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Rewari News: पांच दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
Fri, 05 Jan 2024 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:23 PM IST
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रेवाड़ी। हाड़ कंपा देने वाली ठंड का कहर जारी है। जिले में शीतलहर और कोहरा लोगों को खूब सता रहा है। दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। इसकी वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कड़ाके की ठंड से आमजन ठिठुरने के लिए मजबूर हैं। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि तीन-चार दिन से कोहरे में कमी आई थी, मगर ऊपरी सतह पर लगातार सघन कोहरे की सफेद चादर बिछी हुई है। यह कोहरा बादलों जैसा दिखता है। इसकी वजह से सूर्य के हल्के दर्शन दोपहर बाद हो रहे हैं और इस कोहरे के आगे धूप भी धुंधली हो जाती है, जिससे लगातार दिन के तापमान लुढ़क रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग ने एनसीआर में अगले चार-पांच दिनों के लिए शीतलहर, कोहरा, कोल्ड-डे की स्थिति की वजह से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
चार दिन तक पाला जमने और शीतलहर की संभावना
चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले चार दिन तक पाला जमने और शीतलहर चलेगी। आमजन को अभी चार दिन तक ठिठुरन भरी ठंड से राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। 7 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और पूरे इलाके में एक बार फिर मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 8-10 जनवरी के दौरान कहीं-कहीं बूंदा-बांदी होने की संभावना है। इस दौरान ठंड के कहर से राहत भी मिलेगी। 11 जनवरी के बाद एक बार फिर से हवाओं की दिशा बदल जाएगी और कड़ाके की ठंड अपने फिर से प्रचण्ड तेवरों से आगाज करेगी।
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समझें मौसम के चारों अलर्टों का मतलब
येलो अलर्ट
खराब मौसम की आगामी स्थिति को बताने के लिए मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया जाता है। ये एक तरह से खतरे की घंटी होती है। यानी मौजूदा स्थिति में बेशक खतरा नहीं है, लेकिन कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है, इसके लिए तैयार रहें।
ऑरेंज अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट येलो अलर्ट से एक कदम आगे की स्थिति है। इसका मतलब है कि खतरे ने दस्तक दे दी है। अब आपको लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इसके बाद कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है। ऐसे में आप खुद को उस स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर लें। ऑरेंज अलर्ट जारी होने पर संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने को कहा जाता है और लोगों को इधर-उधर जाने पर सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है।
रेड अलर्ट
जब मौसम के बहुत ज्यादा खराब रहने और इसके कारण नुकसान होने की आशंका होती है, तब मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट जारी किया जाता है। ये मौसम की खतरनाक स्थिति का संकेत होता है। सर्दियों में रेड अलर्ट का मतलब ठंडक की खतरनाक स्थिति से होता है।
ग्रीन अलर्ट
इसका सीधा सा मतलब है कि मौसम एकदम साफ है और घबराने की कोई बात नहीं है। आप खुद को सुरक्षित समझें, मौसम को लेकर बेफिक्र रहें और अपने नियमित काम करें।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि तीन-चार दिन से कोहरे में कमी आई थी, मगर ऊपरी सतह पर लगातार सघन कोहरे की सफेद चादर बिछी हुई है। यह कोहरा बादलों जैसा दिखता है। इसकी वजह से सूर्य के हल्के दर्शन दोपहर बाद हो रहे हैं और इस कोहरे के आगे धूप भी धुंधली हो जाती है, जिससे लगातार दिन के तापमान लुढ़क रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग ने एनसीआर में अगले चार-पांच दिनों के लिए शीतलहर, कोहरा, कोल्ड-डे की स्थिति की वजह से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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चार दिन तक पाला जमने और शीतलहर की संभावना
चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले चार दिन तक पाला जमने और शीतलहर चलेगी। आमजन को अभी चार दिन तक ठिठुरन भरी ठंड से राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। 7 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और पूरे इलाके में एक बार फिर मौसम में बदलाव और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। 8-10 जनवरी के दौरान कहीं-कहीं बूंदा-बांदी होने की संभावना है। इस दौरान ठंड के कहर से राहत भी मिलेगी। 11 जनवरी के बाद एक बार फिर से हवाओं की दिशा बदल जाएगी और कड़ाके की ठंड अपने फिर से प्रचण्ड तेवरों से आगाज करेगी।
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समझें मौसम के चारों अलर्टों का मतलब
येलो अलर्ट
खराब मौसम की आगामी स्थिति को बताने के लिए मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया जाता है। ये एक तरह से खतरे की घंटी होती है। यानी मौजूदा स्थिति में बेशक खतरा नहीं है, लेकिन कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है, इसके लिए तैयार रहें।
ऑरेंज अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट येलो अलर्ट से एक कदम आगे की स्थिति है। इसका मतलब है कि खतरे ने दस्तक दे दी है। अब आपको लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इसके बाद कभी भी मौसम की खतरनाक स्थिति आपके सामने आ सकती है। ऐसे में आप खुद को उस स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर लें। ऑरेंज अलर्ट जारी होने पर संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने को कहा जाता है और लोगों को इधर-उधर जाने पर सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है।
रेड अलर्ट
जब मौसम के बहुत ज्यादा खराब रहने और इसके कारण नुकसान होने की आशंका होती है, तब मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट जारी किया जाता है। ये मौसम की खतरनाक स्थिति का संकेत होता है। सर्दियों में रेड अलर्ट का मतलब ठंडक की खतरनाक स्थिति से होता है।
ग्रीन अलर्ट
इसका सीधा सा मतलब है कि मौसम एकदम साफ है और घबराने की कोई बात नहीं है। आप खुद को सुरक्षित समझें, मौसम को लेकर बेफिक्र रहें और अपने नियमित काम करें।