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Rewari News: अब बच्चों को परोसी जाएंगी स्कूल के गार्डन में उगी सब्जियां
Sun, 21 Apr 2024 02:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 21 Apr 2024 02:08 AM IST
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रेवाड़ी। कुंभावास स्थित राजकीय विद्यालय में दोपहर का भोजन करते विद्यार्थी। संवाद
रेवाड़ी। जिले के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अब मिड-डे मील की थाली में ताजी सब्जियां परोसी जाएंगी।
मिड-डे मील में शुद्ध शाकाहारी भोजन बच्चों को देने के लिए स्कूलों में ही किचन गार्डन विभाग की ओर तैयार किए जाएंगे। ग्रामीण परिवेश और कृषि से जुड़ाव होने के कारण सब्जियां उगाने में ग्रामीणों का सहयोग भी स्कूल प्रशासन को मिलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार और विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत अब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बाजार की सब्जी को खाने में नहीं परोसा जाएगा, बल्कि उन्हें उनके हाथों से उगाई गई सब्जी खाने में परोसने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि जिन विद्यालयों में जगह की कमी होगी तो छत पर या गमलों में सब्जी लगाए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
इंसेट
मिड-डे मील होगा और बेहतर
सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ दोपहर का भोजन दिया जाता है। ताकि बच्चों के पोषण को सुनिश्चित किया जा सके। किचन गार्डन बनाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शुद्ध सब्जी उपलब्ध करवाना है। किचन गार्डन में पालक, टमाटर, बैंगन, टिंडा के साथ मौसमी सब्जियों की पैदावार की जाएगी।
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वर्जन:
शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे। इससे सीधा असर मिड-डे मील की थाली पर भी पड़ेगा। साथ ही छात्र और छात्राओं को सब्जियों के बारे में जानकारी भी मिलेगी। साथ ही यह भी जान सकेंगे कि कौन-सी सब्जी खाने से शरीर को कौन से पोषक तत्व मिलते है।- अली अहमद, जिला प्रभारी, मिड-डे मील
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मिड-डे मील में शुद्ध शाकाहारी भोजन बच्चों को देने के लिए स्कूलों में ही किचन गार्डन विभाग की ओर तैयार किए जाएंगे। ग्रामीण परिवेश और कृषि से जुड़ाव होने के कारण सब्जियां उगाने में ग्रामीणों का सहयोग भी स्कूल प्रशासन को मिलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार और विभाग की ओर से जिले के सभी सरकारी स्कूलों में किचन गार्डन विकसित करने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत अब स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बाजार की सब्जी को खाने में नहीं परोसा जाएगा, बल्कि उन्हें उनके हाथों से उगाई गई सब्जी खाने में परोसने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि जिन विद्यालयों में जगह की कमी होगी तो छत पर या गमलों में सब्जी लगाए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
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मिड-डे मील होगा और बेहतर
सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ दोपहर का भोजन दिया जाता है। ताकि बच्चों के पोषण को सुनिश्चित किया जा सके। किचन गार्डन बनाने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शुद्ध सब्जी उपलब्ध करवाना है। किचन गार्डन में पालक, टमाटर, बैंगन, टिंडा के साथ मौसमी सब्जियों की पैदावार की जाएगी।
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वर्जन:
शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सभी विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे। इससे सीधा असर मिड-डे मील की थाली पर भी पड़ेगा। साथ ही छात्र और छात्राओं को सब्जियों के बारे में जानकारी भी मिलेगी। साथ ही यह भी जान सकेंगे कि कौन-सी सब्जी खाने से शरीर को कौन से पोषक तत्व मिलते है।- अली अहमद, जिला प्रभारी, मिड-डे मील