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Rewari News: पिंजरा लगाया, शिकार भी छोड़ा..फिर भी पकड़ में नहीं आया बाघ

Fri, 23 Aug 2024 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 23 Aug 2024 02:31 AM IST
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Installed the cage, released the prey... still the tiger was not caught
फोटो: 24रेवाड़ी। गांव झाबुआ के जंगल में कैमरे में कैद हुआ बाघ। स्रोत: विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
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बावल (रेवाड़ी)। सरिस्का से निकलकर गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचा बाघ बुधवार को फिर नजर आया। कैमरे में बाघ दूसरी बार तस्वीर कैद हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब भी बाघ गांव झाबुआ के जंगल में मौजूद है। वह कभी देर शाम तो कभी रात में निकल रहा है।
जंगल में कुल 10 कंपार्टमेंट हैं। दो से चार नंबर के कंपार्टमेंट में जाते समय बुधवार की शाम बाघ कैमरे में कैद हो गया। वन विभाग की टीम को अब 6 नंबर कंपार्टमेंट में बाघ के पंजों के निशान दिखाई मिले हैं। 2 दिन से बाघ की कोई गतिविधि नहीं हुई थी। वन विभाग की टीम भी काफी निराश हो चुकी थी। दूसरी बार बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने के बाद टीम फिर से सतर्क हो चुकी है और बाघ को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघ 2 दिन से एक ही जगह पर बैठा हुआ था, क्योंकि बरसात हो रही थी। बरसात के समय में बाघ ज्यादा हलचल नहीं करते हैं। ऐसे में अब जब बरसात नहीं हो रही है तो बाघ ने फिर से हलचल शुरू कर दी है।
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7 महीने पहले भी बाघ सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक आया था। उस समय हरियाणा सीमा के आस-पास गांव में उसने वनकर्मियों पर हमला भी किया था। इससे पहले उसने कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था।
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पहली बार सोमवार को कैमरे में कैद हुआ था बाघ

सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को कैमरे में कैद हुई थी। बाघ 2 दिन से मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा हुआ था। पूरा जंगल 750 एकड़ में बना हुआ है। फोटो सुबह के समय वन विभाग के ट्रैप कैमरों से ली गई थी। दरअसल, वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यह ट्रैप कैमरे किसी भी प्रकार की मूवमेंट को तुरंत कैद कर लेते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया हुआ है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं।

गांव में छाया है बाघ का खौफ

गांव झाबुआ में बाघ के दस्तक देने के बाद से ही लोग खौफ में हैं। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह के समय जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे, अब ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। अगर लोग खेतों में भी जा रहे हैं तो वह भी दिन के समय में डरे सहमे घर से निकल रहे हैं। फिलहाल जब तक बाघ नहीं पकड़ा जाता तब तक गांव में स्थिति इसी प्रकार की रहेगी।




वर्जन:

रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की कोशिश कर रही है। बाघ बुधवार की शाम कैमरे में कैद हुआ। बाघ को पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल।
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