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15 फुट गहरी पाइपलाइन खुदाई के लिए नहीं थे सुरक्षा के इंतजाम, दो श्रमिक
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15 फुट गहरी पाइपलाइन खुदाई कर रहे दो श्रमिक दबे, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद निकाले गए, एक की मौत, एक गंभीर घायल
सुरक्षा के इंतजाम, - डहीना से कंवाली के बीच जोहड़ में पानी पहुंचाने के लिए पाइप डालने के लिए चल रहा था खुदाई कार्य
कार्य स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए होते तो बच सकती थी जान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रेवाड़ी/खोल। जोहड़ तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डालने के लिए चल रहे खुदाई कार्य के दौरान 15 फुट गहरे गड्ढे में मिट्टी खिसकने के चलते दो श्रमिक दब गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद श्रमिकों को बाहर निकालने के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां पर एक 30 वर्षीय युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरा श्रमिक भी गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है, पोस्टमार्टम वीरवार को होगा। बताया जा रहा है कि इतनी गहरी खुदाई के दौरान जिम्मेदारों की ओर से सुरक्षा के प्रबंध नहीं करने के चलते हादसा हुआ है, यदि सतर्कता बरती होती तो जान जाने से बच सकती थी।
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग की ओर से कंवाली गांव के जोहड़ में पानी पहुंचाने के लिए पाइप डालने का काम चल रहा था। गांव डहीना से कंवाली के बीच पाइप दबाने के लिए नाला की खुदाई की जा रही थी। विभाग की ओर से खुदाई के लिए ठेका दिया गया था। बुधवार शाम को ठेकेदार द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी तथा करीब 15 फुट गहरे नाले में श्रमिकों द्वारा नीचे ही पाइपों को जोड़ा जा रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी खिसक गई, जिसमें दो श्रमिक दब गए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद ठेकेदार भी मौके पर पहुंच गया। महेंद्रगढ़ जिला के गांव गुढा निवासी करीब 30 वर्षीय कैलाश को मृत घोषित कर दिया जबकि राजेश की हालत गंभीर बनी हुई है।
नियमों को ताक पर रख की जा रही थी खुदाई
बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा नाला की खूदाई के दौरान सभी नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा था। करीब 15 फुट गहरे नाले की खुदाई के दौरान विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए थे। न ही श्रमिकों को बचाव के लिए किसी तरह के उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
जिले में इससे पहले भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। करीब तीन साल पूर्व शहर के रामपुरा में सीवरेज की खुदाई के दौरान मिट्टी खिसकने से दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बावल में भी नैचाना रोड पर नाले की खुदाई के दौरान मिट्टी के नीचे दबने से एक श्रमिक की मौत हो चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने हादसे होने के बाद भी विभाग नहीं चेत रहा है।
प्राथमिक रूप से लापरवाही का मामला लग रहा है, मामले की जांच की जा रही है। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। दूसरे श्रमिक की हालत भी गंभीर है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र कुमार, डहीना पुलिस चौकी प्रभारी
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सुरक्षा के इंतजाम, - डहीना से कंवाली के बीच जोहड़ में पानी पहुंचाने के लिए पाइप डालने के लिए चल रहा था खुदाई कार्य
कार्य स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम किए होते तो बच सकती थी जान
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
रेवाड़ी/खोल। जोहड़ तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डालने के लिए चल रहे खुदाई कार्य के दौरान 15 फुट गहरे गड्ढे में मिट्टी खिसकने के चलते दो श्रमिक दब गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद श्रमिकों को बाहर निकालने के बाद शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यहां पर एक 30 वर्षीय युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरा श्रमिक भी गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है, पोस्टमार्टम वीरवार को होगा। बताया जा रहा है कि इतनी गहरी खुदाई के दौरान जिम्मेदारों की ओर से सुरक्षा के प्रबंध नहीं करने के चलते हादसा हुआ है, यदि सतर्कता बरती होती तो जान जाने से बच सकती थी।
जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग की ओर से कंवाली गांव के जोहड़ में पानी पहुंचाने के लिए पाइप डालने का काम चल रहा था। गांव डहीना से कंवाली के बीच पाइप दबाने के लिए नाला की खुदाई की जा रही थी। विभाग की ओर से खुदाई के लिए ठेका दिया गया था। बुधवार शाम को ठेकेदार द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी तथा करीब 15 फुट गहरे नाले में श्रमिकों द्वारा नीचे ही पाइपों को जोड़ा जा रहा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी खिसक गई, जिसमें दो श्रमिक दब गए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना के बाद ठेकेदार भी मौके पर पहुंच गया। महेंद्रगढ़ जिला के गांव गुढा निवासी करीब 30 वर्षीय कैलाश को मृत घोषित कर दिया जबकि राजेश की हालत गंभीर बनी हुई है।
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नियमों को ताक पर रख की जा रही थी खुदाई
बताया जा रहा है कि विभाग द्वारा नाला की खूदाई के दौरान सभी नियमों को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा था। करीब 15 फुट गहरे नाले की खुदाई के दौरान विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए थे। न ही श्रमिकों को बचाव के लिए किसी तरह के उपकरण उपलब्ध कराए गए थे।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
जिले में इससे पहले भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। करीब तीन साल पूर्व शहर के रामपुरा में सीवरेज की खुदाई के दौरान मिट्टी खिसकने से दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। इसके अलावा बावल में भी नैचाना रोड पर नाले की खुदाई के दौरान मिट्टी के नीचे दबने से एक श्रमिक की मौत हो चुकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि इतने हादसे होने के बाद भी विभाग नहीं चेत रहा है।
प्राथमिक रूप से लापरवाही का मामला लग रहा है, मामले की जांच की जा रही है। वीरवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। दूसरे श्रमिक की हालत भी गंभीर है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र कुमार, डहीना पुलिस चौकी प्रभारी