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Rewari News: खेल केंद्रों में प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं

Tue, 22 Jul 2025 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 22 Jul 2025 12:19 AM IST
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No first aid facility in sports centers
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। राव तुलाराम स्टेडियम सहित जिले के किसी भी खेल केंद्र में प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं है। ऐसी स्थिति में चोट लगने की दशा में खिलाड़ियों इलाज की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है।
फुटबॉल, एथलेटिक, बॉक्सिंग, जिमनास्टिक, तलवारबाजी, वॉलीबॉल व बास्केटबॉल जैसे खेलों में चोट लगना आम बात है। इसके बाद भी खेल विभाग के पास फिजियोथेरेपिस्ट तक उपलब्ध नहीं है। खिलाड़ियों को अगर अभ्यास के दौरान चोट लगती है तो उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। इसमें समय से साथ पैसे की भी बर्बादी होती है।
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जिले में वर्तमान में 50 सरकारी खेल नर्सरियां संचालित हैं। प्रत्येक में नर्सरी में 25 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इन्हें हर महीने 22 दिन उपस्थिति पर खुराक भत्ता भी दिया जाता है। चोट लगने पर खिलाड़ी मैदान से दूर हो जाते हैं, तो न केवल उनका भत्ता कटता है बल्कि उनकी फिटनेस और प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है।
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खेल विभाग का कहना है कि प्रशिक्षकों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है। गंभीर हालत में चोटिल होेन पर खिलाड़ियों को नागरिक अस्पताल या रोहतक के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर भेजा जाता है।

खिलाड़ी सुनील और राजेश ने बताया कि शहर में कई फिजियोथेरेपी सेंटर हैं, लेकिन खेल संबंधी विशेषज्ञता का अभाव है। ऐसे में मजबूरन उन्हें हड्डी रोग विशेषज्ञ या दूसरे जिलों में जाना पड़ता है।
इससे समय और पैसे की बर्बादी होती है। कई बार खिलाड़ी लंबे समय तक अभ्यास से दूर हो जाते हैं। सरकार खेल स्टेडियमों और नर्सरियों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करे। स्थायी फिजियोथेरेपिस्ट की नियुक्ति की जाए, ताकि खेल प्रतिभाओं को सुरक्षित और निरंतर प्रशिक्षण मिल सके।

वर्जन
खिलाड़ियों के चोटिल होने पर स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस बुलाई जाती है। इलाज के लिए नियमित बजट या फिजियोथेरेपी की व्यवस्था नहीं है। प्रशिक्षकों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया है। गंभीर हालत में खिलाड़ियों को नागरिक अस्पताल या रोहतक के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर भेजा जाता है।-ममता देवी, कार्यकारी खेल अधिकारी रेवाड़ी।
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