, कलछा देवी, कृष्णा देवी, गंगाराम, मंजू देवी और सरिता ने अपने बीपीएल कार्डों के साथ वार्ड 12 में प्रदर्शन किया।
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मशीन की बजाए सर्वर बनी दाल-रोटी में बाधा
डिपो होल्डर की तरफ से शुरूआती दिनों में मशीन में खराबी बताकर राशन वितरण नहीं किया गया। रेवाड़ी सहित प्रदेश के 11 जिलों में पीओएस मशीन स्थापित करने और प्रबंधन का जिम्मा संभाल रही बेल कंपनी के कर्मचारियों की तरफ से आइडिया की बजाय वोडाफोन का सिम डालकर नेटवर्क ठीक करने की कोशिश की गई। लेकिन नेशनल इंर्फोमेटिक सेंटर के सर्वर में लोड अधिक होने के कारण व्यवस्था कारगर नहीं हो पाई और लोगों के सामने राशन की समस्या बन गई। सूत्रों की माने तो जनवरी के प्रथम सप्ताह तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अलग से सर्वर बनाकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
अब दाल-गेहूं के साथ बाजरा भी
जिन लोगों को नवंबर महीने में राशन नहीं मिल पाया था, अब उनको दिसंबर में बचे महीनों का राशन भी वितरित किया जाएगा। 21 दिसंबर को सभी डिपो पर राशन भेज दिया गया है। एवाई कार्ड धारकों को 32 किलो गेहूं के साथ तीन किलो बाजरा और बीपीएल को 4.50 किलो गेहूं, आधा किलो बाजरा प्रति यूनिट दिया जाएगा। कुल मिलाकर जिले में पीडीएस से 200 मीट्रिक टन बाजरे का वितरण किया जाना है। इसी के साथ जुलाई-अगस्त, सितंबर-अक्तूबर महीने की रुकी दाल भी दिसंबर में वितरित की जाएगी। उपभोक्ताओं को ढाई किलो मूंगदाल-छिलका प्रत्येक महीने दी जाती है। पिछले महीने से सप्लाई नहीं आने के कारण वितरित नहीं हो पाई थी। इसलिए इसी सप्ताह बांटे जाने वाले राशन में सभी उपभोक्ता दाल ले सकेंगे।
--------------
वर्जन-
तीन सौ में से करीब 186 डिपो होल्डर ने पीओएस मशीन से राशन वितरण किया था। जिन जगहों पर परेशानी आ रही है,वहां पर पहले की तरह राशन वितरण करवाया जा रहा है। जिन लोगों को राशन नहीं मिल पाया है। उनको राशन देने के लिए तत्काल व्यवस्था कर दी गई है। इस बार रुकी हुई दाल वितरण के साथ बाजरा भी वितरित किया जाएगा। राशन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - डॉ. प्रेमपाल सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, रेवाड़ी
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एक नवंबर से प्रदेश में शुरू हुई ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली के प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी आने से रेवाड़ी के साथ अधिकतर जिलों के लोगों को नवंबर और दिसंबर माह का राशन नहीं मिल पाया है। राशन नहीं मिलने के कारण लोग उपायुक्त और जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को अपनी व्यथा सुना चुके हैं।
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इसके बाद प्रदेश सरकार ने 16 दिसंबर को तकनीकी खराबी दूर होने तक लोगों को मैन्युअल राशन वितरण करने का फरमान सुनाया था। बावजूद इसके राशन नहीं मिलने से नाराज शहर के बीपीएल उपभोक्ताओं अंजना, सुनीता, प्रकाश देवी, रामउचित, सुनीता, बबीता देवी, अमरनाथ, कलछा देवी, कृष्णा देवी, गंगाराम, मंजू देवी और सरिता ने अपने बीपीएल कार्डों के साथ वार्ड 12 में प्रदर्शन किया।
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मशीन की बजाए सर्वर बनी दाल-रोटी में बाधा
डिपो होल्डर की तरफ से शुरूआती दिनों में मशीन में खराबी बताकर राशन वितरण नहीं किया गया। रेवाड़ी सहित प्रदेश के 11 जिलों में पीओएस मशीन स्थापित करने और प्रबंधन का जिम्मा संभाल रही बेल कंपनी के कर्मचारियों की तरफ से आइडिया की बजाय वोडाफोन का सिम डालकर नेटवर्क ठीक करने की कोशिश की गई। लेकिन नेशनल इंर्फोमेटिक सेंटर के सर्वर में लोड अधिक होने के कारण व्यवस्था कारगर नहीं हो पाई और लोगों के सामने राशन की समस्या बन गई। सूत्रों की माने तो जनवरी के प्रथम सप्ताह तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अलग से सर्वर बनाकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
अब दाल-गेहूं के साथ बाजरा भी
जिन लोगों को नवंबर महीने में राशन नहीं मिल पाया था, अब उनको दिसंबर में बचे महीनों का राशन भी वितरित किया जाएगा। 21 दिसंबर को सभी डिपो पर राशन भेज दिया गया है। एवाई कार्ड धारकों को 32 किलो गेहूं के साथ तीन किलो बाजरा और बीपीएल को 4.50 किलो गेहूं, आधा किलो बाजरा प्रति यूनिट दिया जाएगा। कुल मिलाकर जिले में पीडीएस से 200 मीट्रिक टन बाजरे का वितरण किया जाना है। इसी के साथ जुलाई-अगस्त, सितंबर-अक्तूबर महीने की रुकी दाल भी दिसंबर में वितरित की जाएगी। उपभोक्ताओं को ढाई किलो मूंगदाल-छिलका प्रत्येक महीने दी जाती है। पिछले महीने से सप्लाई नहीं आने के कारण वितरित नहीं हो पाई थी। इसलिए इसी सप्ताह बांटे जाने वाले राशन में सभी उपभोक्ता दाल ले सकेंगे।
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वर्जन-
तीन सौ में से करीब 186 डिपो होल्डर ने पीओएस मशीन से राशन वितरण किया था। जिन जगहों पर परेशानी आ रही है,वहां पर पहले की तरह राशन वितरण करवाया जा रहा है। जिन लोगों को राशन नहीं मिल पाया है। उनको राशन देने के लिए तत्काल व्यवस्था कर दी गई है। इस बार रुकी हुई दाल वितरण के साथ बाजरा भी वितरित किया जाएगा। राशन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। - डॉ. प्रेमपाल सिंह, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, रेवाड़ी