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Rewari News: अब नए सत्र से बच्चे पढ़ेंगे नैतिक शिक्षा, लगेंगी विशेष कक्षाएं
Mon, 18 Mar 2024 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के सभी स्कूलों में नैतिक शिक्षा की किताबें वितरित की गई हैं। इस किताब का नाम विभाग की ओर से आदर्श जीवन मूल्य दिया गया है। शिक्षा विभाग के मुताबिक रेवाड़ी में अभी तक 38 हजार 988 किताबें पहुंची हैं। इनमें से विभाग की ओर से 38 हजार 369 किताबें वितरित कर दी गई हैं। 619 किताबें बच गई हैं।
जिले के पांचों ब्लॉक में किताबें वितरित की जा चुकी हैं। किताब में प्रकृति के प्रति सम्मान, सफलता का मूल मंत्र, विश्वास, शिष्टाचार, लक्ष्य के प्रति भावना और समर्पण, नियमों का पालन करना सीखें, दोस्त बनें दुश्मन नहीं, कड़ी मेहनत ही सच्चा धन है जिस पर गर्व है, दान, नम्रता ही जीवन के असली आभूषण हैं। मनुष्य का आंतरिक शत्रु, मनुष्य के पुरुषार्थ को ईश्वर का आश्रय, बुद्धि अच्छी हो, अच्छाई पर दृढ़ रहें। बड़ों के सामने नम्रता अहंकार न हो, कचरे से अलगाव, ज्ञान की कहानियां, मां का आदर्श, आधार दृढ़ हो जीवन अच्छा हो, अहिंसा, निर्भयता, क्रोध, क्षमा, विश्व बंधुत्व और मानवता, संतुलित जीवन, कमजोरी छोड़ों, दृढ़ संकल्प अपनाओ, दुविधा से ऊपर उठो, कार्य में कुशलता लाओ विषयों को शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि बढ़ते अपराध और पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित होकर बच्चों के बदल रहे व्यवहार से निपटने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नैतिक शिक्षा का शुभारंभ किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वैसे तो नैतिक शिक्षा विद्यार्थियों को घर-परिवार और आमतौर पर क्लास में भी मिलती ही रहती है, लेकिन पहली बार अब नए सत्र से बच्चों को नैतिक शिक्षा स्पेशल क्लास के तौर पर पढ़ाई जाएगी। इसके लिए अगल से पीरियड लगेगा। इसमें हिंदी का शिक्षक ही विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नए सत्र से इस विषय को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा, यानी लागू करने के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।
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वर्जन
इस किताब से बच्चों को नैतिक मूल्यों के बारे में पता चलेगा। जो बच्चे पश्चिमी संस्कृति को अपनाकर भारतीय रीति रिवाजों को त्याग देते हैं, उन्हें भारतीय रीति रिवाजों की अहमियत पता चलेगी। शिक्षा विभाग ने सभी खंडों में किताबें पहुंचा दी।- अजय यादव, जिला परियोजना समन्वयक रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले के सभी स्कूलों में नैतिक शिक्षा की किताबें वितरित की गई हैं। इस किताब का नाम विभाग की ओर से आदर्श जीवन मूल्य दिया गया है। शिक्षा विभाग के मुताबिक रेवाड़ी में अभी तक 38 हजार 988 किताबें पहुंची हैं। इनमें से विभाग की ओर से 38 हजार 369 किताबें वितरित कर दी गई हैं। 619 किताबें बच गई हैं।
जिले के पांचों ब्लॉक में किताबें वितरित की जा चुकी हैं। किताब में प्रकृति के प्रति सम्मान, सफलता का मूल मंत्र, विश्वास, शिष्टाचार, लक्ष्य के प्रति भावना और समर्पण, नियमों का पालन करना सीखें, दोस्त बनें दुश्मन नहीं, कड़ी मेहनत ही सच्चा धन है जिस पर गर्व है, दान, नम्रता ही जीवन के असली आभूषण हैं। मनुष्य का आंतरिक शत्रु, मनुष्य के पुरुषार्थ को ईश्वर का आश्रय, बुद्धि अच्छी हो, अच्छाई पर दृढ़ रहें। बड़ों के सामने नम्रता अहंकार न हो, कचरे से अलगाव, ज्ञान की कहानियां, मां का आदर्श, आधार दृढ़ हो जीवन अच्छा हो, अहिंसा, निर्भयता, क्रोध, क्षमा, विश्व बंधुत्व और मानवता, संतुलित जीवन, कमजोरी छोड़ों, दृढ़ संकल्प अपनाओ, दुविधा से ऊपर उठो, कार्य में कुशलता लाओ विषयों को शामिल किया गया है।
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गौरतलब है कि बढ़ते अपराध और पश्चिमी संस्कृति से प्रभावित होकर बच्चों के बदल रहे व्यवहार से निपटने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से नैतिक शिक्षा का शुभारंभ किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वैसे तो नैतिक शिक्षा विद्यार्थियों को घर-परिवार और आमतौर पर क्लास में भी मिलती ही रहती है, लेकिन पहली बार अब नए सत्र से बच्चों को नैतिक शिक्षा स्पेशल क्लास के तौर पर पढ़ाई जाएगी। इसके लिए अगल से पीरियड लगेगा। इसमें हिंदी का शिक्षक ही विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नए सत्र से इस विषय को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा, यानी लागू करने के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है।
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इस किताब से बच्चों को नैतिक मूल्यों के बारे में पता चलेगा। जो बच्चे पश्चिमी संस्कृति को अपनाकर भारतीय रीति रिवाजों को त्याग देते हैं, उन्हें भारतीय रीति रिवाजों की अहमियत पता चलेगी। शिक्षा विभाग ने सभी खंडों में किताबें पहुंचा दी।- अजय यादव, जिला परियोजना समन्वयक रेवाड़ी।