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दूसरे दिन भी लघु सचिवालय में लगीं कक्षाएं, बच्चों ने दाखिले के लिए लगाई गुहार
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लघु सचिवालय पर धरने पर बैठे बच्चों को गिनती सुनाती एक छात्रा।
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की मांग के लिए दूसरे दिन वीरवार को भी अभिभावकों व बच्चों ने लघु सचिवालय पर अपनी कक्षा लगाईं। इस दौरान भी बच्चों ने अधिकारियों से निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की गुहार लगाई। साथ ही अभिभावकों ने निजी विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई। उधर, अधिकारियों का कहना है कि दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं निदेशालय से बात करके दाखिला की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी।
नियम 134 ए के तहत दाखिले के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन अधिकतर निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग के नोटिस का कोई असर नहीं दिखा। वीरवार को आयोजित में बैठक में जिले से केवल चार निजी स्कूलों ने ही हिस्सा लिया। निजी स्कूल संचालकों को कहना है कि जब तक उन्हें उनका पिछले सात का बकाया नहीं मिल जाता तब तक जिले में कोई भी निजी स्कूल दाखिला नहीं देगा। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों ने नियम 134 ए के तहत हुए दाखिला के लिए आवेदन किया है, उन स्कूलों का बकाया राशि जारी कर दी गई हैं। विभाग द्वारा पिछले वर्ष भी 35 लाख की राशि निजी स्कूलों को जारी की गई हैं।
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निजी स्कूल संचालकों पर नहीं दिखा नोटिस का असर
लघु सचिवालय पर बुधवार को अभिभावकों और बच्चों द्वारा धरने की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बुधवार को निजी स्कूलों को नोटिस भी जारी किया था। इसके अलावा वीरवार को बातचीत के लिए आमंत्रित भी किया था, लेकिन निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग अधिकारियों की ओर से भेजे गए नोटिस का कोई असर नहीं दिखा। वहीं वीरवार को आयोजित हुई बैठक में जिले के मात्र 4 निजी स्कूलों के संचालकों ने हिस्सा लिया तथा नियम 134 ए तहत दाखिला लेने की बात स्वीकार की।
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अभिभावक बोले-निजी स्कूल संचालकों केे खिलाफ कार्रवाई हो
विभाग द्वारा दाखिले के लिए ली गई स्क्रीनिंग परीक्षा में बच्चे ने अच्छे अंक आए थे। स्कूल अलाट होने के बाद कई दिनों से निजी स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बच्चे का दाखिला नहीं किया जा रहा है। निजी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
-पिंकी, अभिभाभक।
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स्कूल अलाट होने के बाद से ही अभिभावक बच्चे के दाखिले के लिए निजी स्कूल में जाकर परेशान रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दाखिला नहीं दिया जा रहा है। बेटे ने स्क्रीनिंग परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं। अब विभाग से ही दाखिला कराने की उम्मीद है।
-रमा देवी, अभिभावक।
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जब तक निजी स्कूलों को उनका बकाया नहीं मिल जाता तब तक नियम 134 ए के तहत किसी भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया जाएगा। जिले के कुछ ही नहीं निजी स्कूलों को एक-दो वर्ष की फीस मिली है। अधिकतर स्कूलों की फीस बकाया है। वहीं कुछ अभिभावक फर्जी दस्तावेज बनाकर दाखिला ले रहे हैं। दाखिला के नियम में सुधार होना चाहिए।
- रामपाल यादव, प्राइवेट एसोसिएशन प्रधान।
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दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिस निजी स्कूल ने फीस के लिए आवेदन किया है, उनको फीस दी जा रही है। पिछले वर्ष भी खंड के स्कूलों को 35 लाख की राशि अलॉट की गई थी। जिन बच्चों ने नियम 134 ए तहत स्क्रीनिंग परीक्षा पास की है, सबको एडमिशन मिलेगा। शुक्रवार की शाम को निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार करके उच्च निदेशालय को भेज दी जाएगी। दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निदेशालय से बात करके दाखिला की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएंगी।
- पृथ्वी सिंह, बीईओ रेवाड़ी।
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नियम 134 ए के तहत दाखिले के लिए शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन अधिकतर निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग के नोटिस का कोई असर नहीं दिखा। वीरवार को आयोजित में बैठक में जिले से केवल चार निजी स्कूलों ने ही हिस्सा लिया। निजी स्कूल संचालकों को कहना है कि जब तक उन्हें उनका पिछले सात का बकाया नहीं मिल जाता तब तक जिले में कोई भी निजी स्कूल दाखिला नहीं देगा। उधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों ने नियम 134 ए के तहत हुए दाखिला के लिए आवेदन किया है, उन स्कूलों का बकाया राशि जारी कर दी गई हैं। विभाग द्वारा पिछले वर्ष भी 35 लाख की राशि निजी स्कूलों को जारी की गई हैं।
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निजी स्कूल संचालकों पर नहीं दिखा नोटिस का असर
लघु सचिवालय पर बुधवार को अभिभावकों और बच्चों द्वारा धरने की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बुधवार को निजी स्कूलों को नोटिस भी जारी किया था। इसके अलावा वीरवार को बातचीत के लिए आमंत्रित भी किया था, लेकिन निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग अधिकारियों की ओर से भेजे गए नोटिस का कोई असर नहीं दिखा। वहीं वीरवार को आयोजित हुई बैठक में जिले के मात्र 4 निजी स्कूलों के संचालकों ने हिस्सा लिया तथा नियम 134 ए तहत दाखिला लेने की बात स्वीकार की।
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अभिभावक बोले-निजी स्कूल संचालकों केे खिलाफ कार्रवाई हो
विभाग द्वारा दाखिले के लिए ली गई स्क्रीनिंग परीक्षा में बच्चे ने अच्छे अंक आए थे। स्कूल अलाट होने के बाद कई दिनों से निजी स्कूल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बच्चे का दाखिला नहीं किया जा रहा है। निजी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
-पिंकी, अभिभाभक।
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स्कूल अलाट होने के बाद से ही अभिभावक बच्चे के दाखिले के लिए निजी स्कूल में जाकर परेशान रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। दाखिला नहीं दिया जा रहा है। बेटे ने स्क्रीनिंग परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं। अब विभाग से ही दाखिला कराने की उम्मीद है।
-रमा देवी, अभिभावक।
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जब तक निजी स्कूलों को उनका बकाया नहीं मिल जाता तब तक नियम 134 ए के तहत किसी भी बच्चे को दाखिला नहीं दिया जाएगा। जिले के कुछ ही नहीं निजी स्कूलों को एक-दो वर्ष की फीस मिली है। अधिकतर स्कूलों की फीस बकाया है। वहीं कुछ अभिभावक फर्जी दस्तावेज बनाकर दाखिला ले रहे हैं। दाखिला के नियम में सुधार होना चाहिए।
- रामपाल यादव, प्राइवेट एसोसिएशन प्रधान।
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दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिस निजी स्कूल ने फीस के लिए आवेदन किया है, उनको फीस दी जा रही है। पिछले वर्ष भी खंड के स्कूलों को 35 लाख की राशि अलॉट की गई थी। जिन बच्चों ने नियम 134 ए तहत स्क्रीनिंग परीक्षा पास की है, सबको एडमिशन मिलेगा। शुक्रवार की शाम को निजी स्कूलों की लिस्ट तैयार करके उच्च निदेशालय को भेज दी जाएगी। दाखिला नहीं देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निदेशालय से बात करके दाखिला की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएंगी।
- पृथ्वी सिंह, बीईओ रेवाड़ी।