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Rewari News: दूसरे दिन की मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, चुनरी-नारियल चढ़ा की मंगलकामना
Mon, 12 Oct 2026 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:43 PM IST
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रेवाड़ी। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन जिले के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं ने मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा अर्चना की। आस्था के साथ मां को चुनरी और नारियल चढ़ाकर मंगल कामना की। बारा हजारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी। श्रद्धालु मां के जयकारे लगाते रहे।
सुबह से ही सिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। दिनभर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। शाम को आयोजित आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर और घंटेश्वर मंदिर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी भक्तिमय माहौल बना रहा। धूप-अगरबत्ती की सुगंध और दुर्गा सप्तशती के श्लोकों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। शाम के समय महिलाओं और बच्चियों ने विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की आरती की और पूजा-अर्चना की।
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बावल, कोसली और धारूहेड़ा में भी दिखा भक्तिमय माहौल
रेवाड़ी के साथ-साथ बावल, कोसली, धारूहेड़ा और अन्य क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहा। संध्या आरती के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और वैदिक मंत्रों तथा माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
आज मां चंद्रघंटा की होगी आराधना
नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। पंडित बिजेंद्र ने बताया कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप शांतिदायक, कल्याणकारी और भक्तों को निर्भयता प्रदान करने वाला माना जाता है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण उन्हें मां चंद्रघंटा कहा जाता है। नवरात्र के तीसरे दिन भी शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और संध्या आरती की तैयारियां रहेंगी। श्रद्धालु मां चंद्रघंटा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
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सुबह से ही सिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर में जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। दिनभर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। शाम को आयोजित आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर और घंटेश्वर मंदिर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में भी भक्तिमय माहौल बना रहा। धूप-अगरबत्ती की सुगंध और दुर्गा सप्तशती के श्लोकों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। शाम के समय महिलाओं और बच्चियों ने विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की आरती की और पूजा-अर्चना की।
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बावल, कोसली और धारूहेड़ा में भी दिखा भक्तिमय माहौल
रेवाड़ी के साथ-साथ बावल, कोसली, धारूहेड़ा और अन्य क्षेत्रों में भी नवरात्र को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहा। संध्या आरती के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और वैदिक मंत्रों तथा माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
आज मां चंद्रघंटा की होगी आराधना
नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। पंडित बिजेंद्र ने बताया कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप शांतिदायक, कल्याणकारी और भक्तों को निर्भयता प्रदान करने वाला माना जाता है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसी कारण उन्हें मां चंद्रघंटा कहा जाता है। नवरात्र के तीसरे दिन भी शहर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और संध्या आरती की तैयारियां रहेंगी। श्रद्धालु मां चंद्रघंटा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।