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Rewari News: गुलाब-गेंदे की खुशबू से महक रहा नेहा देवी का आशियाना
Mon, 11 May 2026 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 11 May 2026 12:17 AM IST
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नेहा देवी
रेवाड़ी। ठठेरा कॉलोनी निवासी नेहा देवी (58) ने अपने घर के आंगन को सुंदर बगिया में बदलकर आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा पेश की है। पिछले करीब 18 वर्षों से वह फूलों और पौधों की देखभाल कर रही हैं। उनकी मेहनत और प्रकृति प्रेम की बदौलत आज उनका घर रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से महकता रहता है।
उनकी बगिया में गुलाब, गुड़हल, गेंदे सहित कई प्रकार के फूलों के पौधे लगे हैं जो घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी स्वच्छ बना रहे हैं। नेहा देवी बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही पेड़-पौधों और फूलों से विशेष लगाव रहा है। इसी शौक को उन्होंने अपने घर में बगिया बनाकर आगे बढ़ाया।
आज उनके घर के हर कोने में हरियाली और फूलों की सुंदरता दिखाई देती है। सुबह और शाम वह करीब एक-एक घंटा पौधों की देखभाल में बिताती हैं। पौधों को पानी देना, सूखे पत्तों को हटाना और नए पौधे तैयार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
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नेहा देवी ने बताया कि वह बगिया में रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करतीं। पौधों के लिए किचन वेस्ट, गोबर खाद और अन्य जैविक सामग्री का इस्तेमाल करती हैं।
घर से निकलने वाले जैविक कचरे को खाद में बदलकर पौधों में डालती हैं, जिससे पौधे हरे-भरे रहते हैं और फूल भी अच्छी तरह खिलते हैं। उनका मानना है कि जैविक खाद पौधों के लिए अधिक लाभकारी होती है और इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
फूलों की खुशबू से मिलती है मानसिक शांति
नेहा देवी ने बताया कि फूलों की खुशबू मन को ताजगी देती है और तनाव कम करने में मदद करती है। दिनभर की व्यस्तता के बाद जब वह अपनी बगिया में समय बिताती हैं तो उन्हें मानसिक शांति मिलती है। आसपास के लोग भी उनकी बगिया की सराहना करते हैं और कई लोग उनसे पौधों की देखभाल के बारे में जानकारी लेने आते हैं। उन्होंने लोगों से अपने घरों में अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे लगाए तो वातावरण स्वच्छ रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
गर्मी में पौधों की देखभाल जरूरी
भाड़ावास मार्ग स्थित नर्सरी संचालक सुनील कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में पौधों की विशेष देखभाल जरूरी होती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पौधे जल्दी सूखने लगते हैं। ऐसे में सुबह या शाम के समय ही पौधों को पानी देना चाहिए ताकि मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहे। उन्होंने बताया कि गमलों की मिट्टी में गोबर खाद या जैविक खाद मिलाने से पौधे हरे-भरे रहते हैं। दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए पौधों को छायादार स्थान पर रखें या ग्रीन नेट का उपयोग करें। साथ ही सूखे पत्तों को समय-समय पर हटाते रहें। किचन वेस्ट से बनी जैविक खाद का इस्तेमाल करने से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और फूल भी अधिक खिलते हैं।
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उनकी बगिया में गुलाब, गुड़हल, गेंदे सहित कई प्रकार के फूलों के पौधे लगे हैं जो घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी स्वच्छ बना रहे हैं। नेहा देवी बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही पेड़-पौधों और फूलों से विशेष लगाव रहा है। इसी शौक को उन्होंने अपने घर में बगिया बनाकर आगे बढ़ाया।
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आज उनके घर के हर कोने में हरियाली और फूलों की सुंदरता दिखाई देती है। सुबह और शाम वह करीब एक-एक घंटा पौधों की देखभाल में बिताती हैं। पौधों को पानी देना, सूखे पत्तों को हटाना और नए पौधे तैयार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
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नेहा देवी ने बताया कि वह बगिया में रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं करतीं। पौधों के लिए किचन वेस्ट, गोबर खाद और अन्य जैविक सामग्री का इस्तेमाल करती हैं।
घर से निकलने वाले जैविक कचरे को खाद में बदलकर पौधों में डालती हैं, जिससे पौधे हरे-भरे रहते हैं और फूल भी अच्छी तरह खिलते हैं। उनका मानना है कि जैविक खाद पौधों के लिए अधिक लाभकारी होती है और इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
फूलों की खुशबू से मिलती है मानसिक शांति
नेहा देवी ने बताया कि फूलों की खुशबू मन को ताजगी देती है और तनाव कम करने में मदद करती है। दिनभर की व्यस्तता के बाद जब वह अपनी बगिया में समय बिताती हैं तो उन्हें मानसिक शांति मिलती है। आसपास के लोग भी उनकी बगिया की सराहना करते हैं और कई लोग उनसे पौधों की देखभाल के बारे में जानकारी लेने आते हैं। उन्होंने लोगों से अपने घरों में अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर में कुछ पौधे लगाए तो वातावरण स्वच्छ रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
गर्मी में पौधों की देखभाल जरूरी
भाड़ावास मार्ग स्थित नर्सरी संचालक सुनील कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में पौधों की विशेष देखभाल जरूरी होती है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पौधे जल्दी सूखने लगते हैं। ऐसे में सुबह या शाम के समय ही पौधों को पानी देना चाहिए ताकि मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहे। उन्होंने बताया कि गमलों की मिट्टी में गोबर खाद या जैविक खाद मिलाने से पौधे हरे-भरे रहते हैं। दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए पौधों को छायादार स्थान पर रखें या ग्रीन नेट का उपयोग करें। साथ ही सूखे पत्तों को समय-समय पर हटाते रहें। किचन वेस्ट से बनी जैविक खाद का इस्तेमाल करने से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और फूल भी अधिक खिलते हैं।

नेहा देवी