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नए कानूनों से लोगों को मिलेगा त्वरित न्याय : पुलिस अधीक्षक
Tue, 02 Jul 2024 04:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Jul 2024 04:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को देशभर में लागू कर दिया गया है। इसके तहत नए कानूनों से अपराध पर अंकुश लगेगा और सकारात्मक नतीजे आएंगे।
यह जानकारी पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने जिला लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को दी। कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलवाना है।
उन्होंने बताया कि आईपीसी में 511 धाराएं थीं जबकि भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। नए कानून में 21 नए अपराधों को सम्मिलित किया गया है। पहले 484 धाराएं थीं जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं होंगी। नए कानून में सीआरपीसी की 177 धाराओं को बदला गया है और 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं। नए कानून को लाते हुए 14 धाराएं समाप्त भी गई हैं।
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गिरफ्तारी, जांच और मुकदमा चलाने आदि की प्रक्रिया सीआरपीसी में होती है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 170 धाराएं होंगी। मुकदमों के सबूतों को कैसे साबित किया जाएगा, बयान कैसे दर्ज होंगे, यह सब अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 170 धाराओं के तहत ही होगा। नए कानून लाने में 24 धाराओं में बदलाव किया गया है और 2 नई धाराएं भी साक्ष्य अधिनियम में जोड़ी गई हैं।
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रेवाड़ी। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को देशभर में लागू कर दिया गया है। इसके तहत नए कानूनों से अपराध पर अंकुश लगेगा और सकारात्मक नतीजे आएंगे।
यह जानकारी पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने जिला लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को दी। कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य पीड़ित को त्वरित न्याय दिलवाना है।
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उन्होंने बताया कि आईपीसी में 511 धाराएं थीं जबकि भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं होंगी। नए कानून में 21 नए अपराधों को सम्मिलित किया गया है। पहले 484 धाराएं थीं जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं होंगी। नए कानून में सीआरपीसी की 177 धाराओं को बदला गया है और 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं। नए कानून को लाते हुए 14 धाराएं समाप्त भी गई हैं।
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गिरफ्तारी, जांच और मुकदमा चलाने आदि की प्रक्रिया सीआरपीसी में होती है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 170 धाराएं होंगी। मुकदमों के सबूतों को कैसे साबित किया जाएगा, बयान कैसे दर्ज होंगे, यह सब अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत 170 धाराओं के तहत ही होगा। नए कानून लाने में 24 धाराओं में बदलाव किया गया है और 2 नई धाराएं भी साक्ष्य अधिनियम में जोड़ी गई हैं।