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मदद व दोस्त बनकर दो लोगों से 56 हजार रुपये की ठगी
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साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरह के हथकंडे अपना रहे है। बीते दिन भी साइबर ठगी की दो वारदात हुई। एक वारदात में दोस्त बनकर 49 हजार रुपये ठग लिए, जबकि दूसरे में फोन-पे कस्टमर अधिकारी बनकर एक युवक को साढ़े 7 हजार रुपये का चूना लगा दिया। मॉडल टाउन पुलिस ने दोनों ही मामलों में मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
शहर के सेक्टर-4 निवासी शुभम सैनी ने बताया कि उसके पिता के पास एक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को विनोद बताया। विनोद पिता के दोस्त का भी नाम है, इसके लिए बातचीत शुरू कर दी। उसके बाद विनोद नाम के ठग ने पहले तो बातें की और फिर खाते से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद 49 हजार रुपये की नकदी साफ कर दी। खाते से नकदी साफ होने का मैसेज आने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला।
वहीं दूसरी और बावल स्थित एक कंपनी में काम करने वाले उत्तम विहार निवासी नवीन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते दिन उनके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने पूछा कि उन्होंने फोन-पे के कस्टमर केयर पर फोन किया था। उसके बाद नवीन ने बताया कि उन्होंने फोन करने कुछ जानकारी लेने की कोशिश की थी। उसके बाद शातिर ठग ने नवीन से पूरी बातें पूछी। नवीन ने बताया कि उसने किसी को 7710 रुपये ट्रांसफर किए थे। उसके खाते से नकदी तो कट गई, लेकिन सामने वाले व्यक्ति के खाते में पैसे नहीं गए। बाद में शातिर ठग ने नकदी वापस दिलाने का झांसा देकर नवीन को एक एप इंस्टॉल करने को कहा। नवीन उसकी बातों में आ गया और एप इंस्टॉल करने के बाद ठग के कहे अनुसार जानकारी डालता गया। उसके खाते में पैसे आने की बजाए नकदी और साफ हो गई। उसके बाद ठग ने अपने नंबर ऑफ कर लिया। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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शहर के सेक्टर-4 निवासी शुभम सैनी ने बताया कि उसके पिता के पास एक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को विनोद बताया। विनोद पिता के दोस्त का भी नाम है, इसके लिए बातचीत शुरू कर दी। उसके बाद विनोद नाम के ठग ने पहले तो बातें की और फिर खाते से संबंधित जानकारी जुटाने के बाद 49 हजार रुपये की नकदी साफ कर दी। खाते से नकदी साफ होने का मैसेज आने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला।
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वहीं दूसरी और बावल स्थित एक कंपनी में काम करने वाले उत्तम विहार निवासी नवीन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते दिन उनके पास एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने पूछा कि उन्होंने फोन-पे के कस्टमर केयर पर फोन किया था। उसके बाद नवीन ने बताया कि उन्होंने फोन करने कुछ जानकारी लेने की कोशिश की थी। उसके बाद शातिर ठग ने नवीन से पूरी बातें पूछी। नवीन ने बताया कि उसने किसी को 7710 रुपये ट्रांसफर किए थे। उसके खाते से नकदी तो कट गई, लेकिन सामने वाले व्यक्ति के खाते में पैसे नहीं गए। बाद में शातिर ठग ने नकदी वापस दिलाने का झांसा देकर नवीन को एक एप इंस्टॉल करने को कहा। नवीन उसकी बातों में आ गया और एप इंस्टॉल करने के बाद ठग के कहे अनुसार जानकारी डालता गया। उसके खाते में पैसे आने की बजाए नकदी और साफ हो गई। उसके बाद ठग ने अपने नंबर ऑफ कर लिया। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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