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ढालियावास में 15 दिनों से नहीं आया पानी, लोग पहुंचे जिला सचिवालय
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रेवाड़ी। भीषण गर्मी के बीच पानी की आपूर्ति नहीं मिलने से जिले में कई जगहों पर परेशानी पैदा हो रही है। सोमवार को जहां रामपुरा के ग्रामीणों ने मटका फोड़ प्रदर्शन करते हुए जाम लगाया था। वहीं मंगलवार को शहर से सटे भक्ति नगर ढालियावास के ग्रामीण फरियाद लेकर जिला सचिवालय पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है किसी व्यक्ति विशेष के कहने पर उनकी पानी की आपूर्ति रोकी गई है। पिछले 15 दिनों से ग्रामीण एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। पानी की मारामारी इतनी ज्यादा है कि गांव में आए दो पानी के टैैंकरों पर पानी भरने को लेेकर महिलाएं घायल तक हो गईं।
सचिवालय पहुंच दुखड़ा सुनाते हुए कांता देवी, पुष्पा देवी, सुनीता, लक्ष्मी, संतोष, सुनील व धर्मपाल ने कहा कि गांव में 60 से अधिक घर हैं। पिछले 15 दिनों से लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। वे पानी खरीदकर या फिर दूरदराज से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं। सुबह उठते ही सबसे बड़ी समस्या पानी की ही होती है। महिलाएं दिनभर पानी को लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव में पिछले कई सालों से साउथ सिटी सोसायटी से पानी आपूर्ति किया जाता रहा है। उन्होंने एक व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपनी पावर का फायदा उठाते हुए इस सप्लाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा संबंधित जेई व एसडीओ इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि गांव मेें केवल साउथ सिटी से ही सप्लाई दी जा सकती है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी पानी नहीं छोड़ रहे हैं। इस कोरोना काल में नहाना-धोना तो दूर पीने तक के पानी को लोग तरस गए हैं। सीटीएम रोहित कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शाम तक उन्हें पानी की सप्लाई दे दी जाएगी। जिसके बाद ग्रामीण घरों को लौट गए।
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ग्रामीणों का आरोप है किसी व्यक्ति विशेष के कहने पर उनकी पानी की आपूर्ति रोकी गई है। पिछले 15 दिनों से ग्रामीण एक-एक बूंद को तरस रहे हैं। पानी की मारामारी इतनी ज्यादा है कि गांव में आए दो पानी के टैैंकरों पर पानी भरने को लेेकर महिलाएं घायल तक हो गईं।
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सचिवालय पहुंच दुखड़ा सुनाते हुए कांता देवी, पुष्पा देवी, सुनीता, लक्ष्मी, संतोष, सुनील व धर्मपाल ने कहा कि गांव में 60 से अधिक घर हैं। पिछले 15 दिनों से लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं। वे पानी खरीदकर या फिर दूरदराज से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं। सुबह उठते ही सबसे बड़ी समस्या पानी की ही होती है। महिलाएं दिनभर पानी को लेकर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव में पिछले कई सालों से साउथ सिटी सोसायटी से पानी आपूर्ति किया जाता रहा है। उन्होंने एक व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपनी पावर का फायदा उठाते हुए इस सप्लाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा संबंधित जेई व एसडीओ इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि गांव मेें केवल साउथ सिटी से ही सप्लाई दी जा सकती है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी पानी नहीं छोड़ रहे हैं। इस कोरोना काल में नहाना-धोना तो दूर पीने तक के पानी को लोग तरस गए हैं। सीटीएम रोहित कुमार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि शाम तक उन्हें पानी की सप्लाई दे दी जाएगी। जिसके बाद ग्रामीण घरों को लौट गए।
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