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Rewari News: हाईवे पर एनएचएआई की एंबुलेंस और पेट्रोलिंग गाड़ियां नदारद

Wed, 03 Dec 2025 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 03 Dec 2025 12:33 AM IST
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NHAI ambulances and patrol vehicles are missing on the highway.
अतर सिंह नेहरा - फोटो : वीरपुर चौराहे पर लगे राहत ​शिविर में पंजीकरण कराते उपभोक्ता।
रेवाड़ी। जिले से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्गों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर काफी खामियां हैं। मंगलवार को दिल्ली–जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-48, धारूहेड़ा क्षेत्र और रेवाड़ी–नारनौल हाईवे पर पड़ताल की गई तो हाईवे पर एनएचएआई की एंबुलेंस और पेट्रोलिंग गाड़ियां नहीं थीं।
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जयसिंहपुरा बॉर्डर से कसोला चौक तक लगभग 12 किलोमीटर लंबे एनएच-48 के हिस्से की पड़ताल की गई। यह वही मार्ग है जहां वाहनों की सबसे अधिक आवाजाही रहती है और रोजाना छोटे-बड़े हादसे भी होते रहते हैं लेकिन व्यस्त सड़क पर भी कोई एंबुलेंस या पेट्रोलिंग गाड़ी तैनात नहीं रही। हालांकि यहां पर निजी एंबुलेंस मिली।
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धारूहेड़ा क्षेत्र में कापड़ीवास से साहबी बैराज तक करीब 7 किलोमीटर मार्ग की पड़ताल की गई। यह खंड भी दिल्ली-जयपुर हाईवे का अहम हिस्सा है लेकिन यहां भी आपातकालीन सेवाओं का अभाव देखने को मिला। हाईवे पर एक भी एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन नहीं मिले।
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इसी तरह रेवाड़ी–नारनौल हाईवे पर कुंड से लेकर काठूवास तक करीब 20 किलोमीटर लंबा हिस्सा बिना एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन के ही मिला। जबकि इस मार्ग पर भारी वाहन और अन्य गाड़ियां तेज रफ्तार से चलती हैं। स्पष्ट है कि इतने लंबे हाईवे क्षेत्र के लिए मौजूदा व्यवस्था न तो पर्याप्त है और न ही सुरक्षित। हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन हमेशा तैनात रहना जरूरी है ताकि दुर्घटना के समय पर सहायता पहुंच सके।

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पुलिस टीम दिखी सक्रिय
दिल्ली–जयपुर हाईवे पर दो डायल 112 वाहन, चार पीसीआर, एसएचओ मोबाइल और दो बाइक राइडर लगातार सक्रिय मिले। ये टीमें हर 20 मिनट में हाईवे पर गश्त कर रही थीं। इससे दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध हो रही है।
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हाईवे पर एंबुलेंस और पेट्रोलिंग व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी है क्योंकि हादसा होने पर सबसे महत्वपूर्ण होता है समय पर मदद मिलना। कई बार दुर्घटना होने के बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल तक ले जाने में देरी हो जाती है क्योंकि मौके पर न तो एंबुलेंस पहुंचती है और न ही पेट्रोलिंग गाड़ी दिखाई देती है।-अतर सिंह नेहरा, राहगीर
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हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक और हादसों की संभावनाओं को देखते हुए एंबुलेंस और पेट्रोलिंग टीम की संख्या बढ़ाना आवश्यक है। ऐसे में दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल पाना कठिन हो जाता है। इस कारण कई बार छोटी चोटें गंभीर रूप ले लेती हैं।-कैप्टन कृष्ण कुमार, राहगीर
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हाईवे अथॉरिटी को इस मार्ग पर पेट्रोलिंग बढ़ानी चाहिए। इससे न सिर्फ हादसों के समय तुरंत सहायता मिल सकेगी बल्कि ड्राइवर भी सतर्क रहेंगे और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर पेट्रोलिंग और एंबुलेंस व्यवस्था ही हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।-रोहताश, राहगीर


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वर्जन
एक पेट्रोलिंग गाड़ी है जो हर छह घंटे में पूरे क्षेत्र का राउंड लगाती है। एंबुलेंस तभी मौके पर भेजी जाती है जब कंट्रोल रूम में फोन आता है या पेट्रोलिंग गाड़ी किसी दुर्घटना की सूचना देती है। फिलहाल रेवाड़ी के लिए कोई अलग से पेट्रोलिंग वाहन तैनात नहीं है। वर्तमान में शाहजहांपुर से खेड़ी दौला तक तैनात पेट्रोलिंग गाड़ी ही जरूरत पड़ने पर रेवाड़ी क्षेत्र में भेजी जाती है।- योगेश, एनएचएआई अधिकारी

अतर सिंह नेहरा

अतर सिंह नेहरा- फोटो : वीरपुर चौराहे पर लगे राहत शिविर में पंजीकरण कराते उपभोक्ता।

अतर सिंह नेहरा

अतर सिंह नेहरा- फोटो : वीरपुर चौराहे पर लगे राहत शिविर में पंजीकरण कराते उपभोक्ता।

अतर सिंह नेहरा

अतर सिंह नेहरा- फोटो : वीरपुर चौराहे पर लगे राहत शिविर में पंजीकरण कराते उपभोक्ता।

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