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Rewari News: दिनभर होती रही बूंदाबांदी, साढ़े 9 डिग्री गिरा तापमान, चली ठंडी हवाएं
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अनाज मंडी मार्ग पर हुआ बूंदाबांदी के बाद हुआ जलभराव। संवाद
रेवाड़ी। बुधवार को शहर में सुबह से ही रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी तेज हवाओं ने लोगों को सर्दी का अहसास कराया। मौसम में आए अचानक बदलाव से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम 9.5 डिग्री सेल्सियस था। इस प्रकार अधिकतम तापमान में साढ़े 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है जिससे ठंड फिर से बढ़ गई है। करीब 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम में बदलाव का असर वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिला। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 223 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले एक्यूआई 202 था। बूंदाबांदी और हवाओं के बावजूद प्रदूषण स्तर में खास सुधार नहीं हुआ।
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मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है जिसके चलते हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की गई है।
आगे बताया कि 19 से 23 फरवरी के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है। इस अवधि में उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने के आसार हैं जिससे विशेषकर रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। बीच-बीच में हल्की गति से हवाएं चलने की भी संभावना है।
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बारिश गेहूं सहित अन्य रबी फसलों के लिए लाभदायक : नवीन
कृषि अधिकारी नवीन यादव ने बताया कि यह बारिश गेहूं सहित अन्य रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इस समय किसान खड़ी फसलों में अधिक पानी देने से हिचकिचाते हैं क्योंकि तेज सिंचाई से फसल गिरने का खतरा रहता है। बारिश से संतुलित मात्रा में नमी मिल गई है जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में तापमान बढ़ने लगा था जिससे फसलों पर असर पड़ सकता था लेकिन बारिश से मौसम में बदलाव आया है। इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और पैदावार में वृद्धि की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की हल्की वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद साबित होगी।
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किसान बोले- समय पर हुई इस बारिश से सिंचाई की जरूरत हुई पूरी
कोसली।
क्षेत्र में सुबह से शाम तक बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग स्थानों पर चार से पांच एमएम तक बारिश हुई जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी देखी गई। वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं, सरसों और जौ की फसलें खेतों में खड़ी हैं और यह बारिश इन फसलों के लिए काफी लाभकारी मानी जा रही है।
किसान थावर सिंह, रमेश कुमार और हरि सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से फसलों को पानी की आवश्यकता महसूस हो रही थी। समय पर हुई इस बारिश से सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश नहीं होती तो उन्हें ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ती जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता। अब बारिश से फसलों को प्राकृतिक रूप से पानी मिल गया है। संवाद
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अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम 9.5 डिग्री सेल्सियस था। इस प्रकार अधिकतम तापमान में साढ़े 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है जिससे ठंड फिर से बढ़ गई है। करीब 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई है।
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मौसम में बदलाव का असर वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिला। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 223 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले एक्यूआई 202 था। बूंदाबांदी और हवाओं के बावजूद प्रदूषण स्तर में खास सुधार नहीं हुआ।
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मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है जिसके चलते हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की गई है।
आगे बताया कि 19 से 23 फरवरी के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है। इस अवधि में उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने के आसार हैं जिससे विशेषकर रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। बीच-बीच में हल्की गति से हवाएं चलने की भी संभावना है।
बारिश गेहूं सहित अन्य रबी फसलों के लिए लाभदायक : नवीन
कृषि अधिकारी नवीन यादव ने बताया कि यह बारिश गेहूं सहित अन्य रबी फसलों के लिए अत्यंत लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इस समय किसान खड़ी फसलों में अधिक पानी देने से हिचकिचाते हैं क्योंकि तेज सिंचाई से फसल गिरने का खतरा रहता है। बारिश से संतुलित मात्रा में नमी मिल गई है जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में तापमान बढ़ने लगा था जिससे फसलों पर असर पड़ सकता था लेकिन बारिश से मौसम में बदलाव आया है। इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और पैदावार में वृद्धि की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की हल्की वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद साबित होगी।
किसान बोले- समय पर हुई इस बारिश से सिंचाई की जरूरत हुई पूरी
कोसली।
क्षेत्र में सुबह से शाम तक बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग स्थानों पर चार से पांच एमएम तक बारिश हुई जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी देखी गई। वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं, सरसों और जौ की फसलें खेतों में खड़ी हैं और यह बारिश इन फसलों के लिए काफी लाभकारी मानी जा रही है।
किसान थावर सिंह, रमेश कुमार और हरि सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से फसलों को पानी की आवश्यकता महसूस हो रही थी। समय पर हुई इस बारिश से सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश नहीं होती तो उन्हें ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ती जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता। अब बारिश से फसलों को प्राकृतिक रूप से पानी मिल गया है। संवाद

अनाज मंडी मार्ग पर हुआ बूंदाबांदी के बाद हुआ जलभराव। संवाद