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Rewari News: अब पंप ऑपरेटर बनेंगे नल जल मित्र
Tue, 02 Apr 2024 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 02 Apr 2024 12:49 AM IST
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रेवाड़ी। जिले भर के पंप ऑपरेटर का प्रशिक्षण पटौदी रोड स्थित नोडल आईटीआई में शुरू हो चुका है। जन स्वास्थ्य विभाग पंप ऑपरेटर को विभाग अब बहुउद्देशीयकर्मी के रूप में तैयार करेगा। यानी पंप ऑपरेटर जिस गांव में तैनात हैं वहां पानी सप्लाई संबंधी किसी भी तकनीकी समस्या आने पर ये आपरेट तकनीकी समस्या का समाधान करके यह खुद ही पानी की सप्लाई को बहाल कर सकेंगे।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार योगेंद्र परमार ने बताया कि पानी सप्लाई की प्रमुख तौर पर जिम्मेदारी पंप ऑपरेटर की ही होती है। सप्लाई में उस समय समस्या आ जाती है जब प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन या वेल्डर की जरूरत महसूस होती है और समय पर कर्मचारी नहीं मिल पाने के कारण सप्लाई कई घंटे तक प्रभावित होती है। विभाग को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए पूरे देश में ही जल नल मिशन के तहत योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में प्रदेश भर में सभी पंप ऑपरेटर को बहुउद्देशीय कर्मी की ट्रेनिंग दी जा रही है। पहले बैच में 29 कर्मचारियों को चयनित किया गया है। इन्हें नए उपकरणों और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण के तौर तरीकों के बारे में भी उनको बताया जाएगा।
प्रशिक्षण का क्या ये है उद्देश्य
स्थानीय व्यक्तियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना, उन्हें नव कौशल के अंतर्गत प्रशिक्षित करना और नल जल मित्र के रूप में विकसित करना है, ताकि वे योजना संचालकों के रूप में कार्य कर सकें। अपने गांव में पाइप जलापूर्ति योजना के निवारक रखरखाव सहित छोटी मरम्मत कर सकें। प्रशिक्षण का मकसद ग्रामीण क्षेत्र में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करना है। आमतौर पर ग्रामीण एरिया में प्रशिक्षित प्लंबर उपलब्ध न होने पर उपभोक्ता खुद ही पेयजल कनेक्शन कर लेता है। चूंकि वह प्रशिक्षित नहीं है तो सही ढंग से कनेक्शन नहीं कर पाता है। उसकी गलती का खमियाजा अन्य उपभोक्ताओं को दूषित पेयजल के रूप में उठाना पड़ता है।
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पहले बैच में चयनित 29 कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा। नए उपकरणों और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण के तौर तरीकों के बारे में बताया जाएगा।- सुनील कुमार यादव, प्रिंसिपल, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जिला सलाहकार योगेंद्र परमार ने बताया कि पानी सप्लाई की प्रमुख तौर पर जिम्मेदारी पंप ऑपरेटर की ही होती है। सप्लाई में उस समय समस्या आ जाती है जब प्लंबर, फिटर, इलेक्ट्रीशियन या वेल्डर की जरूरत महसूस होती है और समय पर कर्मचारी नहीं मिल पाने के कारण सप्लाई कई घंटे तक प्रभावित होती है। विभाग को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए पूरे देश में ही जल नल मिशन के तहत योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में प्रदेश भर में सभी पंप ऑपरेटर को बहुउद्देशीय कर्मी की ट्रेनिंग दी जा रही है। पहले बैच में 29 कर्मचारियों को चयनित किया गया है। इन्हें नए उपकरणों और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण के तौर तरीकों के बारे में भी उनको बताया जाएगा।
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प्रशिक्षण का क्या ये है उद्देश्य
स्थानीय व्यक्तियों को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना, उन्हें नव कौशल के अंतर्गत प्रशिक्षित करना और नल जल मित्र के रूप में विकसित करना है, ताकि वे योजना संचालकों के रूप में कार्य कर सकें। अपने गांव में पाइप जलापूर्ति योजना के निवारक रखरखाव सहित छोटी मरम्मत कर सकें। प्रशिक्षण का मकसद ग्रामीण क्षेत्र में प्रशिक्षित प्लंबर तैयार करना है। आमतौर पर ग्रामीण एरिया में प्रशिक्षित प्लंबर उपलब्ध न होने पर उपभोक्ता खुद ही पेयजल कनेक्शन कर लेता है। चूंकि वह प्रशिक्षित नहीं है तो सही ढंग से कनेक्शन नहीं कर पाता है। उसकी गलती का खमियाजा अन्य उपभोक्ताओं को दूषित पेयजल के रूप में उठाना पड़ता है।
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पहले बैच में चयनित 29 कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा। नए उपकरणों और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण के तौर तरीकों के बारे में बताया जाएगा।- सुनील कुमार यादव, प्रिंसिपल, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान