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Rewari News: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, लिंगानुपात गिरा

Thu, 12 Jan 2023 04:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 04:30 AM IST
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Negligence of health department, sex ratio dropped
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की नाकामी के चलते एक बार फिर से प्रदेश में रेवाड़ी जिला को शर्मसार होना पड़ा है। वर्ष 2022 में रेवाड़ी का लिंगानुपात 1000 लड़कों के मुकाबले 883 दर्ज किया गया हैं, जो प्रदेश में सबसे कम हैं। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी जिला के स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को लताड़ लगा चुके हैं। सीएमओ खुद मानते हैं कि कहीं न कहीं अधिकारियों की कमी के चलते पीएनडीटी की कार्रवाई नहीं हो पाई, जिसके चलते ऐसे हालात हुए। अब सख्ती से रेड कराई जाएगी और रेवाड़ी में लिंगानुपात को सुधारा जाएगा।
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नाहड़ व खोल के हालात बदतर
महिला व बाल विकास विभाग की ओर से मिले आंकड़ों के अनुसार रेवाड़ी जिले में नाहड़ व खोल खंड में सबसे कम सेक्स अनुपात दर्ज किया गया है। नाहड़ में सबसे कम 1000 लड़कों के मुकाबले 881 व खोल 825 लिंगानुपात दर्ज किया गया है।
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लिंगानुपात में रेवाड़ी शहर अव्वल
एक और जहां ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात न्यूनतम दर्जे पर पहुंचा है वहीं रेवाड़ी शहर में 1000 लड़कों के मुकाबले 1037 लड़कियों का जन्म हुआ। वहीं रेवाड़ी रूरल की बात करें तो यहां पर भी हालात अच्छे नहीं हैं। रेवाड़ी ग्रामीण क्षेत्र में 1000 लड़कों के मुकाबले 843 लिंगानुपात दर्ज किया गया हैं। वर्ष 2022 की बात करें तो रेवाड़ी में 6204 लड़के व 5396 लड़कियों का जन्म हुआ। अर्थात कुल लिंगानुपात 883 दर्ज किया गया।
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वर्जन
देखने को मिला है कि बीते साल के दौरान महज 4 पीएनडीटी की रेड हो पाई। इसके परिणाम है कि सेक्स अनुपात न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि टीम बनाकर पीएनडीटी की रेड की जाए ताकि सेक्स अनुपात को बेहतर किया जा सके। वहीं लोगों को महिला विकास विभाग की ओर से जागरूक करने का काम भी किया जाएगा।
-जय भगवान जाटान, सीएमओ रेवाड़ी
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यह बड़े शर्म की बात है कि रेवाड़ी का लिंगानुपात न्यूनतम दर्जे पर पहुंच गया है, महिलाओं को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोग एक लड़का जन्म के बाद ही ऑपरेशन करा लेते हैं इसके चलते भी लिंगानुपात गिरा हैं।

-उर्मिला सिवाच, महिला बाल विकास अधिकारी
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जिले का लिंगाअनुपात न्यूनतम स्तर पर पहुंचना शर्मनाक बात है। सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया कि प्रत्येक स्तर पर लोगों को जागरूक करने के अलावा कार्रवाई की जाए। ताकि लिंगानुपात को सुधारा जा सके।
-स्वप्निल पाटिल ,एडीसी रेवाड़ी।
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